परिवहन विभाग का बड़ा अभियान: 350 बसों की जांच, वसूला 5 लाख जुर्माना

Harrison Masih | Jun 12, 2026, 15:15 IST
छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग का विशेष अभियान 2026
छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने सुप्रीम कोर्ट और NHRC के निर्देश पर बस सुरक्षा अभियान चलाया है। अब तक 350 वाहनों की जांच में 5.50 लाख रुपए जुर्माना वसूला गया है। स्लीपर बसों में अवैध केबिन मौके पर हटाए जा रहे हैं।

समझें क्या है पूरा मामला...

छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने प्रदेशभर में यात्री बसों की सघन जांच का अभियान शुरू किया है। यह अभियान राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग यानी एनएचआरसी (NHRC - National Human Rights Commission) और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत चलाया जा रहा है। अब तक लगभग 350 वाहनों की जांच हो चुकी है और 5.50 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया है। स्लीपर कोच बसों में अवैध केबिन और स्लाइडर मौके पर ही हटाए जा रहे हैं। परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश ने सभी अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।



क्यों शुरू हुआ यह अभियान

सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित बनाना इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है। सर्वोच्च न्यायालय और एनएचआरसी ने यात्री सुरक्षा को लेकर राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिए थे।



इन निर्देशों के जमीनी क्रियान्वयन के लिए परिवहन विभाग ने यह विशेष अभियान शुरू किया। अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।



स्लीपर बसों पर है खास नजर

परिवहन आयुक्त ने सभी क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारियों को स्लीपर कोच बसों की कड़ाई से जांच करने के निर्देश दिए हैं। इन बसों में चालक दल के लिए बनाए गए अनधिकृत विभाजन और स्लीपर बर्थ में लगे अवैध स्लाइडर मौके पर ही हटाए जा रहे हैं। यह सुविधाएं यात्रियों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं।



क्या-क्या जांचा जा रहा है

जांच के दौरान बसों में कम से कम 10 किलोग्राम क्षमता के अग्निशमन यंत्र की उपलब्धता अनिवार्य रूप से देखी जा रही है। बसों में जीपीएस (GPS - Global Positioning System) की उपलब्धता और उसके ठीक काम करने की भी जांच हो रही है।



बसों के वैध पंजीयन, फिटनेस, परमिट और एआईएस-119 (AIS-119 - Automotive Industry Standard 119) मानकों के अनुरूप निर्माण की गहन जांच की जा रही है। निर्धारित मानकों से अलग बनी बस बॉडी के खिलाफ भी कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।



बस यात्रा में इन बातों का रखें ध्यान


नियम तोड़ा तो यह होगी कार्रवाई

परिवहन आयुक्त ने साफ कहा है कि सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले वाहनों पर मोटरयान अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई होगी। नियम तोड़ने पर चालान काटना, परमिट निलंबित करना और लाइसेंस रद्द करना जैसी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों से समझौता करने वाले किसी भी संचालक को नहीं बख्शा जाएगा।



बस संचालकों को दी जा रही समझाइश

सड़क पर जांच के साथ-साथ विभाग संवाद का रास्ता भी अपना रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में बस स्वामियों और संचालकों की बैठकें ली जा रही हैं। उन्हें नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करने की हिदायत दी जा रही है।



रेफरेंस



स्रोत: छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग का आधिकारिक प्रेस नोट, रायपुर, 12 जून 2026



FAQ

  1. छत्तीसगढ़ में बस सुरक्षा अभियान क्यों चलाया जा रहा है?
    यह अभियान सुप्रीम कोर्ट और NHRC के निर्देशों के तहत चलाया जा रहा है। सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित बनाना इसका मुख्य उद्देश्य है।
  2. बसों में कौन-कौन सी चीजें अनिवार्य हैं?
    बसों में कम से कम 10 किलोग्राम क्षमता का अग्निशमन यंत्र और काम करने वाला GPS होना जरूरी है। वैध पंजीयन, फिटनेस और परमिट भी अनिवार्य हैं। स्लीपर बसों में अवैध केबिन और स्लाइडर नहीं होने चाहिए।
  3. नियम तोड़ने पर बस संचालकों पर क्या कार्रवाई होगी?
    मोटरयान अधिनियम के तहत चालान काटा जाएगा। परमिट और लाइसेंस निलंबित किए जा सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी नियम तोड़ने वाले को बख्शा नहीं जाएगा।

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