CG TET : क्या खतरे में है 3750 शिक्षकों का भविष्य? सुप्रीम फैसले के बाद एसोसिएशन ने खोला मोर्चा

Umeshwari Baghel | May 31, 2026, 22:32 IST
cg-tet-exam-2026
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य कर दिया। छत्तीसगढ़ में यह फैसला लगभग 3750 शिक्षकों पर लागू होगा। टीचर्स एसोसिएशन ने शासन से जुलाई 2026 में विशेष विभागीय सीमित परीक्षा आयोजित करने की मांग की है।

NEWS IN SHORT

  • सुप्रीम कोर्ट का फैसला : TET पास करना हुआ अनिवार्य
  • छत्तीसगढ़ के 3750 शिक्षकों पर पड़ेगा असर
  • टीचर्स एसोसिएशन ने विशेष विभागीय परीक्षा की मांग की
  • समय-सीमा बढ़ी, अब अंतिम तिथि 31 अगस्त 2028
  • शिक्षकों को परीक्षा की तैयारी में सकारात्मक रहने की अपील

NEWS IN DETAIL

CG TET Exam 2026 Schedule :सुप्रीम कोर्ट ने 29 मई 2026 को एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए प्राथमिक और मिडिल स्कूल में कार्यरत सभी शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अनिवार्य कर दिया।



इस फैसले के बाद शिक्षक अपनी सेवा सुरक्षा और पदोन्नति के अवसर बनाए रखने के लिए इस परीक्षा में सफल होना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि टीईटी पास करना अब केवल नए शिक्षकों के लिए नहीं बल्कि सभी कार्यरत शिक्षकों के लिए अनिवार्य है।



छत्तीसगढ़ में इस फैसले का असर लगभग 3750 शिक्षकों पर पड़ेगा। इनमें प्राथमिक और मिडिल स्कूलों के शिक्षकों का बड़ा हिस्सा शामिल है। शिक्षा विभाग और शिक्षक समुदाय अब इस फैसले के कार्यान्वयन की तैयारी में जुट गए हैं।



टीचर्स एसोसिएशन की पहल

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने इस फैसले के तुरंत बाद स्कूल शिक्षा विभाग और लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर के अधिकारियों को पत्र भेजा। संघ ने पत्र में आग्रह किया है कि जुलाई 2026 में कार्यरत शिक्षकों के लिए एक विशेष विभागीय सीमित TET परीक्षा आयोजित की जाए। संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार चन्द्रवंशी ने कहा कि इस कदम से न केवल शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और पदोन्नति सुनिश्चित होगी, बल्कि स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।



3750 शिक्षकों पर TET अनिवार्यता

टीचर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, यह अनिवार्यता केवल प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों पर लागू होगी। कुल 3750 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें अपनी सेवा सुरक्षा और पदोन्नति के लिए TET परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा।



संघ ने शिक्षकों से अपील की है कि वे इस फैसले को लेकर तनाव में न आएं और पूरी सकारात्मकता के साथ परीक्षा की तैयारी में जुटें। टीचर्स एसोसिएशन इस समय शिक्षक हितों और उनकी सेवा सुरक्षा को बनाए रखने के लिए शासन स्तर पर लगातार प्रयासरत है।



समय-सीमा में राहत

शिक्षकों के लिए राहत की खबर यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने TET पास करने की समय-सीमा बढ़ा दी है। पहले यह अंतिम तिथि 31 अगस्त 2027 थी। नए फैसले के अनुसार अब यह 31 अगस्त 2028 तक बढ़ा दी गई है।



सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि साल में कम से कम दो बार TET परीक्षा आयोजित की जाए, ताकि सभी कार्यरत शिक्षकों को अपनी योग्यता साबित करने के पर्याप्त अवसर मिल सकें। इससे शिक्षक अपनी सेवा सुरक्षा और पदोन्नति के लिए समय पर तैयारी कर सकेंगे।



टीचर्स एसोसिएशन के सुझाव

टीचर्स एसोसिएशन ने शासन को व्यावहारिक सुझाव भी भेजे हैं। उनके सुझाव इस प्रकार हैं



कार्यरत शिक्षकों के लिए एक अलग और विशेष विभागीय सीमित TET परीक्षा आयोजित की जाए।



परीक्षा का सिलेबस सामान्य न होकर शिक्षकों के अनुभव और व्यावहारिक ज्ञान पर आधारित हो।



प्रश्नपत्रों में कक्षा 1 से 5वीं और 6वीं से 8वीं तक के पाठ्यक्रम से सामान्य शैक्षणिक समझ और शिक्षण अवधारणाएं शामिल हों।



प्राथमिक और मिडिल स्तर की TET परीक्षा के बीच पर्याप्त अंतराल रखा जाए।



संघ का मानना है कि इससे वरिष्ठ शिक्षक भी पदोन्नति और सेवा सुरक्षा के लाभ से वंचित नहीं होंगे।



121


शिक्षकों के लिए संदेश

टीचर्स एसोसिएशन ने सभी शिक्षकों से कहा कि वे परीक्षा को लेकर घबराएं नहीं। सभी शिक्षक अपनी तैयारी पर ध्यान दें और पूरी सकारात्मकता के साथ TET में शामिल हों। संघ हमेशा शिक्षक हितों और उनकी सेवा सुरक्षा को बनाए रखने के लिए प्रशासन के साथ संवाद कर रहा है।



संघ ने यह भी जोर दिया कि परीक्षा का उद्देश्य केवल योग्यता का मूल्यांकन है, न कि किसी शिक्षक को परेशान करना। इसलिए शिक्षक अपने अनुभव और ज्ञान के आधार पर परीक्षा में सफल हो सकते हैं।



FAQ

  1. TET परीक्षा किन शिक्षकों के लिए अनिवार्य है?
    यह केवल प्राथमिक और मिडिल स्कूल में कार्यरत शिक्षकों के लिए लागू है।
  2. TET पास करने की नई अंतिम तिथि क्या है?
    सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार अंतिम तिथि अब 31 अगस्त 2028 है।
  3. क्या सरकार साल में दो बार परीक्षा आयोजित करेगी?
    हां, सुप्रीम कोर्ट ने कम से कम दो बार परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया है।
  4. विशेष विभागीय सीमित TET परीक्षा क्या है?
    यह केवल कार्यरत शिक्षकों के लिए होगी और इसमें उनके अनुभव और व्यावहारिक ज्ञान पर आधारित प्रश्न होंगे।

यह खबरें भी पढ़े...

TET में आरक्षण का लाभ लेकर पास हुए उम्मीदवार नहीं हो सकेंगे जनरल सीट पर भर्ती



CG Top News : छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें...



पैरोल के बाद भी कैदी हिरासत में, सुप्रीम कोर्ट ने दिया 11 लाख के मुआवजे के आदेश



गहराया बजरी संकट, सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई तक लगाई माइनिंग लीज पर रोक



Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • छत्तीसगढ़
  • TET
  • CG TET Exam 2026 Schedule
  • छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन