हाईकोर्ट को बम की धमकी; ईमेल में अजमल कसाब और तमिलनाडु के सीएम का जिक्र
NEWS IN SHORT
- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और बलौदाबाजार जिला एवं सत्र न्यायालय को ईमेल के जरिए उड़ाने की धमकी मिली।
- मेल में RDX और पॉयजन गैस से विस्फोट की बात कही गई, साथ ही 26/11 के आतंकी अजमल कसाब का जिक्र।
- धमकी मिलते ही हाईकोर्ट परिसर खाली कराया गया, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ता सर्चिंग में जुटा।
- बलौदाबाजार कोर्ट को भी सुबह 11 बजे तक खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया।
- साइबर सेल ईमेल के स्रोत की जांच में जुटी, फिलहाल कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
NEWS IN DETAIL
ईमेल से मिली धमकी, मचा हड़कंप
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और बलौदाबाजार जिला एवं सत्र न्यायालय को मंगलवार सुबह धमकी भरा ईमेल मिला। जानकारी के अनुसार, Sunniya_dasan@outlook.com से भेजे गए इस मेल में कोर्ट परिसर को RDX और पॉयजन गैस के जरिए उड़ाने की धमकी दी गई थी।
मेल में 26/11 के आतंकी अजमल कसाब और तमिलनाडु के अजीत कुमार का जिक्र किया गया। द सूत्र के पास ईमेल की कॉपी है।
हाईकोर्ट परिसर कराया गया खाली
ईमेल मिलते ही हाईकोर्ट में अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद कोर्ट परिसर को खाली करा लिया गया। SSP रजनेश सिंह मौके पर पहुंचे और डॉग स्क्वॉड के साथ सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया।
बलौदाबाजार कोर्ट को भी अल्टीमेटम
बलौदाबाजार स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय को भी सुबह लगभग 11 बजे आधिकारिक ईमेल पर धमकी मिली। ईमेल में 11 बजे तक कोर्ट खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया था। पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने पूरे परिसर की गहन जांच की, हालांकि कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।
तमिलनाडु के मामले का जिक्र
धमकी भरे मेल में तमिलनाडु में चल रहे एक मामले, मंदिर के चौकीदार पर चोरी के आरोप और पुलिस लॉकअप में अजीत कुमार की मौत का जिक्र किया गया है। साथ ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का नाम भी उल्लेखित है।
पुलिस की जांच जारी
बलौदाबाजार के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि साइबर सेल की मदद से ईमेल के स्रोत का पता लगाया जा रहा है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और न्यायालय का कार्य सामान्य रूप से संचालित हो रहा है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
Knowledge
- RDX (Research Department Explosive) एक अत्यधिक शक्तिशाली सैन्य ग्रेड विस्फोटक है।
- ईमेल के जरिए धमकी देने के मामलों में साइबर ट्रेसिंग अहम भूमिका निभाती है।
- न्यायालय परिसरों में बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की नियमित तैनाती सुरक्षा का हिस्सा होती है।
- 26/11 हमले के आरोपी अजमल कसाब को 2012 में फांसी दी गई थी।
- फर्जी धमकी देने पर आईटी एक्ट और भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई होती है।
IMP FACTS
- हाईकोर्ट और बलौदाबाजार कोर्ट दोनों को एक ही दिन धमकी मिली।
- सुबह 11 बजे तक कोर्ट खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया था।
- डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा।
- अब तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
- साइबर सेल ईमेल आईडी और आईपी एड्रेस ट्रेस करने में जुटी है।
आगे क्या
- साइबर जांच के जरिए मेल भेजने वाले की पहचान की जाएगी।
- सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर अतिरिक्त इंतजाम किए जा सकते हैं।
- यदि धमकी फर्जी पाई जाती है तो आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और बलौदाबाजार न्यायालय को मिली बम धमकी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि प्रारंभिक जांच में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है, लेकिन पुलिस और साइबर सेल मामले की गहन जांच में जुटी है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए आमजन से शांति बनाए रखने की अपील की है।
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