छत्तीसगढ़ के गांवों में अब घर के पास मिलेगी बैंकिंग सुविधा, 33 जिलों में खुलेंगे 600 से ज्यादा केंद्र

Umeshwari Baghel | Oct 31, 2026, 17:46 IST
छत्तीसगढ़ के गांवों में अब बैंकिंग सेवाएं मिलेंगी, ग्रामीणों को नहीं जाना पड़ेगा दूर।
छत्तीसगढ़ के गांवों में रहने वाले लोगों को बैंक के छोटे कामों के लिए अब दूर नहीं जाना पड़ेगा। छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक ने गांवों में बैंकिंग सुविधा बढ़ाने की योजना बनाई है। इसके तहत 33 जिलों में बैंकिंग प्रतिनिधि (बीसी) केंद्र खोले जाएंगे। यह ग्रामीण बैंकिंग का विस्तार करने की तैयारी है। केंद्रों की संख्या 600 से ज्यादा रहेगी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक सभी 33 जिलों में 600 से ज्यादा बीसी केंद्र खोलेगा।
  • केंद्रों का नेटवर्क अगले दो से तीन साल में बनाने का लक्ष्य है।
  • बैंक ने जीरो मास प्राइवेट लिमिटेड के साथ साझेदारी की है।
  • यह कंपनी बीएलएस ई-सर्विसेज लिमिटेड की सहयोगी कंपनी है।
  • किस जिले में कितने केंद्र होंगे, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

गांवों में बैंकिंग केंद्र कैसे काम करेंगे?

योजना को जमीन पर उतारने के लिए जीरो मास को बैंकिंग प्रतिनिधि की जिम्मेदारी दी गई है। इसके जरिए गांवों में ही रोजमर्रा की बैंकिंग सेवाएं मिलेंगी। बैंकिंग प्रतिनिधि का मतलब ऐसा प्रतिनिधि है, जो बैंक की ओर से गांव में सेवाएं देता है।



कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी?

इन केंद्रों पर ये सेवाएं मिलने की बात कही गई है:



खाते से नकद राशि निकालना



पैसे जमा करना



खाते में उपलब्ध रकम की जानकारी



पासबुक अपडेट



एक खाते से दूसरे खाते में पैसे भेजना



नया खाता खुलवाने में मदद



आधार आधारित भुगतान प्रणाली से लेनदेन की सुविधा भी मिलेगी। सरकारी वित्तीय योजनाओं से जुड़ी सेवाएं भी इन केंद्रों पर देने की बात कही गई है।




बस्तर सरगुजा बैंकिंग सुविधा में क्या बदलेगा?

इस पहल का फायदा खासतौर पर बस्तर और सरगुजा जैसे इलाकों के ग्रामीणों को मिलने की उम्मीद है। इन इलाकों में कई दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में बैंक शाखाएं घरों से काफी दूर हैं।



पैसे निकालने या जमा करने के लिए लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। केंद्र खुलने के बाद लोग अपने आसपास ही जरूरी काम कर सकेंगे। इससे आने-जाने का समय और किराया कम हो सकता है।



किन लोगों को सबसे ज्यादा राहत मिल सकती है?

गांवों में बैंकिंग सुविधा की कमी से कई बार छोटे कामों के लिए भी शाखा जाना पड़ता है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और दूरस्थ गांवों के लोगों को परेशानी होती है। गांवों में केंद्र शुरू होने पर इन्हें स्थानीय स्तर पर सेवाएं मिल सकेंगी। साथ ही बैंक शाखाओं में रोज के लेनदेन की भीड़ कम होने की उम्मीद है।




बीएलएस ई-सर्विसेज के अधिकारी ने क्या कहा?

बीएलएस ई-सर्विसेज के डिप्टी सीईओ आशीष मिश्रा के मुताबिक छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए बैंकिंग प्रतिनिधियों की भूमिका अहम है। उनके अनुसार इनके जरिए उन इलाकों तक वित्तीय सुविधाएं पहुंचाई जा सकती हैं, जहां शाखा तक पहुंचना आसान नहीं है।



उन्होंने बताया कि इस पहल का मकसद ग्रामीणों को उनके गांव के पास भरोसेमंद बैंकिंग सेवाएं देना है। इससे यात्रा का खर्च और समय बचेगा। साथ ही ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ सकेंगे।




केंद्र कब तक खुलेंगे?

योजना के मुताबिक 33 जिलों में चरणबद्ध तरीके से 600 से ज्यादा केंद्रों का नेटवर्क बनेगा। इसके लिए दो से तीन साल का लक्ष्य रखा गया है।



कौन-से गांव पहले आएंगे?

यह अभी साफ नहीं है। किस जिले में कितने केंद्र खुलेंगे और किन गांवों को पहले सुविधा मिलेगी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।



अब आगे क्या?

अब देखना होगा कि बैंक पहले चरण में कौन-से जिलों और गांवों को चुनता है। केंद्र शुरू होने के बाद ही ग्रामीणों को नजदीकी जगह पर सुविधाएं मिल सकेंगी। सवाल यह भी है कि दो से तीन साल का लक्ष्य समय पर पूरा होता है या नहीं।




यह खबर क्यों जरूरी है

छत्तीसगढ़ में कई दूरस्थ और आदिवासी इलाकों में बैंक शाखा तक पहुंचना कठिन है। पैसे निकालने जैसे छोटे काम के लिए भी लोगों को दूर जाना पड़ता है। बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह और मुश्किल है। अगर गांव में ही सेवाएं मिलने लगें, तो उनका समय और पैसा बचेगा। साथ ही जिन ग्रामीणों का खाता नहीं है, उन्हें औपचारिक बैंकिंग से जुड़ने का मौका मिलेगा। फिर भी यह अभी योजना है। केंद्र कब और कहां खुलेंगे, यह अभी साफ नहीं है। इसलिए ग्रामीणों को अभी इंतजार करना होगा।



FAQ

सवाल: छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक कितने बीसी केंद्र खोलेगा?



जवाब: बैंक सभी 33 जिलों में 600 से ज्यादा बैंकिंग प्रतिनिधि केंद्र खोलेगा। इन्हें अगले दो से तीन साल में शुरू करने का लक्ष्य है।



सवाल: इन केंद्रों पर कौन-सी सेवाएं मिलेंगी?



जवाब: नकद निकासी, पैसे जमा करना, बैलेंस जानकारी, पासबुक अपडेट और पैसे ट्रांसफर की सुविधा मिलेगी। नया खाता खुलवाने में मदद और सरकारी वित्तीय योजनाओं से जुड़ी सेवाएं भी बताई गई हैं।



सवाल: किन इलाकों को सबसे ज्यादा फायदा होने की उम्मीद है?



जवाब: बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ और आदिवासी इलाकों को। इन जगहों पर कई गांव बैंक शाखा से काफी दूर हैं।

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