स्कूल शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: प्रदेश के 25 जिलों के अतिथि शिक्षकों को मिलेगा बकाया मानदेय, खाते में आएंगे 1.20 लाख
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे अतिथि शिक्षकों के लिए अच्छी खबर आई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने उनके छह महीने के मानदेय के भुगतान के लिए 18 करोड़ 42 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए है और 18 सितंबर को लोक शिक्षण संचालनालय ने यह आदेश जारी किया है। इस फैसले से प्रदेश के 25 जिलों में काम कर रहे 1535 अतिथि शिक्षकों को आर्थिक राहत मिलेगी, जो लंबे समय से अपने मानदेय का इंतजार कर रहे थे।
छह महीने के मानदेय के लिए बजट जारी
अतिथि शिक्षकों को हर महीने 20 हजार रुपये मानदेय मिलता है। इस हिसाब से छह महीने का मानदेय प्रति शिक्षक 1 लाख 20 हजार रुपये बनता है। जिलों में जितने अतिथि शिक्षक काम कर रहे हैं, उसी के अनुसार बजट भेजा गया है। जिला स्तर पर प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह राशि सीधे शिक्षकों के खातों में पहुंचाई जाएगी।
बस्तर संभाग के सात जिले भी शामिल
इस बजट में बस्तर संभाग के सभी सात जिलों को भी शामिल किया गया है। कोंडागांव, बस्तर, कांकेर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर के अतिथि शिक्षकों के लिए भी अलग-अलग राशि आवंटित की गई है।
बलरामपुर में सबसे ज्यादा अतिथि शिक्षक
जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो बलरामपुर में सबसे ज्यादा 220 अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। इनके छह महीने के मानदेय के लिए 2 करोड़ 64 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इसके बाद सूरजपुर में 130 और सरगुजा में 71 अतिथि शिक्षकों के लिए भी राशि जारी की गई है। सरकार के इस कदम से प्रदेश के अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है और उन्हें उम्मीद है कि अब उनके मानदेय भुगतान का इंतजार जल्द ही खत्म हो जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जारी हुई राशि
यह बजट जारी होने से अतिथि शिक्षकों को बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी। वे काफी समय से अपने मानदेय का इंतजार कर रहे थे। अब यह पैसा उनके खातों में आएगा तो उन्हें थोड़ी राहत मिलेगी। यह राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जारी की गई है। इसका मतलब है कि यह आने वाले समय के लिए है। आदेश 18 सितंबर को लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से जारी किया गया है।
हर महीने 20 हजार रुपये मिलता है मानदेय
हर महीने अतिथि शिक्षकों को 20 हजार रुपये मिलते हैं। छह महीने के लिए यह राशि 1 लाख 20 हजार रुपये प्रति शिक्षक हो जाती है। जिलों में जितने अतिथि शिक्षक हैं, उसी हिसाब से बजट भेजा गया है। यह फैसला उन सभी अतिथि शिक्षकों के लिए है जो लंबे समय से अपने पैसों का इंतजार कर रहे थे। अब जिला स्तर पर कुछ प्रक्रियाएं होंगी और फिर यह पैसा सीधे शिक्षकों के बैंक खातों में चला जाएगा।
बस्तर के इन जिलों के शिक्षकों को भी मिलेगा लाभ
बस्तर संभाग के सात जिलों के अतिथि शिक्षकों को भी इस बजट में शामिल किया गया है। इन जिलों के नाम हैं कोंडागांव, बस्तर, कांकेर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर। इन सभी जिलों के अतिथि शिक्षकों के लिए अलग-अलग राशि तय की गई है।
बलरामपुर के 220 शिक्षकों के लिए 2.64 करोड़
जिलेवार बात करें तो बलरामपुर में सबसे ज्यादा अतिथि शिक्षक हैं। वहां 220 अतिथि शिक्षक काम कर रहे हैं। उनके छह महीने के मानदेय के लिए 2 करोड़ 64 लाख रुपये दिए गए हैं। इसके बाद सूरजपुर में 130 और सरगुजा में 71 अतिथि शिक्षकों के लिए भी पैसे जारी किए गए हैं। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के अतिथि शिक्षकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें छह महीने के मानदेय के भुगतान का इंतजार खत्म होने की उम्मीद है।
- छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों के अतिथि शिक्षकों के लिए क्या ख़बर आई है?
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे अतिथि शिक्षकों के लिए अच्छी ख़बर यह है कि स्कूल शिक्षा विभाग ने उनके छह महीने के मानदेय के भुगतान के लिए 18 करोड़ 42 लाख रुपये का बजट जारी किया है। - अतिथि शिक्षकों को हर महीने कितना मानदेय मिलता है और उसके अनुसार कुल राशि क्या है?
अतिथि शिक्षकों को हर महीने 20 हजार रुपये मानदेय मिलता है, जिससे छह महीने का मानदेय प्रति शिक्षक 1 लाख 20 हजार रुपये बनता है। - बस्तर संभाग के कौन-कौन से जिलों के अतिथि शिक्षकों को इस बजट का लाभ मिलेगा?
बस्तर संभाग के सात जिलों जैसे कोंडागांव, बस्तर, कांकेर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर के अतिथि शिक्षकों को इस बजट का लाभ मिलेगा।