आईएस रीता शांडिल्य की विदाई : नए अध्यक्ष की तलाश तेज हुई
Raipur। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी CGPSC एक बार फिर नए अध्यक्ष की तलाश के मुहाने पर खड़ा है। आयोग की अध्यक्ष रीता शांडिल्य ने 62 साल की उम्र पूरी कर ली है। इसके साथ ही उनका कार्यकाल खत्म हो गया। अब सबसे बड़ा सवाल है कि प्रदेश की सबसे अहम भर्ती संस्था की कमान किसके हाथ जाएगी।
62 साल में खत्म हुआ सफर
रीता शांडिल्य ने 8 सितंबर को 62 वर्ष की उम्र पूरी की। संवैधानिक नियम के मुताबिक राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की अधिकतम उम्र 62 साल होती है। लिहाजा उम्र पूरी होते ही उनकी जिम्मेदारी भी खत्म हो गई। अब आयोग को नए अध्यक्ष का इंतजार है।
सदस्य से अध्यक्ष तक पहुंचीं
रीता शांडिल्य 13 अक्टूबर 2024 को CGPSC की सदस्य बनी थीं। उन्हें उसी दौरान अध्यक्ष की जिम्मेदारियां संभालने का मौका भी मिला। करीब एक साल बाद उन्हें आयोग की स्थायी अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। 30 अगस्त 2025 को उन्होंने पूर्णकालिक अध्यक्ष के तौर पर काम संभाला।
पहली महिला अध्यक्ष बनीं
रीता शांडिल्य की नियुक्ति CGPSC के लिहाज से इसलिए भी खास रही क्योंकि वे आयोग की पहली महिला अध्यक्ष बनीं। 2002 बैच की IAS अधिकारी रहीं शांडिल्य प्रशासन में लंबे समय तक अहम जिम्मेदारियां संभाल चुकी थीं। राजस्व और तकनीकी शिक्षा जैसे विभागों में काम करने का अनुभव उनके साथ था।
भरोसा लौटाना बड़ी चुनौती
जब उन्होंने आयोग की कमान संभाली, तब CGPSC की परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल पहले से उठ रहे थे। ऐसे माहौल में आयोग की विश्वसनीयता और पारदर्शिता वापस लाना उनके सामने बड़ी चुनौती थी। अपने कार्यकाल में उन्होंने परीक्षाओं को समय पर कराने और भर्ती प्रक्रिया में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया।
अब अगला अध्यक्ष कौन?
रीता शांडिल्य के जाने के बाद अब सरकार और राजभवन के सामने CGPSC की कमान नए व्यक्ति को सौंपने की चुनौती है। अध्यक्ष का पद इसलिए भी बेहद अहम है क्योंकि आयोग प्रदेश में राज्य सेवा समेत कई बड़ी सरकारी भर्तियों की परीक्षा कराता है। ऐसे में नए अध्यक्ष के चयन पर अभ्यर्थियों की भी सीधी नजर रहेगी।
दावेदारों को लेकर चर्चा तेज
अब प्रशासनिक गलियारों में संभावित नामों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से लेकर अनुभवी विशेषज्ञ तक दौड़ में हो सकते हैं। हालांकि अंतिम फैसला किसके पक्ष में जाएगा, यह आने वाला वक्त बताएगा। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार किसी अनुभवी प्रशासनिक चेहरे को चुनेगी या आयोग को नया चेहरा मिलेगा?
अभ्यर्थियों की नजर भी यहीं
CGPSC में अध्यक्ष का पद खाली होने के बाद आयोग के कामकाज और आने वाली परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों की नजर भी नए नेतृत्व पर रहेगी। खासकर ऐसे समय में जब आयोग की परीक्षा प्रक्रिया पहले से ही सवालों और विवादों के बीच रही है। इसलिए नए अध्यक्ष की चुनौती सिर्फ कुर्सी संभालने की नहीं, बल्कि अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत करने की भी होगी।
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