छत्तीसगढ़ में नर्सिंग स्टाफ का बड़ा ऐलान: ग्रेड पे की मांग को लेकर 18 नवंबर से प्रदेशभर में आंदोलन

VINAY VERMA | Sept 29, 2026, 16:17 IST
छत्तीसगढ़ में नर्सिंग स्टाफ करेंगे हड़ताल
छत्तीसगढ़ में नर्सिंग स्टाफ का सरकार के खिलाफ गुस्सा अब सड़क पर उतरता दिख रहा है। नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ ने ग्रेड पे को लेकर 18 नवंबर से प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान किया है। संघ का कहना है कि ग्रेड पे वेतनमान को लेकर प्रस्ताव तैयार होने के बावजूद उसे लागू करने पर सरकार की तरफ से कोई ठोस पहल नहीं हुई है।

मेडिकल कॉलेजों में विरोध शुरू

28 सितंबर को कोरबा, अंबिकापुर और महासमुंद मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों के नर्सिंग स्टाफ ने अस्पताल परिसर में दो घंटे का सांकेतिक विरोध किया। इससे पहले रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय परिसर में 9, 10 और 11 सितंबर को नर्सिंग स्टाफ ने इसी तरह विरोध जताया था। संघ का दावा है कि लगातार प्रदर्शन के बाद भी सरकार की ओर से मांग पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।



अब बाकी मेडिकल कॉलेजों की बारी

नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन के मुताबिक आने वाले सप्ताह में जगदलपुर, कांकेर और राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में भी सांकेतिक प्रदर्शन किए जाएंगे। यानी विरोध अब धीरे-धीरे पूरे प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों तक पहुंचाने की तैयारी है। संघ ने साफ कर दिया है कि यह सिर्फ एक दिन का प्रदर्शन नहीं होगा। अगर दीपावली से पहले ग्रेड पे वेतनमान के प्रस्ताव को लागू नहीं किया गया तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन रूप दे दिया जाएगा।




10 मेडिकल कॉलेज होंगे प्रभावित

संघ के ऐलान के मुताबिक 18 नवंबर से प्रदेश के सभी 10 मेडिकल कॉलेजों के नर्सिंग संवर्ग आंदोलन में शामिल होंगे। इसमें नियमित कर्मचारियों के साथ संविदा और डेली वेजेस पर काम करने वाला नर्सिंग स्टाफ भी शामिल रहेगा। इससे अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि आंदोलन का असर कितना होगा, यह इसमें शामिल होने वाले कर्मचारियों की संख्या और अस्पतालों में वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्भर करेगा।



50 दिन पहले सरकार को सूचना

संघ ने आंदोलन की तैयारी भी शुरू कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रीना राजपूत के मुताबिक अनिश्चितकालीन आंदोलन की करीब 50 दिन पहले सूचना देने के लिए स्कूटी रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने की अनुमति मांगी गई है। संघ का कहना है कि सरकार के पास मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त समय है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार दीपावली से पहले कोई फैसला करती है या आंदोलन की तारीख आने तक मामला खिंचता रहता है।




2018 का आंदोलन फिर याद आया

नर्सिंग संघ ने अपने पुराने आंदोलन का भी हवाला दिया है। संघ के मुताबिक 2018 में प्रदेशभर में 18 दिन तक बड़ा आंदोलन चला था। इस दौरान दो दिनों तक नर्सों को जेल में रखा गया था। संघ का दावा है कि उस समय मांगों पर शासन स्तर से अनुशंसा हुई थी, लेकिन लागू करने के बजाय जून 2021 में उसे अमान्य कर दिया गया।



स्टाइपेंड बढ़ा, ग्रेड पे क्यों नहीं?

संघ ने पीजी स्टूडेंट्स के स्टाइपेंड में 2019, 2023 और 2026 में लगातार तीसरी बार वृद्धि के आदेश जारी होने का हवाला दिया है। नर्सिंग संवर्ग का सवाल है कि जब दूसरे स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्थिक मांगों पर फैसले हो सकते हैं तो नर्सिंग स्टाफ के ग्रेड पे प्रस्ताव को लागू करने में देरी क्यों?



संघ का कहना है कि डॉक्टरों को अस्पताल का मस्तिष्क और नर्सों को रीढ़ की हड्डी कहा जाता है। ऐसे में नर्सिंग संवर्ग के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए पूरा नर्सिंग समुदाय अब न्याय की मांग कर रहा है।अब गेंद सरकार के पाले में है—18 नवंबर से पहले फैसला होता है या अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ का अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू होता है।



  1. छत्तीसगढ़ में नर्सिंग स्टाफ का आंदोलन कब शुरू होगा?
    नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन के अनुसार, 18 नवंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की तैयारी है।
  2. नर्सिंग स्टाफ किस मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है?
    नर्सिंग स्टाफ की मुख्य मांग ग्रेड पे वेतनमान लागू करने की है। संघ का कहना है कि इस संबंध में प्रस्ताव तैयार होने के बावजूद अब तक ठोस फैसला नहीं हुआ है।
  3. नर्सिंग स्टाफ की ग्रेड पे की मांग क्या है?
    नर्सिंग संवर्ग की मांग है कि उनके लिए प्रस्तावित ग्रेड पे वेतनमान को लागू किया जाए, जिससे उनके वेतनमान में निर्धारित नियमों के अनुसार सुधार हो सके।
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