CGPSC भर्ती घोटाला : अब तक हुई 100 से अधिक भर्ती की होगी जांच
NEWS IN SHORT
- ED ने CGPSC भर्ती घोटाले में बढ़ाया जांच का दायरा
- PSC 2021 परीक्षा समेत कई भर्तियों पर गहन पड़ताल
- असिस्टेंट प्रोफेसर और संस्कृति विभाग की भर्तियां जांच में
- अधिकारियों और चयन प्रक्रिया की भूमिका पर सवाल
- ED की एंट्री के बाद भर्ती तंत्र पर पूरा नजरिया
NEWS IN DETAIL
Raipur। CGPSC भर्ती घोटाले की जांच अब बड़ी होती जा रही है। CBI के बाद ED भी मैदान में है। अब जांच सिर्फ राज्य सेवा परीक्षा 2021 तक सीमित नहीं रहेगी। सूत्रों के मुताबिक कई अन्य भर्तियां भी जांच के दायरे में आ सकती हैं। PSC 2021 भर्ती परीक्षा पहले से विवादों में है।
चयन प्रक्रिया पर सवाल उठे थे। कई प्रभावशाली परिवारों के नाम सामने आए थे। अब ईडी इस मामले के वित्तीय पहलुओं की भी जांच कर रही है। इसी दौरान दूसरी भर्तियों की फाइलें भी खुलने लगी हैं।
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती पर सवाल
सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियां पुराने दस्तावेज निकाल रही हैं। चयन प्रक्रिया की जांच हो रही है। मेरिट सूची देखी जा रही है। परीक्षा केंद्रों का डेटा भी खंगाला जा रहा है। अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। वर्ष 2019 में 1,384 पदों पर असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती हुई थी।
यह भर्ती अब जांच एजेंसियों के रडार पर है। सबसे बड़ा आरोप एक परीक्षा केंद्र को लेकर है। यहां 50 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें से 36 का चयन हो गया। इस आंकड़े ने तब भी सवाल खड़े किए थे। अब जांच एजेंसियां रिकॉर्ड खंगाल रही हैं।
संस्कृति विभाग की भर्ती भी घेरे में
संस्कृति विभाग की वर्ष 2023 की भर्ती भी विवादों में है। यह भर्ती द्वितीय श्रेणी पदों के लिए हुई थी। शिकायतें मिली हैं कि अपात्र अभ्यर्थियों का चयन हुआ। पात्र उम्मीदवारों को बाहर रखा गया। इन आरोपों की भी जांच हो सकती है।
पांच साल की भर्तियों पर नजर
भाजपा सरकार के दो कार्यकाल में PSC ने 90 परीक्षाएं कराईं। यह अवधि 2008 से 2018 तक की रही। वहीं भूपेश बघेल सरकार के पांच साल में 78 भर्ती परीक्षाएं हुईं। अब एजेंसियां इन भर्तियों का पैटर्न भी देख रही हैं।
बढ़ सकती है अफसरों की परेशानी
सूत्रों का दावा है कि जांच का दायरा बढ़ेगा। कई विभागों के अधिकारी भी जांच में आ सकते हैं। चयन प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भूमिका भी देखी जाएगी। लाभ पाने वालों की भी पड़ताल होगी।
कई और फाइलें खुलने के संकेत
ईडी की एंट्री के बाद मामला और गंभीर हो गया है। जांच एजेंसियां सिर्फ चयन सूची नहीं देख रहीं। पूरा भर्ती तंत्र जांच के घेरे में है। यदि गड़बड़ी के सबूत मिले तो कई और भर्तियों की जांच शुरू हो सकती है। आने वाले दिनों में बड़े खुलासे संभव हैं।
टाइमलाइन
2019: 1,384 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की भर्ती; एक केंद्र में 50 अभ्यर्थी, 36 चयनित।
2021: PSC राज्य सेवा परीक्षा; चयन प्रक्रिया और मेरिट सूची पर सवाल।
2023: संस्कृति विभाग द्वितीय श्रेणी पद भर्ती; अपात्र अभ्यर्थियों का चयन।
2008–2018: भाजपा सरकार के दो कार्यकाल में 90 PSC परीक्षाएं।
2018–2023: भूपेश बघेल सरकार में 78 भर्ती परीक्षाएं।
2026: ED ने वित्तीय और अन्य भर्तियों की जांच शुरू की।
FAQ
- ED ने CGPSC भर्ती घोटाले में किस दायरे की जांच शुरू की है?
ED अब केवल PSC 2021 परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि 2019 से 2023 तक कई भर्तियों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। - कौन-कौन सी भर्तियां जांच के दायरे में हैं?
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती 2019, संस्कृति विभाग की 2023 की भर्ती और अन्य चयन प्रक्रियाएं, जिनमें अपात्र उम्मीदवारों का चयन होने के आरोप हैं। - जांच का असर अधिकारियों और चयन प्रक्रिया पर क्या होगा?
एजेंसियां संबंधित अधिकारियों, चयन प्रक्रिया और लाभ पाने वालों की भूमिका भी देख रही हैं। यदि गड़बड़ी मिले तो कई और भर्तियों की जांच शुरू हो सकती है। - CGPSC भर्ती घोटाला क्या है?
CGPSC भर्ती घोटाला सरकारी भर्तियों में गड़बड़ी और अपात्र उम्मीदवारों के चयन का मामला है।
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