लोकतंत्र सेनानी सम्मान राशि : अब हर महीने मिलेगी 25,000 तक की पेंशन
NEWS IN SHORT
- लोकतंत्र सेनानियों को मिलेगी मासिक पेंशनसम्मान राशि
- जेल की अवधि के आधार पर तय होगी राशि
- स्वास्थ्य सेवाएं और अंत्येष्टि के लिए 25,000 रुपए की सहायता
- पात्रता के लिए जरूरी होगा प्रमाण पत्र
- गलत जानकारी देने पर वसूली और दंड के प्रावधान
NEWS IN DETAIL
Raipur। छत्तीसगढ़ सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए एक नई पहल शुरू की है। अब आपातकाल के दौरान जेल में रहने वाले सेनानियों को मासिक सम्मान निधि मिलेगी, जो उनकी जेल में रहने की अवधि पर निर्भर करेगी। यह राशि 8,000 रुपए से लेकर 25,000 रुपए तक हो सकती है।
कैसे तय होगी सम्मान राशि?
इस नए प्रारूप के अनुसार, लोकतंत्र सेनानियों को जेल में बिताई गई अवधि के आधार पर सम्मान राशि मिलेगी। यह राशि तीन श्रेणियों में बांटी जाएगी
1 माह से कम अवधि - 8,000 रुपए प्रति माह
1 माह से 5 माह तक - 15,000 रुपए प्रति माह
15 माह या उससे अधिक अवधि - 25,000 रुपए प्रति माह
इसके अलावा, अगर किसी सेनानी की मृत्यु हो जाती है, तो उनके पत्नी को इस राशि का आधा हिस्सा आजीवन मिलेगा।
स्वास्थ्य सेवाएं और अंतिम संस्कार की सुविधा
लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की तरह ही निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं दी जाएंगी। यदि किसी सेनानी का निधन हो जाता है, तो उनकी अंतिम यात्रा में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा मनोनीत द्वितीय श्रेणी के अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही, परिवार को 25,000 रुपए की वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी।
कौन होंगे पात्र?
यह सम्मान राशि केवल उन व्यक्तियों को मिलेगी जो मीसा या डीआईआर कानून के तहत राजनैतिक या सामाजिक कारणों से जेल में रहे थे। अगर किसी व्यक्ति का आपराधिक रिकॉर्ड था, तो वह इस सम्मान राशि के पात्र नहीं होंगे। पात्र व्यक्तियों को जिला मजिस्ट्रेट द्वारा लोकतंत्र सेनानी सम्मान राशि पात्रता कार्ड जारी किया जाएगा।
आवेदन प्रक्रिया और चयन समिति
पात्र व्यक्तियों को घोषणा के बाद 90 दिनों के भीतर जिला मजिस्ट्रेट के पास आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ जेल अधीक्षक या जिला पुलिस अधीक्षक का प्रमाण पत्र भी अनिवार्य होगा। आवेदन की जांच और चयन के लिए एक समिति बनाई जाएगी, जिसके अध्यक्ष जिले के प्रभारी मंत्री होंगे। अन्य सदस्य में जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक और जेल अधीक्षक शामिल होंगे।
दंड और अपात्रता के प्रावधान
यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेज़ प्रस्तुत कर सम्मान राशि प्राप्त करता है, तो वह राशि भू-राजस्व के बकाए की तरह वसूली जाएगी। इसके अलावा, नैतिक अवमानना या राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर सम्मान राशि को रोका या निरस्त किया जा सकता है।
राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव पर आम जनता से 30 दिनों के भीतर सुझाव या आपत्तियां मांगी हैं। इन सुझावों को सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय (महानदी भवन रायपुर) को भेजा जा सकता है।
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