साय सरकार की बड़ी पहल; छत्तीसगढ़ में लोग अब आसान किस्तों में चुका सकेंगे बकाया बिजली बिल
Raipur. छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने के लिए प्रदेश सरकार ने बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 शुरू की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे आम लोगों के लिए राहत देने वाली अहम योजना बताया है। इस योजना के जरिए लाखों उपभोक्ताओं को पुराने बकाया बिजली बिल से राहत मिलेगी और उन्हें आसान किस्तों में भुगतान करने का विकल्प भी मिलेगा।
सरकार का कहना है कि कई परिवार आर्थिक कारणों से समय पर बिजली बिल जमा नहीं कर पाते। समय बीतने के साथ बकाया राशि पर अधिभार बढ़ता जाता है और उपभोक्ताओं के लिए भुगतान करना और मुश्किल हो जाता है। इसी समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री साय की पहल पर यह योजना लाई गई है, ताकि लोगों को राहत मिल सके और लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान हो सके।
किन उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा
इस योजना में बीपीएल, घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को विशेष छूट दी जा रही है। निष्क्रिय बीपीएल उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि में 75 प्रतिशत तक और अधिभार में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। वहीं, निष्क्रिय घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को मूल राशि में 50 प्रतिशत तक और अधिभार में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। इसका मतलब यह है कि उपभोक्ताओं को पुराने बिल का बड़ा हिस्सा माफ हो सकता है और उन्हें केवल कम राशि का भुगतान करना होगा।
कितने लोगों को मिलेगा लाभ
छत्तीसगढ़ में करीब 28.42 लाख बिजली उपभोक्ता इस योजना का लाभ ले सकते हैं। सरकार का अनुमान है कि इससे करीब 1566 करोड़ रुपए के बकाया मामलों का समाधान हो सकता है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को लगभग 757 करोड़ रुपए की राहत मिलने की संभावना है। यह राहत सीधे लोगों की जेब पर असर डालेगी और उन्हें आर्थिक दबाव से बाहर आने में मदद करेगी।
एकमुश्त या किस्तों में भुगतान का विकल्प
योजना की खास बात यह है कि उपभोक्ता सुविधा के अनुसार भुगतान का तरीका चुन सकते हैं। वे चाहें तो एकमुश्त भुगतान कर सकते हैं या फिर आसान किस्तों में बकाया राशि चुका सकते हैं। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी, जो एक साथ पूरी राशि जमा नहीं कर पाते। बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 30 जून 2026 तक लागू रहेगी।
इस अवधि के दौरान उपभोक्ताओं को पंजीयन कराना जरूरी होगा, तभी वे योजना का लाभ ले सकेंगे। पंजीयन के लिए कई विकल्प दिए गए हैं। उपभोक्ता बिजली विभाग की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या नजदीकी बिजली कार्यालय में जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके अलावा गांव-गांव में शिविर भी लगाए जाएंगे, ताकि दूर-दराज के लोगों तक योजना का लाभ पहुंच सके।
कोरोना के समय की परेशानी से राहत
इस योजना की जरूरत इसलिए भी महसूस हुई, क्योंकि कोरोना महामारी के दौरान कई महीनों तक मीटर रीडिंग नहीं हो पाई थी। इस वजह से उपभोक्ताओं को एक साथ कई महीनों के बिल मिले। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बहुत से लोग यह बिल जमा नहीं कर पाए और धीरे-धीरे बकाया राशि बढ़ती चली गई। अब इस योजना के जरिए ऐसे उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश की जा रही है। 31 मार्च 2023 तक के बकाया को आधार मानकर छूट दी जाएगी।
एम-ऊर्जा योजना का भी मिलेगा लाभ
जो उपभोक्ता इस योजना के तहत अपना बकाया भुगतान कर देंगे, उन्हें आगे एम-ऊर्जा योजना का लाभ भी मिलने लगेगा। इससे उन्हें नियमित रूप से बिजली सेवाओं का फायदा मिलेगा और भविष्य में परेशानी कम होगी।
छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि सरकार लोगों को राहत देने के लिए लगातार काम कर रही है। बीपीएल परिवारों को 30 यूनिट तक मुफ्त बिजली, किसानों को सब्सिडी और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने जैसे कई कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं। अब यह नई योजना उन लोगों के लिए मददगार साबित होगी, जो लंबे समय से बकाया बिल के बोझ से परेशान थे।
गांव-गांव तक पहुंचेगी योजना
सरकार का फोकस यह है कि योजना का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचे। इसीलिए गांवों में शिविर लगाकर लोगों को जानकारी दी जाएगी और मौके पर ही पंजीयन की सुविधा भी दी जाएगी। इससे ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों के उपभोक्ताओं को ज्यादा फायदा मिलेगा। इस योजना से जहां उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, वहीं बिजली व्यवस्था भी मजबूत होगी।
बकाया राशि के निपटान से विभाग की वित्तीय स्थिति सुधरेगी और भविष्य में बेहतर सेवाएं देने में मदद मिलेगी। कुल मिलाकर, बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 छत्तीसगढ़ के लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। यह योजना लोगों को आर्थिक दबाव से बाहर निकालने के साथ उन्हें नियमित बिजली सेवाओं से जोड़ने का भी काम करेगी।
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