मंत्रालय में 5 अवर सचिवों के विभाग बदले, गृह से लेकर जनसंपर्क और राजस्व तक नई जिम्मेदारियां, तत्काल संभालना होगा प्रभार
आदेश में साफ है कि नई पदस्थापना पर कार्यभार संभालकर तत्काल पालन प्रतिवेदन देना होगा। यह बदलाव आगामी आदेश तक अस्थायी तौर पर किया गया है।
किसे कहां भेजा गया?
सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में पदस्थ अवर सचिव परमानंद को गृह विभाग भेजा गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में जिम्मेदारी संभाल रहे साबिर खान को पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों अधिकारियों को अब नए विभागों में कामकाज संभालना होगा।
जेल विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी
जेल विभाग में पदस्थ अवर सचिव रत्तूलाल ध्रुव को खेल एवं युवा कल्याण विभाग भेजा गया है। हालांकि, जेल विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी उनके पास रहेगा। यानी विभाग बदलने के बाद भी जेल विभाग की जिम्मेदारी उनसे पूरी तरह नहीं हटाई गई है। ऐसे में उन्हें दोनों विभागों का कामकाज देखना होगा।
जनसंपर्क और राजस्व में नई तैनाती
खेल एवं युवा कल्याण विभाग में पदस्थ अवर सचिव दीपकुमारी खेस्स को जनसंपर्क विभाग भेजा गया है। वहीं लोकभवन सचिवालय में पदस्थ अवर सचिव त्रिलोचन पवार को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस फेरबदल से मंत्रालय के पांच अधिकारियों के कामकाज का दायरा बदल गया है। खास बात यह है कि जनसंपर्क और राजस्व जैसे विभागों में नई पदस्थापना की गई है।
तत्काल कार्यभार संभालने का आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश में अधिकारियों को नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद उन्हें विभाग को तत्काल पालन प्रतिवेदन भी सौंपना होगा। यानी आदेश जारी होने के बाद कार्यभार संभालने की प्रक्रिया में देरी नहीं की जानी है। यह व्यवस्था 19 जुलाई 2024 के परिपत्र में दिए गए निर्देशों के तहत लागू की गई है।
आखिर क्यों हुआ फेरबदल?
प्रशासनिक आदेश में विभाग बदलने की वजह का खुलासा नहीं किया गया है। न ही किसी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई या शिकायत का उल्लेख है। ऐसे में इसे सामान्य प्रशासनिक फेरबदल के तौर पर देखा जा सकता है। हालांकि, पांच अधिकारियों की एक साथ नई पदस्थापना से मंत्रालय के भीतर जिम्मेदारियों का बंटवारा जरूर बदला है। आदेश क्रमांक ESTB-102/267/2026-GAD-8 के तहत यह व्यवस्था आगामी आदेश तक लागू रहेगी।