चक्रवात अर्नब का खतरा: रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के 9 जिलों में स्कूल बंद, 29 अक्टूबर को छुट्टी
निजी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश
छत्तीसगढ़ में के 9 जिलों में 29 अक्टूबर को स्कूल बंद रहेंगे। इनमें रायपुर, बिलासपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, बेमेतरा, राजनांदगांव और कबीरधाम शामिल हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और सूरजपुर में भी छुट्टी घोषित की गई है। इन जिलों के सरकारी और निजी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश रहेगा।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य सरकार ने कलेक्टरों को विशेष अधिकार दिए थे। इसके तहत कलेक्टर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार स्कूलों में छुट्टी घोषित कर सकते हैं। संबंधित जिलों के प्रशासन और शिक्षा विभाग ने स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन ने यह फैसला बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है। तेज हवाओं, खराब मौसम और संभावित बारिश को देखते हुए एहतियात बरती जा रही है।
रायपुर में स्कूल-कॉलेज भी बंद
राजधानी रायपुर में कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने 28 अक्टूबर को आदेश जारी किया। वह जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष भी हैं। आदेश के मुताबिक, 29 अक्टूबर को सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में अवकाश रहेगा। इनमें स्कूल, महाविद्यालय और अन्य शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं। यह छुट्टी विद्यार्थियों के लिए घोषित की गई है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 30 और 34 के तहत आदेश जारी किया। संभावित खराब मौसम को देखते हुए यह एहतियाती फैसला लिया गया है।
इन 9 जिलों में बंद रहेंगे स्कूल
29 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के इन जिलों में स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए अवकाश रहेगा।
- रायपुर
- बिलासपुर
- बलौदाबाजार-भाटापारा
- बेमेतरा
- राजनांदगांव
- कबीरधाम
- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
- सारंगढ़-बिलाईगढ़
- सूरजपुर
इन सभी जिलों के सरकारी और निजी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए छुट्टी घोषित है।
पूरे प्रदेश में एक जैसा आदेश नहीं
स्कूल शिक्षा विभाग ने 27 अक्टूबर को जिला कलेक्टरों को छुट्टी घोषित करने की अनुमति दी थी। यह अधिकार स्थानीय मौसम और परिस्थितियों के आधार पर दिया गया था। इसलिए प्रदेश के सभी जिलों में छुट्टी का आदेश अपने आप लागू नहीं होगा। स्कूल संबंधित जिला प्रशासन के आदेश के आधार पर ही बंद रहेंगे। अभिभावकों को अपने जिले के प्रशासन या स्कूल से छुट्टी की पुष्टि करने की सलाह है। मौसम की स्थिति के अनुसार जिला प्रशासन आगे भी जरूरी फैसले ले सकता है।