2027 तक के लिए प्रशासनिक आदेश: जनगणना के बीच अफसर-कर्मचारियों के ट्रांसफर पर GAD ने लगाई रोक, बदल पाएंगे तैनाती
आदेश के मुताबिक, जनगणना के काम में लगे किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का अगले 6 महीने तक ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। अगर जनगणना का काम इससे पहले पूरा हो जाता है तो प्रतिबंध भी उसी समय खत्म हो जाएगा। यानी 6 महीने या जनगणना कार्य की समाप्ति, दोनों में जो पहले होगा, उसी आधार पर रोक लागू रहेगी।
समझें क्या है पूरा मामला
- जनगणना कर्मियों के तबादले पर रोक लगाई गई है।
- यह रोक जिला जनगणना अधिकारी से लेकर प्रगणक तक लागू होगी।
- पर्यवेक्षक और मास्टर ट्रेनर भी इस दायरे में रहेंगे।
- रोक का मकसद जनगणना 2027 के बीच बदलाव से बचना है।
- तबादले से प्रशिक्षण और मैदानी काम प्रभावित हो सकते हैं।
मैदानी अमले पर भी लागू होगा आदेश
यह रोक सिर्फ बड़े अधिकारियों तक सीमित नहीं है। जिला जनगणना अधिकारी, चार्ज अधिकारी, मास्टर ट्रेनर्स, फील्ड ट्रेनर्स, प्रगणक और पर्यवेक्षक भी इसके दायरे में रहेंगे। इसके अलावा जनगणना के मैदानी काम से जुड़े दूसरे अधिकारी और कर्मचारी भी इस प्रतिबंध के दायरे में आएंगे।
इसका मतलब साफ है कि जनगणना के लिए जिस अधिकारी या कर्मचारी की जहां ड्यूटी लगाई गई है, उसे फिलहाल उसी कार्यक्षेत्र में रहना होगा। प्रशासनिक स्तर पर भी ऐसे कर्मचारियों को इधर से उधर नहीं किया जा सकेगा।
दिसंबर से शुरू होगा प्रशिक्षण
छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 की तैयारियां पहले ही शुरू हो चुकी हैं। जिला स्तर पर प्रशिक्षण का काम 12 अक्टूबर 2026 से शुरू किया जा चुका है। नवंबर में मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से फील्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण शुरू होगा। वहीं 16 दिसंबर से प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इन सभी की जिम्मेदारी जनगणना के दौरान घर-घर पहुंचकर जरूरी जानकारी जुटाने और आंकड़े दर्ज करने की होगी।
जनवरी-फरवरी में घर-घर पहुंचेगा अमला
छत्तीसगढ़ में जनसंख्या गणना का मुख्य मैदानी काम जनवरी और फरवरी 2027 में किया जाना है। इस दौरान जनगणना से जुड़े कर्मचारी तय क्षेत्रों में जाकर लोगों से जानकारी जुटाएंगे। इसके लिए बड़े स्तर पर प्रशासनिक अमले की तैनाती होगी।
जनगणना का काम समय पर पूरा हो, इसके लिए पहले से अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। बीच में तबादले होने से प्रशिक्षण, क्षेत्र का आवंटन और मैदानी काम प्रभावित हो सकता है। इसी को देखते हुए शासन ने स्थानांतरण पर रोक लगाने का फैसला किया है।
तबादलों पर रोक से क्या होगा असर?
इस आदेश का सीधा असर उन अधिकारियों और कर्मचारियों पर पड़ेगा, जो जनगणना की ड्यूटी में लगाए गए हैं। सामान्य तौर पर प्रशासनिक व्यवस्था में समय-समय पर तबादले होते रहते हैं, लेकिन अब जनगणना से जुड़े अमले को इससे बाहर रखा गया है।
शासन का निर्देश है कि जनगणना का काम पूरा होने तक संबंधित अमला अपनी तय जिम्मेदारी संभाले रखे। इससे बीच में कर्मचारियों के बदलने से पैदा होने वाली दिक्कतों को रोका जा सकेगा। फिलहाल यह रोक जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू होगी, पूरे सरकारी अमले पर नहीं।
यह खबर क्यों जरूरी है
जनगणना 2027 का आंकड़ा सरकार के लिए अहम होता है। मैदान में काम करने वाला स्टाफ बीच में बदला जाए तो प्रशिक्षण और क्षेत्र आवंटन पर असर पड़ता है। इसी वजह से छत्तीसगढ़ में जनगणना कर्मियों के तबादले पर रोक का फैसला खबर का अहम पहलू है। इस आदेश से जिम्मेदारी तय हो चुके अमले को उसी कार्यक्षेत्र में रखने की व्यवस्था बनी है। इससे जनगणना समय पर पूरी होने की उम्मीद जताई गई है।
FAQ
सवाल 1: जनगणना 2027 में छत्तीसगढ़ में किस पर तबादले की रोक लगी है?
जवाब: छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के दूसरे चरण से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले पर रोक है। रिपोर्ट के अनुसार, यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया है। रोक जनगणना कार्य पूरा होने तक या 6 महीने, जो पहले हो, तक लागू रहेगी।
सवाल 2: तबादले पर रोक किन कर्मियों पर लागू होगी?
जवाब: यह रोक जिला जनगणना अधिकारी, चार्ज अधिकारी, मास्टर ट्रेनर्स, फील्ड ट्रेनर्स, प्रगणक और पर्यवेक्षक पर लागू होगी। जनगणना के मैदानी काम से जुड़े दूसरे अधिकारी और कर्मचारी भी इसके दायरे में रहेंगे। यह रोक सिर्फ बड़े अधिकारियों तक सीमित नहीं है।
सवाल 3: छत्तीसगढ़ में जनगणना कर्मियों का प्रशिक्षण कब होगा?
जवाब: रिपोर्ट के मुताबिक, जिला स्तर पर प्रशिक्षण 12 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुका है। मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण नवंबर में और फील्ड ट्रेनर्स का 1 दिसंबर 2026 से होगा। प्रगणक और पर्यवेक्षक का प्रशिक्षण 16 दिसंबर से शुरू होगा।