छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ का AI मिशन, तकनीक आधारित सुशासन की ओर बढ़ रहा प्रदेश

The Sootr | Sept 20, 2026, 16:56 IST
Impact Feature
छत्तीसगढ़ सरकार ने 500 करोड़ रुपए के AI मिशन की शुरुआत की है, जिसके तहत 100 डेटा लैब, 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 6 लाख छात्रों को प्रशिक्षण देकर राज्य को डिजिटल सुशासन व तकनीक का नया केंद्र बनाया जाएगा।

Raipur. छत्तीसगढ़ अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के क्षेत्र में बड़ी तैयारी के साथ आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए 500 करोड़ रुपए के छत्तीसगढ़ राज्य AI मिशन को मंजूरी दी है। इस मिशन का मकसद AI को शिक्षा, रोजगार, कृषि, स्वास्थ्य, उद्योग, स्टार्टअप और सरकारी कामकाज से जोड़ना है, ताकि नई तकनीक का फायदा युवाओं से लेकर आम नागरिकों तक पहुंचे।



सरकार AI को बड़े शहरों या चुनिंदा संस्थानों तक सीमित रखने के बजाय जिलों, कस्बों और गांवों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है। विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार करने, सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और युवाओं के लिए तकनीक आधारित रोजगार के नए रास्ते खोलने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।



मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और जनसेवा के अलग-अलग क्षेत्रों में AI के प्रभावी उपयोग से रोजगार और नवाचार के नए अवसर तैयार किए जाएंगे। उनका लक्ष्य AI के इस्तेमाल के जरिए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को गति देना है।



100 लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस होंगे तैयार

राज्य AI मिशन के तहत प्रदेश में 100 एआई डेटा लैब बनाई जाएंगी। इसके साथ 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों पर प्रशिक्षण और शोध किया जाएगा।



मिशन के तहत करीब 6 लाख विद्यार्थियों और 1 लाख 5 हजार सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों को AI की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है। विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीक के हिसाब से कौशल मिलेगा, वहीं सरकारी कर्मचारियों के लिए AI आधारित कामकाज को समझना और इस्तेमाल करना आसान होगा।



सरकार की योजना 50 से अधिक सरकारी सेवाओं को AI के जरिए अधिक प्रभावी बनाने की है। हर विभाग के लिए अलग AI रोडमैप तैयार होगा, AI नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे और AI आधारित पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे।



3fec6b0d-e0c


युवाओं के कौशल और रोजगार पर जोर

AI मिशन का बड़ा हिस्सा युवाओं के कौशल विकास से जुड़ा है। युवाओं को मशीन लर्निंग और डेटा साइंस जैसी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुसार अपनी क्षमता विकसित कर सकें। एआई, डेटा और डिजिटल तकनीक से जुड़े स्टार्टअप के लिए भी नए अवसर तैयार होने की उम्मीद है। इससे प्रदेश में तकनीक आधारित कारोबार और नवाचार को बढ़ावा मिल सकता है।



मौसम से फसल तक AI देगा जानकारी

छत्तीसगढ़ जैसे कृषि प्रधान राज्य में AI का इस्तेमाल किसानों के लिए भी किया जाएगा। मौसम, फसल, कीट और रोगों से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण कर किसानों को समय पर सटीक सलाह देने की दिशा में काम होगा। इससे किसानों को फसल की स्थिति और संभावित समस्याओं को समझने में मदद मिल सकती है।



सरकारी कामकाज होगा तेज और आसान

सरकारी पोर्टलों, जैसे सेवा सेतु आदि के विस्तार और AI के इस्तेमाल से योजनाओं की मॉनिटरिंग और नागरिक सेवाओं को आसान बनाने पर काम हो रहा है। अलग-अलग विभागों में AI आधारित निर्णय सहायता प्रणाली विकसित करने की योजना है, जिससे उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर फैसले लेने में मदद मिल सकेगी।


लोगों को उनकी अपनी भाषा में डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भाषिणी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे सरकारी सेवाओं को समझना और उनका इस्तेमाल करना आसान होगा।



5d9a7189-980


उद्योगों में उत्पादन और ऊर्जा दक्षता पर जोर

उद्योगों में AI, रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग के इस्तेमाल को बढ़ाने की तैयारी है। इससे उत्पादन की गति बढ़ाने और गलतियों को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। AI सेंसर मशीनों की स्थिति पर नजर रखकर खराबी आने से पहले चेतावनी दे सकते हैं, जिससे नुकसान और लागत कम करने में मदद मिल सकती है। ग्राहकों की व्यक्तिगत प्राथमिकताओं को समझने और 24x7 सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी AI आधारित टूल का इस्तेमाल किया जा रहा है।



नवा रायपुर बनेगा AI और डेटा का बड़ा केंद्र

नवा रायपुर अटल नगर को आईटी, AI और डेटा सेंटर के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। यहां करीब 1 हजार करोड़ रुपए के निवेश से AI आधारित डेटा सेंटर और AI एसईजेड विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा नवा रायपुर में करीब 200 करोड़ रुपए की लागत से नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। NIT रायपुर और IIIT नवा रायपुर में AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से खनन, इस्पात, स्वास्थ्य, कृषि और स्मार्ट गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान और स्टार्टअप को बढ़ावा मिल रहा है।



वहीं, नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में 13.5 एकड़ क्षेत्र में AI आधारित डेटा सेंटर विकसित हो रहा है। परियोजना का उद्देश्य प्रदेश में AI और डेटा से जुड़े काम को गति देने के साथ उच्च तकनीक वाले रोजगार और करियर के अवसर तैयार करना है।


Ro-13847/4



Tags:
  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
  • छत्तीसगढ़
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस