CGPSC 2003 भर्ती परीक्षा मामला फिर चर्चा में, 15 अधिकारी जांच के घेरे में
समझें क्या है पूरा मामला
- CGPSC 2003 भर्ती मामले में EOW की बड़ी कार्रवाई की तैयारी
- 23 साल पुराने PSC विवाद में 15 से ज्यादा अधिकारी जांच के घेरे में
- CGPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में जल्द दाखिल होगा चालान
- अंकों और मूल्यांकन पर उठे सवालों से फिर चर्चा में आया मामला
- RTI से शुरू हुआ विवाद अब EOW जांच तक पहुंचा
CGPSC 2003 scam :छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की वर्ष 2003 की भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) इस मामले में जल्द ही कोर्ट में चालान पेश करने की तैयारी कर रहा है। जांच के दायरे में 15 से ज्यादा अधिकारी शामिल हैं।
23 साल पुराने मामले में फिर तेज हुई कार्रवाई
CGPSC 2003 भर्ती परीक्षा को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। इस परीक्षा के जरिए डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर चयन हुआ था। चयन प्रक्रिया में अंकों और मूल्यांकन को लेकर अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई थी। मामला पहले हाईकोर्ट पहुंचा और बाद में सुप्रीम कोर्ट तक गया। अब EOW की जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई आगे बढ़ रही है।
मूल्यांकन और स्केलिंग में गड़बड़ी के आरोप
इस भर्ती परीक्षा में मुख्य उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और स्केलिंग प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए थे। आरोप था कि कुछ अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए अंकों में बदलाव किया गया। कुछ उम्मीदवारों ने आरोप लगाया था कि कम लिखने वाले अभ्यर्थियों को अधिक अंक मिले। वहीं अधिक उत्तर लिखने वाले अभ्यर्थियों के अंक कम रहे। इसी आधार पर चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए थे।
RTI से सामने आई थी जानकारी
इस मामले में वर्ष 2005 में सूचना के अधिकार के जरिए कई जानकारियां सामने आई थीं। अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज हासिल किए थे। इसके बाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। सुनवाई के दौरान चयन प्रक्रिया में खामियों को लेकर कई तथ्य सामने आए थे।
हाईकोर्ट ने दिए थे जांच के आदेश
बिलासपुर हाईकोर्ट ने मामले में उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच और री-स्केलिंग से जुड़े आदेश दिए थे। इसके बाद चयनित अधिकारियों की नियुक्तियों पर भी सवाल उठे थे। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा रखी है। मामला अभी लंबित है।
EOW जल्द पेश करेगा चालान
EOW-ACB प्रमुख अमरेश मिश्रा ने बताया कि CGPSC 2003 भर्ती परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि मामले में आरोपित बनाए गए करीब 15 लोगों के खिलाफ जल्द ही कोर्ट में चालान पेश किया जाएगा।
चयनित अधिकारियों पर भी टिकी नजर
इस मामले में कई प्रशासनिक अधिकारियों के नाम जांच के दायरे में आए हैं। इनमें कुछ अधिकारी वर्तमान में भी महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। 23 साल पुराने इस मामले में EOW की कार्रवाई के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।
FAQ
- CGPSC 2003 भर्ती परीक्षा मामला क्या है?
CGPSC 2003 भर्ती परीक्षा में चयन प्रक्रिया, मूल्यांकन और स्केलिंग में कथित गड़बड़ी के आरोप लगे थे। इसी को लेकर लंबे समय से जांच और कानूनी प्रक्रिया चल रही है। - इस मामले में EOW क्या कार्रवाई कर रहा है?
आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने जांच पूरी करने के बाद करीब 15 आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है। - मामला 23 साल बाद फिर क्यों चर्चा में आया है?
EOW की जांच पूरी होने और चालान दाखिल करने की तैयारी के कारण यह पुराना भर्ती विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
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