छत्तीसगढ़ भारत माला परियोजना मुआवजा घोटाला, EOW ने 3 पटवारियों के खिलाफ चालान पेश

Aman Vaishnav | Jan 25, 2026, 15:08 IST
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छत्तीसगढ़ में भारत माला परियोजना के तहत हुए मुआवजा घोटाले में EOW ने 3 पटवारियों के खिलाफ पहला पूरक चालान पेश किया है। जांच में सामने आया है कि इन पटवारियों ने खसरों के दस्तावेजों में गड़बड़ी की है। इससे सरकार को लगभग 40 करोड़ का नुकसान हुआ है।

News In Short

  • छत्तीसगढ़ में भारत माला परियोजना मुआवजा घोटाले में पटवारियों के खिलाफ चालान पेश हुआ है।
  • आरोप है कि पटवारियों ने सरकारी भूमि को निजी दिखाकर गलत मुआवजा दिलवाया।
  • आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
  • EOW ने 29 अक्टूबर 2025 को आरोपी पटवारियों को गिरफ्तार किया था।
  • भारत माला परियोजना भारत सरकार की महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना है।

News In Detail

भारत माला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण हो रहा था। इस दौरान कुछ पटवारियों ने भू-माफियाओं के साथ मिलकर घोटाला किया। आरोप है कि इन पटवारियों ने सरकारी जमीन को निजी बताकर मुआवजा दिलवाया। निजी जमीन पर गलत तरीके से मुआवजा तय किया। इसके अलावा, बैकडेट में खाता बंटवारा और नामांतरण के फर्जी दस्तावेज भी बनाए गए।



EOW के अनुसार, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(सी), 12 और भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 467, 471, 420 और 120-बी के तहत एक मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में दिनेश पटेल, लेखराम देवांगन और बसंती घृतलहरे को 29 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। अब 24 जनवरी 2026 को इन आरोपियों के खिलाफ पहला पूरक चालान कोर्ट में पेश किया गया है।



पटवारी नामहल्का नंबरग्रामभूमिका और दुरुपयोगशासन को नुकसान
दिनेश पटेल49नायकबांधाखाता दुरुस्ती और आपत्ति निराकरण में पद का दुरुपयोग, फर्जी उपखंडों में अधिग्रहित जमीन बांटी30 करोड़ 82 लाख14 हजार 868
लेखराम देवांगन24टोकरोमूल खसरों को कृत्रिम उपखंड दिखाकर ज्यादा मुआवजा भुगतान, भुगतान प्रतिवेदन में गड़बड़ी7 करोड़16 लाख 14 26 हजार 925
बसंती घृतलहरे-भेलवाडीहअवार्ड के समय मूल खसरों को फर्जी उपखंडों में बांटा, अधिक मुआवजा भुगतान की स्थिति बनाई1 करोड़ 67 लाख 47 हजार 464

जांच करने पर 3 मामले सामने आए

क्रमांकघटनाविवरणनुकसान
1ग्राम नायकबांधा, ठोकरी और उरला में फर्जी बंटवारा और नामांतरणराजस्व अधिकारी और दलालों की मिलीभगत से बैक डेट में फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। इन दस्तावेजों के आधार पर जमीन का बंटवारा व नामांतरण कराकर शासन को नुकसान पहुंचाया गया।28 करोड़ रुपए
2नायकबांधा जलाशय भूमि का दोबारा मुआवजापहले से अधिग्रहित भूमि के लिए अनुचित रूप से 2 करोड़ रुपए से ज्यादा का दोहरा मुआवजा भुगतान किया गया।2 करोड़ रुपए
3उमा तिवारी के नाम पर फर्जी दस्तावेजों से मुआवजा प्राप्तिफर्जी नामांतरण के जरिए मुआवजा हासिल किया गया।2 करोड़ रुपए

ये है भारतमाला प्रोजेक्ट

भारत माला परियोजना केंद्र सरकार की एक बड़ी सड़क योजना है। इसके तहत करीब 26 हजार किलोमीटर लंबा आर्थिक कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। ये कॉरिडोर गोल्डन क्वाड्रिलेटरल, नॉर्थ-साउथ और ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर से जुड़े होंगे। योजना है कि देश के ज्यादातर माल वाहनों को इन मार्गों से ही भेजा जाएगा। रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर इसी प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा है।



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