सेवा का संकल्प, सुशासन का सेतु... विष्णु भैया के नेतृत्व में संवरता छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं और सरकारी सेवाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। सेवा संकल्प अभियान के दौरान प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से सामने आई कहानियां बताती हैं कि सरकारी योजनाओं का असली महत्व लोगों के जीवन में आने वाले बदलाव से तय होता है।
विकास का मतलब सड़क, भवन और दूसरी बड़ी परियोजनाओं का निर्माण करना भर नहीं है। विकास तब सार्थक होता है, जब गांवों, गरीब परिवारों, किसानों, महिलाओं, बच्चों, युवाओं और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को इसका लाभ मिले। सरकारी व्यवस्था उनकी समस्याएं सुने और समाधान में मदद करे।
सेवा संकल्प अभियान में सामने आए उदाहरण इसी सोच को दिखाते हैं। कहीं परिवारों को सुरक्षित आवास मिला है तो कहीं डिजिटल सेवाओं से मुश्किलें आसान हुई हैं। महिलाएं अपनी आजीविका बढ़ा रही हैं, बच्चों के पोषण पर ध्यान दिया जा रहा है और किसानों को खेती तथा पशुपालन से आमदनी बढ़ाने के अवसर मिल रहे हैं।
कच्चे घरों की जगह पक्की छत, परिवारों को मिली राहत
किसी परिवार के लिए पक्का घर सुरक्षा और सम्मान का भरोसा होता है। खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह बारिश, खराब मौसम और कच्चे मकान की परेशानियों से राहत देता है।
सरगुजा में पहाड़ी कोरवा परिवारों को पीएम जनमन के माध्यम से आवास की सुविधा मिलने से उनके जीवन में ऐसा ही बदलाव आया है। मोहन राम जैसे परिवारों को लंबे समय तक कच्चे मकान में रहना पड़ा है। बारिश के दौरान छत से पानी टपकने और परिवार की सुरक्षा की चिंता बनी रहती थी। पक्का घर मिलने से अब उन्हें अधिक सुरक्षित रहने का भरोसा मिला है।
मोटू राम के लिए भी पक्का आवास बड़ी राहत लेकर आया है। अब उन्हें बार-बार घर की लिपाई-पुताई और मरम्मत की परेशानी से राहत मिली है। उदयपुर क्षेत्र के हुडकू राम, बिरझु, रतन साय और छन्दू के परिवारों में गृह प्रवेश की खुशी भी इसी बदलाव को दिखाती है।
डिजिटल सेवाओं से आसान हो रहे सरकारी काम
सरकारी सेवाओं को लोगों तक आसानी से पहुंचाने में तकनीक की अहम भूमिका है। ‘सेवा सेतु’ से सरकारी सेवाओं को एक डिजिटल मंच पर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। अम्बिकापुर की डॉली गंधर का अनुभव सरकार के अच्छे कामों को बयां करता है। आधार कार्ड में नाम की गलती के कारण डॉली का बैंक खाता खुलने और छात्रवृत्ति से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ने में परेशानी आ रही थी। सेवा सेतु से उनकी समस्या का समाधान हुआ, जिससे उनके लिए आगे की प्रक्रिया आसान हो गई।
इसी तरह सीएम हेल्पलाइन 1076 लोगों को अपनी समस्याएं शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का माध्यम दे रही है। सरगुजा की छात्रा आराधना सिंह के आधार कार्ड में जन्मतिथि सुधार से जुड़ी समस्या का समाधान होने से उनकी उच्च शिक्षा से संबंधित आगे की प्रक्रिया आसान हुई। ये समस्याएं देखने में छोटी लग सकती हैं, लेकिन किसी दस्तावेज में गलती के कारण बैंकिंग, छात्रवृत्ति और पढ़ाई से जुड़े काम रुक सकते हैं। समय पर समाधान मिलने से लोगों के लिए आगे बढ़ने के रास्ते खुलते हैं।
महतारी वंदन से महिलाओं को आर्थिक सहारा
महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना परिवार और समाज के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता उनकी व्यक्तिगत और पारिवारिक जरूरतों को पूरा करने में मदद कर रही है। महिलाएं इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई की सामग्री, पोषण, घर की जरूरी वस्तुओं और छोटे स्वरोजगार के लिए आवश्यक सामान खरीदने में कर रही हैं।
सरगुजा की राखी की कहानी इसका उदाहरण है। पति के निधन के बाद राखी पर दो बच्चों की जिम्मेदारी है। वह खेती के साथ सिलाई का काम करती हैं। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग वह बच्चों के पोषण और सिलाई की सामग्री खरीदने में करती हैं। इस आर्थिक मदद से महिलाओं को अपनी जरूरतों के बारे में निर्णय लेने और परिवार की जिम्मेदारियां संभालने में सहारा मिलता है। अपनी कमाई या आर्थिक सहायता का उपयोग खुद तय कर पाने से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
