आरक्षक भर्ती में वेटिंग वालों को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की अर्जी खारिज

VINAY VERMA | Sept 15, 2026, 18:30 IST
सुप्रीम कोर्ट से सरकार की SLP खारिज
छत्तीसगढ़ आरक्षक भर्ती के वेटिंग अभ्यर्थियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने राज्य सरकार की SLP खारिज कर दी। अब 2259 पदों की भर्ती में खाली पदों पर पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ होने की उम्मीद बढ़ गई है।

छत्तीसगढ़ की आरक्षक भर्ती में वेटिंग लिस्ट में फंसे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका यानी SLP खारिज कर दी है। अब उन पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ होने की उम्मीद बढ़ गई है, जिनके मामले में हाईकोर्ट पहले ही राहत दे चुका था। लंबे समय से नौकरी का इंतजार कर रहे 400 से ज्यादा अभ्यर्थियों की नजर अब पुलिस विभाग की अगली कार्रवाई पर है।



मामला 2259 पदों का

यह विवाद उस भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है, जिसमें 2259 आरक्षक पदों के लिए चयन प्रक्रिया हुई थी। 1 मार्च 2021 को चयन सूची के साथ वेटिंग लिस्ट भी जारी की गई थी। चयनित अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण और ज्वाइनिंग के बाद कई पद खाली रह गए। वेटिंग में शामिल अभ्यर्थियों ने इन्हीं खाली पदों पर नियुक्ति की मांग उठाई और मामला हाईकोर्ट पहुंचा।



हाईकोर्ट ने क्या कहा था

हाईकोर्ट ने साफ किया था कि पहले यह पता लगाया जाए कि अलग-अलग जिले और कैटेगरी में वास्तव में कितने पद खाली हैं। इसके बाद वेटिंग लिस्ट में शामिल योग्य अभ्यर्थियों के मामलों पर आरक्षण रोस्टर और मेरिट के हिसाब से विचार किया जाए। हालांकि प्रमोशन, रिटायरमेंट या मौत से बाद में खाली हुए पदों को इसमें शामिल नहीं किया जाना था। पूरी प्रक्रिया तीन महीने में पूरी करने का निर्देश दिया गया था।



सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट

हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल की। सरकार की कोशिश थी कि हाईकोर्ट के आदेश पर आगे की नियुक्ति प्रक्रिया को रोका या बदला जा सके। लेकिन सुप्रीम कोर्ट से SLP खारिज होने के बाद अब सरकार के सामने हाईकोर्ट के निर्देश के मुताबिक आगे बढ़ने का रास्ता बचता है। हालांकि नियुक्ति अपने आप नहीं होगी, संबंधित अभ्यर्थियों की पात्रता, दस्तावेज और मेरिट की जांच जरूरी रहेगी।



400 से ज्यादा को उम्मीद

वेटिंग लिस्ट में शामिल 400 से ज्यादा अभ्यर्थी लंबे समय से ज्वाइनिंग का इंतजार कर रहे हैं। इनके लिए सुप्रीम कोर्ट का आदेश इसलिए अहम है क्योंकि मामला अब सिर्फ विभागीय फाइलों में अटकाने का नहीं रह गया है। पात्र पाए जाने वाले अभ्यर्थियों को खाली पदों के हिसाब से मेरिट और आरक्षण नियमों के तहत मौका देना होगा।



एक से ज्यादा जगह चयन बना पेंच

आरक्षक भर्ती में एक बड़ा पेच यह भी रहा कि कुछ अभ्यर्थियों के नाम एक से ज्यादा जिलों की चयन सूची में आए थे। हाईकोर्ट में इसी वजह से ज्वाइनिंग के बाद खाली रह जाने वाले पदों को वेटिंग लिस्ट से भरने का मुद्दा उठा था। मार्च 2026 की रिपोर्टों में 5967 पदों वाली नई भर्ती में भी इसी तरह एक से ज्यादा जगह चयन के कारण रिक्तियां बनने की बात सामने आई थी।



अब विभाग की परीक्षा

सुप्रीम कोर्ट से सरकार की SLP खारिज होने के बाद असली परीक्षा अब पुलिस विभाग की है। उसे यह बताना होगा कि कितने पद वास्तव में खाली हैं, किस जिले में कितने पद हैं और वेटिंग लिस्ट में किस अभ्यर्थी का नंबर बनता है। हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक यह काम सिर्फ मनमाने तरीके से नहीं, बल्कि मेरिट और आरक्षण रोस्टर के हिसाब से करना होगा।



नौकरी की उम्मीद जगी

वर्षों से भर्ती की कतार में खड़े अभ्यर्थियों के लिए यह फैसला बड़ी राहत है। लेकिन अभी नियुक्ति पत्र हाथ में नहीं आया है। पात्रता और दस्तावेज सत्यापन जैसी प्रक्रिया बाकी रहेगी। अब निगाह इस बात पर है कि सरकार और पुलिस विभाग सुप्रीम कोर्ट के बाद कितनी तेजी से प्रक्रिया पूरी करते हैं। 400 से ज्यादा युवाओं के लिए अब इंतजार की घड़ी खत्म होने की उम्मीद जरूर बढ़ गई है।



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