खनिजों से आगे बढ़ा छत्तीसगढ़, अब सेमीकंडक्टर से लेकर ग्रीन स्टील तक नए उद्योगों पर दांव लगा रहा प्रदेश

The Sootr | Sept 25, 2026, 16:45 IST
Impact Feature
छत्तीसगढ़ अब खनिज संसाधनों से आगे बढ़कर सेमीकंडक्टर, ग्रीन स्टील, फार्मा और एआई जैसे आधुनिक क्षेत्रों में कदम बढ़ा रहा है। नई औद्योगिक नीति 2024-30 से राज्य में ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
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Raipur. छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान लंबे समय से खनिज और प्राथमिक प्रसंस्करण से जुड़ी रही है। अब प्रदेश अपनी इसी ताकत को अगले स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की औद्योगिक रणनीति में इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग, ऑटो कंपोनेंट्स, रक्षा उपकरण, AI और ग्रीन स्टील जैसे क्षेत्रों को प्रमुखता दी जा रही है।



इस बदलाव की बुनियाद औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में रखी गई है। नीति में स्थानीय संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और उनके मूल्य संवर्धन के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, AI, रोबोटिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, फार्मा, रक्षा और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन दिया गया है। यानी छत्तीसगढ़ की औद्योगिक अर्थव्यवस्था में अब संसाधन से उत्पाद और पारंपरिक उद्योग से आधुनिक तकनीक तक का विस्तार दिखाई दे रहा है।



18 महीने में 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद निवेशकों की रुचि में तेजी आई है। निवेश प्रोत्साहन पोर्टल के अनुसार, पिछले करीब 18 महीनों में लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनसे 1.5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। इन प्रस्तावों की खास बात यह है कि इनमें बड़ी हिस्सेदारी पारंपरिक खनिज आधारित उद्योगों से आगे के क्षेत्रों की है। AI, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे सेक्टर निवेश की नई तस्वीर बना रहे हैं।



नवा रायपुर में AI और डेटा सेंटर से जुड़े निवेश प्रस्ताव आ रहे हैं। वहीं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।


राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर यानी EMC 2.0 को मंजूरी मिल चुकी है। इससे 3 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आने और करीब 9 हजार प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है।



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स्टील से अब ग्रीन स्टील की ओर कदम

छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख स्टील उत्पादक राज्यों में है। अब इसी औद्योगिक आधार को ग्रीन स्टील के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की तैयारी है। कार्बन उत्सर्जन कम करने और हरित विनिर्माण पर बढ़ते वैश्विक जोर के बीच ग्रीन स्टील राज्य के लिए नया औद्योगिक अवसर बन रहा है। पिछले महीने आयोजित छत्तीसगढ़ ग्रीन स्टील डायलॉग के दौरान करीब 13,840 करोड़ रुपए की निवेश प्रतिबद्धताएं सामने आईं।



राष्ट्रीय स्तर पर विशेष स्टील के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई जैसी योजनाएं भी चल रही हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ अपने खनिज संसाधन, मौजूदा स्टील उद्योग और ऊर्जा आधार का इस्तेमाल उच्च मूल्य वाले स्टील उत्पादों के निर्माण में कर सकता है।



फार्मा में 993 करोड़ के प्रस्ताव

फार्मास्यूटिकल्स भी राज्य की बदलती औद्योगिक तस्वीर का अहम हिस्सा बन रहा है। पिछले 18 महीनों में फार्मा क्षेत्र में करीब 992.53 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें से 216 करोड़ रुपए के चार प्रोजेक्ट कार्यान्वयन के चरण में हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भी देशभर में निवेश बढ़ रहा है। केंद्र की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत देशभर में 69 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश वाली परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। छत्तीसगढ़ में EMC 2.0 जैसी पहल राज्य को इस राष्ट्रीय सप्लाई चेन से जोड़ने का अवसर देती है।



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बस्तर और सरगुजा में स्थानीय संसाधनों से उद्योग

औद्योगिक विकास की यह रणनीति बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों तक भी पहुंचाने की तैयारी है। यहां फोकस बड़े उद्योगों के साथ वन उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों पर है। स्थानीय संसाधनों से जुड़े उद्योगों के विस्तार से इन क्षेत्रों में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर तैयार हो सकते हैं। इससे औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार अलग-अलग क्षेत्रों तक करने में मदद मिलेगी।



100 करोड़ से ज्यादा के निवेश को प्राथमिकता

निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के लिए सरकार ने सिंगल विंडो व्यवस्था, SIPB और ऑनलाइन स्वीकृति तंत्र को मजबूत किया है। 100 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश वाली परियोजनाओं के लिए प्राथमिकता के आधार पर सुविधाएं और त्वरित अनुमोदन की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य निवेशकों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाना और परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाना है।



खनिज की ताकत से हाई-वैल्यू प्रोडक्ट तक

छत्तीसगढ़ के पास खनिज, ऊर्जा और मौजूदा औद्योगिक आधार की मजबूत नींव पहले से है। अब इसी आधार पर उच्च मूल्य वाले उत्पादों का निर्माण बढ़ाने की तैयारी है। इलेक्ट्रॉनिक्स से सेमीकंडक्टर, फार्मा से AI और स्टील से ग्रीन स्टील तक, नए क्षेत्रों में निवेश प्रस्तावों का बढ़ना राज्य की औद्योगिक दिशा में हो रहे बदलाव को दिखाता है। औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के जरिए छत्तीसगढ़ पारंपरिक संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था के साथ हाई-टेक और वैल्यू एडेड मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।


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