‘बिहान’ से महिलाएं बढ़ा रही हैं अपनी कमाई
महिलाओं को स्थायी आजीविका से जोड़ने में स्व-सहायता समूह अहम भूमिका निभा रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के जरिए महिलाएं बचत, ऋण, प्रशिक्षण और कमाई से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
अम्बिकापुर की कल्पना सिंह ने स्व-सहायता समूह के माध्यम से ऋण लेकर खीरे की खेती शुरू की है। इसके बाद उन्होंने बैंगन, टमाटर और तरबूज सहित दूसरी फसलों का उत्पादन भी शुरू कर दिया है। इससे उनके लिए कमाई के अवसर बढ़े हैं। साथ ही उन्हें बैंक के काम, बाजार और खेती से जुड़े फैसले खुद संभालने का आत्मविश्वास मिला है।
उदयपुर की मति बाई ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर मुर्गी पालन को व्यवसाय बनाया है। पहले उनका परिवार मजदूरी और छोटे-मोटे कामों पर निर्भर था। अब मुर्गी पालन उसकी आय का महत्वपूर्ण जरिया बन गया है।
स्वस्थ बचपन की ओर बढ़ रहे बच्चे
बच्चों की सेहत में सुधार जनकल्याण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। अम्बिकापुर के सरकारी रघुनाथ जिला अस्पताल में चल रहा पोषण पुनर्वास केंद्र गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों के उपचार और पोषण सुधार पर काम कर रहा है। यहां शिवाशी, रश्मि, प्रतीक और युवराज जैसे बच्चों के उपचार के दौरान उनके वजन में दर्ज बढ़ोतरी सुधार का संकेत देती है।
पशुपालन से ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने की कोशिश
गांवों में बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका पशुपालन पर निर्भर है। बेहतर नस्ल, पशुओं के पोषण, स्वास्थ्य और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर पशुपालन से होने वाली कमाई बढ़ाई जा सकती है। सीतापुर विकासखंड के दयासागर ने पशुपालन विभाग की सलाह पर कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से नस्ल सुधार का तरीका अपनाया है।
बेहतर नस्ल, पशुओं के पोषण और देखभाल पर ध्यान देने से उनके यहां दूध का उत्पादन बढ़ा और पशुपालन से नियमित आय का आधार मजबूत हुआ है। लुण्ड्रा के जयनाथ राम ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत मिले सहयोग से बकरी पालन को आगे बढ़ाया और इसे अपनी आजीविका का माध्यम बनाया है। सरगुजा में ‘छेरी बैंक’ जैसे नए प्रयास भी महिलाओं को पशुपालन से जोड़ रहे हैं।
किसानों के खेतों तक सिंचाई, कमाई के नए अवसर
किसानों की आय बढ़ाने और खेती को मजबूत बनाने के लिए सिंचाई, जल संरक्षण, मिट्टी की सेहत और अलग-अलग फसलों की खेती महत्वपूर्ण है। सरगुजा में सौर सुजला योजना के माध्यम से किसानों को सौर सिंचाई पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे खेतों में सिंचाई की सुविधा बढ़ी है और किसानों के लिए एक से अधिक फसल लेने के अवसर बने हैं।
लबेद सिंह जैसे किसान सौर सिंचाई की मदद से धान के साथ दलहन, तिलहन, सब्जियों, फलदार पौधों और फूलों की खेती जैसी गतिविधियां अपना रहे हैं। खेती के साथ मछली पालन जोड़ने से आमदनी का एक और स्रोत तैयार करने का अवसर मिलता है।
मिट्टी की जांच से खेत की जरूरत के अनुसार खाद और उर्वरकों का संतुलित उपयोग किया जा सकता है। जल संरक्षण के लिए संरचनाएं बनाने से सिंचाई की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है। वहीं, डबरी के जरिए खेती के साथ मछली पालन को जोड़ने से किसान अपनी आय के दूसरे रास्ते भी तलाश सकते हैं।
सेवा से बढ़ता भरोसा, सुशासन से मिलता लाभ
सेवा संकल्प अभियान के दौरान सामने आई कहानियां दिखाती हैं कि सरकारी योजनाओं की सफलता लोगों के जीवन में आए बदलाव से जुड़ी है। जब किसी जरूरतमंद को समय पर मदद मिलती है, सरकारी प्रक्रिया आसान होती है और लोगों को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है, तब जनसेवा का उद्देश्य पूरा होता है।
एक ओर डिजिटल सेवाओं से सरकारी व्यवस्था लोगों के करीब पहुंच रही है, तो दूसरी ओर आवास, आर्थिक सहायता, स्वास्थ्य, पोषण, खेती और आजीविका से जुड़ी योजनाएं लोगों की जरूरतों को पूरा करने में मदद कर रही हैं।
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