पूर्व जस्टिस रंजना देसाई के नेतृत्व में बनेगा UCC ड्राफ्ट, उत्तराखंड-गुजरात के बाद छत्तीसगढ़ में मिली जिम्मेदारी

Harrison Masih | Apr 16, 2026, 15:39 IST
cg-ucc-draft-committee-who-is-rt-judge-ranjana-prakash-desai
छत्तीसगढ़ सरकार UCC लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करेगी। जानिए कौन हैं रंजना प्रकाश देसाई, और क्यों उन्हें दी गई ये महत्वपूर्ण जिम्मेदारी...

Raipur. छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code - UCC) लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। UCC ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व में पहल को आगे बढ़ाया है।



सूत्रों के अनुसार, UCC का प्रारूप तैयार करने का जिम्मा सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति को सौंपा जाएगा। समिति के अन्य सदस्यों के नाम अभी घोषित किए जाने बाकी हैं।



कौन हैं रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई?

रंजना प्रकाश देसाई देश की प्रमुख न्यायिक हस्तियों में से एक रही हैं। रंजना प्रकाश देसाई को देश में संवैधानिक और चुनावी सुधारों के विशेषज्ञ के रूप में जाना जाता है। वे 2011 से 2014 तक सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश रहीं। रिटायरमेंट के बाद से ही उन्हें केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण समितियों में जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। वर्तमान में वे 8वें वेतन आयोग की अध्यक्ष भी हैं।



रंजना देसाई का जन्म 30 अक्टूबर 1949 को हुआ था। उन्होंने 1970 में मुंबई के एल्फिंस्टन कॉलेज से कला में स्नातक किया और 1973 में गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, मुंबई से कानून की पढ़ाई पूरी की। उसी साल 30 जुलाई 1973 को उन्होंने वकालत शुरू की। 1979 में उन्हें सरकारी वकील बनाया गया।



इसके बाद उनका काम और पद लगातार बढ़ते गए। 1995 में वे मुंबई उच्च न्यायालय में अपील पक्ष की सरकारी वकील बनीं और 1996 में उसी अदालत में जज नियुक्त हुईं। आगे चलकर 2011 में उन्हें भारत के सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) की जज बनाया गया।



उत्तराखंड और गुजरात का अनुभव

जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई इससे पहले भी समान नागरिक संहिता से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी हैं। उन्होंने उत्तराखंड और गुजरात में UCC ड्राफ्ट तैयार करने वाली समितियों का नेतृत्व किया था। इन राज्यों में UCC के मसौदे और अध्ययन प्रक्रिया में उनकी कानूनी विशेषज्ञता को अहम माना गया था।



परिसीमन आयोग और अन्य भूमिकाएं

जस्टिस देसाई (Justice Ranjana Desai) भारत के परिसीमन आयोग की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर और असम जैसे संवेदनशील राज्यों में परिसीमन प्रक्रिया की निगरानी की थी। इसके अलावा, वे चुनावी कानून सुधार से जुड़ी समिति की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। उन्होंने “एक राष्ट्र, एक चुनाव” की अवधारणा की व्यावहारिकता पर भी अध्ययन कार्य किया है।



महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

अक्टूबर 2025 में उन्हें 8वें वेतन आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। यह पहली बार है जब किसी महिला को इस आयोग की अध्यक्षता सौंपी गई है।



निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञ समिति के गठन के बाद ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।



ये खबरें भी पढ़ें...

देश संविधान से चलेगा, शरीयत से नहीं... छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने UCC का किया समर्थन



छत्तीसगढ़ में UCC की तैयारी तेज, महिलाओं को बड़ी राहत; जानिए साय कैबिनेट के बड़े फैसले



PM Modi के मिशन को साकार करने एक कदम और आगे बढ़ा Madhya Pradesh | UCC पर क्या कर रहे ?



एमपी में UCC कमेटी की चेयरमैन बन सकती हैं सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना देसाई



Tags:
  • Uniform Civil Code
  • UCC
  • साय सरकार
  • जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई
  • Justice Ranjana Desai