छत्तीसगढ़ बीजेपी में अब बिना बुलावे एंट्री बंद : रायपुर पहुंचते ही प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी ने कार्यकर्ताओं को पढ़ाया अनुशासन का पाठ
दो दिवसीय दौरे में वह प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक के नेताओं से मुलाकात करेंगी। (Smriti Irani Chhattisgarh Visit) भाजपा के कोर ग्रुप के साथ भी अहम बैठक करेंगी।
रायपुर पहुंचते ही स्मृति ईरानी ने दिखाई सख्ती
छत्तीसगढ़ भाजपा की (Smriti Irani Raipur Meeting) प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी रविवार को रायपुर पहुंचीं। प्रदेश प्रभारी बनने के बाद उनका यह पहला छत्तीसगढ़ दौरा है। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने पार्टी कार्यालय की व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए।
स्मृति ईरानी ने कार्यकर्ताओं को अनुशासन बनाए रखने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को बैठक में बुलाया गया है वही कार्यालय आएं। बिना बुलावे या जरूरी काम के कार्यालय में भीड़ लगाने से बचें।
उनके इस निर्देश को संगठन में अनुशासन बढ़ाने की कोशिश माना जा रहा है। पार्टी कार्यालय में बैठकों के दौरान व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री साय के साथ सुनी पीएम मोदी की मन की बात
रायपुर पहुंचने के बाद स्मृति ईरानी सीधे भाजपा कार्यालय गईं। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' सुना।
इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी मौजूद रहे। प्रदेश सह प्रभारी सिद्धार्थ शंभू और सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी कार्यक्रम में शामिल हुए। राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
सभी नेताओं ने जमीन पर बैठकर प्रधानमंत्री का कार्यक्रम सुना। इसके बाद पार्टी कार्यालय में संगठन से जुड़ी बैठकों का दौर शुरू हुआ।
प्रदेश के बड़े नेताओं से संगठन का हाल जानेंगी
स्मृति ईरानी का यह दौरा केवल औपचारिक मुलाकात तक सीमित नहीं है। वह प्रदेश भाजपा के कामकाज की समीक्षा भी करेंगी।
रविवार सुबह 11:30 बजे से प्रदेश नेतृत्व के साथ बैठक निर्धारित की गई। इसमें प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश महामंत्री संगठन शामिल हैं। प्रदेश महामंत्रियों को भी इस बैठक में बुलाया गया।
इसके बाद दोपहर 12:30 बजे प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक तय की गई। इस दौरान पार्टी के कामकाज और आगे की रणनीति पर चर्चा प्रस्तावित है।
प्रदेश प्रभारी अलग-अलग नेताओं से संगठन की स्थिति का फीडबैक भी लेंगी।
जिला अध्यक्षों और संभाग प्रभारियों से भी बातचीत
भाजपा नेतृत्व अब जिला स्तर पर संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करेगा। इसके लिए दोपहर 1:30 बजे से संयुक्त बैठक रखी गई।
इस बैठक में संभाग प्रभारी और सह प्रभारी शामिल होंगे। (स्मृति ईरानी की संगठनात्मक बैठक) जिला प्रभारी और जिला सह प्रभारी भी मौजूद रहेंगे। सभी जिला अध्यक्षों को भी बैठक में बुलाया गया है।
बैठक में जिलों में चल रही संगठनात्मक गतिविधियों की (Chhattisgarh BJP Organization) जानकारी ली जाएगी। प्रदेश नेतृत्व और स्थानीय पदाधिकारियों के बीच तालमेल पर भी बातचीत होगी।
इसके अलावा पार्टी के कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा प्रस्तावित है।
पूर्व सांसदों और विधायकों की भी ली जाएगी राय
स्मृति ईरानी के दौरे में भाजपा के पुराने नेताओं को भी महत्व दिया गया है। उनके साथ अलग से बैठक का कार्यक्रम रखा गया है।
रविवार दोपहर 3:30 बजे से शाम 5 बजे तक पूर्व सांसदों और विधायकों की बैठक निर्धारित है। इस दौरान वरिष्ठ नेताओं से संगठन को लेकर बातचीत की जाएगी।
इसके बाद शाम 5:30 बजे से पूर्व प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी। यह बैठक शाम 7 बजे तक चलेगी।
इन बैठकों के जरिए पुराने नेताओं के अनुभव और सुझाव लिए जा सकते हैं। पार्टी के अंदर बेहतर समन्वय बनाने पर भी चर्चा होने की संभावना है।
शाम को भाजपा कोर ग्रुप की अहम बैठक
रविवार शाम को भाजपा कोर ग्रुप की बैठक भी (BJP Core Group Meeting) बुलाई गई है। यह बैठक शाम 7 बजे से रात 8:30 बजे तक निर्धारित है।
इसमें प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता हिस्सा लेंगे। बैठक में संगठन की मौजूदा स्थिति की समीक्षा हो सकती है। आने वाले समय में पार्टी की राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा संभव है।
कोर ग्रुप की बैठक को स्मृति ईरानी के दौरे का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
2028 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन पर नजर
छत्तीसगढ़ में अगला विधानसभा चुनाव 2028 में होना है।(छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन की रणनीति) ऐसे में भाजपा अभी से अपने संगठन को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।
प्रदेश प्रभारी के तौर पर स्मृति ईरानी के सामने नेताओं के बीच तालमेल बढ़ाने की चुनौती होगी। (छत्तीसगढ़ भाजपा कोर ग्रुप बैठक) जिला और मंडल स्तर पर पार्टी की सक्रियता भी महत्वपूर्ण रहेगी।
उनके पहले दौरे में प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक बैठकों का कार्यक्रम बनाया गया है। इससे साफ है कि संगठन की मौजूदा स्थिति को समझने पर जोर है।
फिलहाल स्मृति ईरानी ने कार्यालय में अनुशासन बनाए रखने का संदेश दिया है। अब देखना होगा कि उनकी बैठकों के बाद संगठन में क्या नए फैसले होते हैं।