सरकार ने 12 फीसदी रोजगार टैक्स लगाकर कमाए 300 करोड़, कौशल विकास के नाम पर सिखा रहे शेविंग करना और कपड़े धोना

Arun Tiwari | Apr 03, 2026, 14:31 IST
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छत्तीसगढ़ सरकार ने रोजगार टैक्स लगाकर तीन साल में 300 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाए। लेकिन सरकार युवाओं को रोजगार नहीं दे पा रही। रोजगार के लिए कौशल विकास किया जा रहा है लेकिन स्किल ट्रेनिंग में शेविंग करना,कपड़े धोना,फूल पौधे लगाना सिखाया जा रहा है।

News In Short

  • सरकार ने रोजगार टैक्स से कमाए 308.93 करोड़
  • रजिस्ट्री पर लगाया जा रहा है 12 फीसदी रोजगार टैक्स
  • कौशल विकास के नाम पर बनाया जा रहा गार्डनर और लॉड्री वाला
  • प्रदेश में 15 लाख से ज्यादा बेरोजगार जिनमें आधे पढ़े लिखे

News In Detail

क्या आप जानते हैं कि सरकार युवाओं को रोजगार देने के नाम पर छत्तीसगढ़ के लोगों से रोजगार टैक्स वसूल रही है। और वो भी कोई एक दो परसेंट नहीं बल्कि पूरे 12 परसेंट। यह टैक्स जमीन की रजिस्ट्री पर लिया जाता है जिसे रोजगार उपकर कहा जाता है। इससे पिछले तीन साल में सरकार ने 300 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर ली है।



लेकिन सरकार को यह नहीं पता कि यह पैसा कहां किस पर खर्च किया जा रहा है। वहीं कौशल विकास के नाम पर बेरोजगारों को टेलरिंग,गार्डनिंग,सिक्यूरिटी गार्ड,कूरियर और लांड्री वाले की ट्रेनिंग दे रही है।



रोजगार का 12 परसेंट टैक्स :

छत्तीसगढ़ में लाख कोशिशों के बाद भी रोजगार मॉडल खड़ा नहीं हो पा रहा है। रोजगार के लिए सरकार नए नए प्रयोग भी कर रही है लेकिन नतीजा कुछ खास नहीं निकल पा रहा। प्रदेश में इस समय 15 लाख 75 हजार 758 बेरोजगार युवा हैं जिनमें से आधे पढ़े लिखे नौजवान हैं। इन नौजवानों को रोजगार देने के लिए सरकार ने नया रास्ता निकाला।



रजिस्ट्री पर 12 फीसदी रोजगार टैक्स (Employment Tax) लगा दिया। पिछले तीन साल में सरकार ने इससे 308.93 करोड़ रुपए भी कमा लिए। लेकिन सरकार का वित्त विभाग कहता है कि इस फंड के खर्च की एक एक चीज का हिसाब नहीं रखा जाता।



इन जिलों में इतने करोड़ कमाए :

रायपुर - 115.94 करोड़


दुर्ग - 40.88 करोड़


बिलासपुर - 31.52 करोड़


रायगढ़ - 20.28 करोड़


राजनांदगांव - 14.71 करोड़


जांजगीर चांपा - 10.59 करोड़


बेमेतरा - 8.85 करोड़


बलौदाबाजार - 8.29 करोड़


दंतेवाड़ा - 7.31 करोड़


धमतरी - 7.10 करोड़



यह है सरकार का कौशल विकास :

रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब कहते हैं कि युवाओं का कौशल विकास किया जा रहा है। ताकि उनको निजी क्षेत्र में रोजगार मिल सके। इसके लिए आईटीआई में नई नई ट्रेड शुरु की गई हैं। अब हम आपको बताते हैं कि ये ट्रेड कौन सी हैं। लोगों को स्किल डेवलपमेंट के लिए शेविंग मशीन ऑपरेटर, टेलर, लॉड्री मैन, पेड़ पौधे लगाना, पानी बांटना और सिक्युरिटी गार्ड की ट्रेनिंग दी जा रही है।



