JDA की दो टूक- 15 दिन में पता बदलना मुश्किल, ऑनलाइन हो वोटिंग
समझें क्या है पूरा मामला
Raipur। छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल (CGMC) के प्रस्तावित सदस्य चुनाव से पहले जूनियर डॉक्टरों ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) ने संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं और छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल को ज्ञापन सौंपकर दो बड़ी मांगें रखी हैं। एसोसिएशन का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में बड़ी संख्या में डॉक्टर मतदान से वंचित हो सकते हैं। इसलिए पता संशोधन की अवधि बढ़ाई जाए और पूरी मतदान प्रक्रिया ऑनलाइन कराई जाए।
कम समय बना सबसे बड़ा विवाद
JDA का कहना है कि मेडिकल काउंसिल ने पता संशोधन के लिए बहुत कम समय दिया है। छत्तीसगढ़ में ऐसे कई डॉक्टर पंजीकृत हैं, जिनका स्थायी पता दूसरे राज्यों में है, जबकि वे यहां सरकारी और निजी अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं। कम समय में जरूरी दस्तावेज जुटाकर पता अपडेट कराना उनके लिए आसान नहीं है। एसोसिएशन ने मांग की है कि यह अवधि बढ़ाकर कम से कम *एक से दो महीने* की जाए, ताकि कोई भी डॉक्टर केवल तकनीकी कारणों से मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
पुरानी वोटिंग व्यवस्था पर भी सवाल
जूनियर डॉक्टरों ने पुराने मतदान सिस्टम पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पहले बैलेट पेपर और मतदान सामग्री पंजीकृत पते पर भेजी जाती थी, लेकिन कई बार वह समय पर संबंधित डॉक्टरों तक नहीं पहुंचती थी। इससे बड़ी संख्या में डॉक्टर वोट नहीं डाल पाते थे। दूर-दराज जिलों में तैनात डॉक्टरों के लिए रायपुर पहुंचकर मतदान करना भी व्यावहारिक नहीं है।
ऑनलाइन वोटिंग की मांग तेज
एसोसिएशन ने चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने की मांग की है। JDA का कहना है कि सुरक्षित ऑनलाइन मतदान प्रणाली लागू होने से अधिक डॉक्टर मतदान कर सकेंगे। इससे मतदान प्रतिशत बढ़ेगा और चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनेगी। डॉक्टरों का तर्क है कि जब कई सरकारी सेवाएं डिजिटल हो चुकी हैं, तो मेडिकल काउंसिल का चुनाव भी ऑनलाइन कराया जा सकता है।
निष्पक्ष चुनाव की दलील
JDA ने अपने ज्ञापन में कहा है कि मेडिकल काउंसिल डॉक्टरों की सर्वोच्च वैधानिक संस्था है। ऐसे में इसके चुनाव में हर पंजीकृत चिकित्सक की भागीदारी सुनिश्चित होना जरूरी है। यदि पता संशोधन और मतदान की प्रक्रिया आसान नहीं होगी तो बड़ी संख्या में डॉक्टर लोकतांत्रिक प्रक्रिया से बाहर रह जाएंगे। इससे चुनाव की निष्पक्षता पर भी सवाल उठ सकते हैं।
अब स्वास्थ्य विभाग के फैसले पर नजर
20 जुलाई को स्वास्थ्य सेवाओं के संचालनालय में ज्ञापन की पावती दर्ज हो चुकी है। अब निगाहें स्वास्थ्य विभाग और छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल पर हैं कि वह इन मांगों पर क्या फैसला लेता है। यदि विभाग पता संशोधन की अवधि बढ़ाता है और ऑनलाइन मतदान पर सहमति देता है, तो मेडिकल काउंसिल चुनाव की पूरी प्रक्रिया बदल सकती है। वहीं मांगें नहीं मानी गईं तो चुनाव से पहले डॉक्टरों का असंतोष और बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
FAQ
- JDA ने CGMC चुनाव में क्या मांग की है?
JDA ने पता संशोधन की समय सीमा 1–2 महीने करने और पूरी मतदान प्रक्रिया ऑनलाइन कराने की मांग की है। - डॉक्टर ऑनलाइन वोटिंग की मांग क्यों कर रहे हैं?
उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में कई डॉक्टर समय पर वोट नहीं डाल पाते। ऑनलाइन वोटिंग से अधिक डॉक्टर मतदान कर सकेंगे। - अब इस मामले में आगे क्या होगा?
अब स्वास्थ्य विभाग और छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल JDA की मांगों पर फैसला लेंगे। उनके निर्णय के बाद चुनाव प्रक्रिया में बदलाव हो सकता है।
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