छत्तीसगढ़ में तेल पर पहरा : जमाखोरों पर सरकार सख्त, डिब्बे-बोतल में पेट्रोल दिया तो सीधे सील होगा पंप

thesootr Desk | Mar 26, 2026, 14:35 IST
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छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अब पेट्रोल पंपों पर कंटेनरों में ईंधन की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। पंप संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

NEWS IN SHORT

  • कंटेनर या डिब्बे में पेट्रोल-डीजल देने पर लगी रोक
  • नियम तोड़ा तो पेट्रोल पंप होगा सीधे सील
  • UP से सप्लाई ठप होने से छत्तीसगढ़ में बढ़ा संकट
  • जमाखोरी रोकने के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम तैयार
  • ट्रैक्टर और मशीनों के लिए डीजल मिलना हुआ मुश्किल

NEWS IN DETAIL

Raipur : छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी पर काबू पाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अब पेट्रोल पंपों पर ड्रम, डिब्बा और जैरी कैन में पेट्रोल-डीजल देने पर सख्ती बढ़ा दी गई है। तेल कंपनियां और जिला प्रशासन ने पंप संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी हालत में कंटेनरों में तेल की बिक्री नहीं की जाए। यदि ऐसा हुआ तो पंप को बंद करने जैसी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।



कंट्रोल रूम और सख्त निगरानी

राज्य स्तर पर एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, और खाद्य विभाग लगातार जिलों में पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश भेज रहा है। विभाग ने पंप संचालकों को यह भी चेतावनी दी है कि यदि किसी पेट्रोल पंप पर कंटेनरों में पेट्रोल-डीजल की बिक्री का कोई वीडियो या फोटो सामने आया, तो संबंधित पंप पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें तेल कंपनी और कलेक्टोरेट स्तर पर लाइसेंस निलंबन या पंप बंद करने की कार्रवाई शामिल हो सकती है।



पड़ोसी राज्यों से सप्लाई प्रभावित

उत्तर प्रदेश के मुगलसराय डिपो से छत्तीसगढ़ में आने वाली डीजल सप्लाई भी प्रभावित हो गई है। अब तक राज्य में प्रतिदिन लगभग 400 टैंकर डीजल आता था, लेकिन हाल ही में डीजल की कीमत में 22 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद, यह व्यवस्था लगभग ठप हो गई है। कीमतों के बढ़ने के कारण उत्तर प्रदेश से आने वाला डीजल छत्तीसगढ़ के पेट्रोल पंपों की तुलना में महंगा पड़ने लगा है। इससे कंज्यूमर पंप संचालकों ने बाहरी सप्लाई बंद कर दी है।



किसानों और छोटे कारोबारियों पर असर

रिटेल पंपों पर डीजल की बिक्री में सख्ती और डीजल की बढ़ी हुई कीमतों के कारण छोटे किसान, ठेकेदार और कारोबारी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ट्रैक्टर, जेसीबी, जनरेटर और अन्य मशीनों के लिए डीजल लाना मुश्किल हो गया है। खासकर दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में, जहां पेट्रोल पंप तक पहुंचना मुश्किल है, वहां की स्थिति और भी जटिल हो गई है। इसके चलते प्रशासन पर नियमों में आंशिक राहत देने का दबाव बढ़ सकता है।



पेट्रोल-डीजल और गैस की आपूर्ति सामान्य

तेल कंपनियों के अधिकारियों के अनुसार, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई और बढ़ोतरी नहीं हुई है। पेट्रोलियम टर्मिनलों में पर्याप्त स्टॉक भी उपलब्ध है। साथ ही एलपीजी की आपूर्ति भी सामान्य है। कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी गई है। ढाबों, होटलों और औद्योगिक कैंटीनों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। अब तक राज्यों को 22 हजार टन कमर्शियल एलपीजी और 30 हजार 5 किलो के सिलिंडर जारी किए गए हैं। घरेलू एलपीजी की कोई कमी नहीं है।



निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया हैं। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईंधन की आपूर्ति सुचारु रूप से चलती रहे और कोई व्यक्ति या समूह इसका लाभ उठाकर किल्लत न पैदा करें। वहीं, प्रशासन और तेल कंपनियों द्वारा राहत देने के प्रयासों से आने वाले दिनों में स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है।



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