सरकार ने पिछले दो साल में 36 हजार लोगों को इसमें ट्रेंड कर दिया है लेकिन रोजगार कुल जमा 9 हजार लोगों को मिल पाया है। हम मानते हैं कि काम कोई छोटा बड़ा नहीं होता, काम तो काम होता है। लेकिन 15 लाख बेरोजगारों में से साहेब आधे पढ़े लिखे भी हैं जो पोस्ट ग्रेजुएट और ग्रेजुएट भी हैं उनके लिए भी रोजगार का कोई मुकम्मल इंतजाम सोच लेते।



ये हैं कुछ प्रमुख ट्रेड :

असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन


सेल्फ एम्प्लायड टेलर


कूरियर डिलेवरी एग्जीक्यूटिव


जनरल ड्यूटी असिस्टेंट


लांड्री मैन


सेविंग मशीन ऑपरेटर


सेक्युरिटी गार्ड


जल वितरक संचालक


मशरुम ग्रोवर


गार्डनर



यह है बेरोजगारों की शिक्षा की स्थिति :

पोस्ट ग्रेजुएट - 156998


ग्रेजुएट - 261412


12वीं - 480049


10वीं - 63880


8वीं - 34162


5वीं - 19609


तकनीकी एवं व्यवसायिक - 354811



यह है रोजगार की स्थिति :

साल 2024-25 :


रोजगार मेला या प्लेसमेंट कैंप - 311


चयन - 5314



साल 2025-26 :


रोजगार मेला या प्लेसमेंट कैंप - 245


चयन - 4149



Sootr knowledge :

प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी न केवल आर्थिक समस्या है, बल्कि इसका सीधा असर सामाजिक स्थिरता और युवाओं के भविष्य पर भी पड़ रहा है। अगर जल्द ही प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है। सरकार रोजागार मॉडल निवेश पर आधारित है लेकिन उम्मीद के अनुरुप प्रदेश में निवेश नहीं आ पा रहा है।



सरकार की कोशिशें बहुत हैं लेकिन वे कंपनियों के वादे के बाद भी परवान नहीं चढ़ पा रही हैं। दो साल में सरकार महज 9 हजार लोगों को ही रोजगार दे पाई है। अब सरकार को रोजगार का कोई ठोस उपाय सोचना होगा वरना यही बेरोजगार बड़ी समस्या बन जाएंगे।



important points :

. छत्तीसगढ़ में बेरोजगारों की संख्या 15 लाख के पार


. दो साल में 4 लाख से ज्यादा युवाओं की बढ़ोतरी।


. बीजेपी सरकार के सत्ता में आने के बाद बेरोजगारों में इजाफा


. रोजगार मंत्री के जिले में ही 88 हजार से ज्यादा बेरोजगार


. सरकार अब तक प्रभावी रोजगार मॉडल तैयार करने में नाकाम



अब आगे क्या :

विशेषज्ञों का मानना है कि बेरोजगारी बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। औद्योगिक निवेश की धीमी गति, सरकारी भर्तियों में देरी, निजी क्षेत्र में नए अवसरों की कमी और कौशल विकास योजनाओं का अपेक्षित परिणाम न दे पाना प्रमुख वजहें मानी जा रही हैं।



युवाओं का कहना है कि सरकार की घोषणाएं कागजों तक सीमित रह गई हैं, जबकि जमीनी स्तर पर रोजगार के अवसर नहीं दिख रहे। सरकार अब रोजगार के अवसर बढ़ाने की बात तो कर रही है लेकिन कोई ठोस रोजगार मॉडल खड़ा नहीं हो पा रहा है। सरकार को इस रोजगार फंड को रोजगार देने में खर्च करना होगा।



निष्कर्ष :

सरकार के सामने रोजगार देना सबसे बड़ी चुनौती है। सरकार का रोजगार मॉडल निवेश पर आधारित है। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन कहते हैं कि छत्तीसगढ़ में नवंबर 2024 से अब तक 18 क्षेत्रों में 7.83 लाख करोड़ रूपए के 219 निवेश प्रस्ताव मिले है।



जिनसे 1.5 लाख रोजगार सृजित होंगे। लेकिन सवाल यह है कि निवेश प्रस्ताव तो मिल रहे हैं लेकिन ये जमीन पर कब उतरेंगे। जब उद्योग लगेंगे तभी रोजगार हासिल होगा। सरकार महतारी वंदन पर अब तक 14 हजार करोड़ से ज्यादा की राशि बांट चुकी है। इससे कहीं ज्यादा किसानों को मुफ्त सुविधाएं और बोनस की राशि पर खर्च हो रहा है।



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