छत्तीसगढ़ के वकील अब रहेंगे एडवांस फैसले से अपडेट, चीफ जस्टिस ने की शुरुआत
छत्तीसगढ़ के नए अधिवक्ताओं के लिए अब देश की बड़ी अदालतों के फैसले पढ़ना महंगी जरूरत नहीं रहेगी। सुप्रीम कोर्ट और देशभर के हाईकोर्ट के रिपोर्टेड फैसले अब मोबाइल पर मिलेंगे। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में 15 अगस्त से एआईआर यानी ऑल इंडिया रिपोर्टर की ऑनलाइन लाइब्रेरी शुरू हो गई है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने इसकी शुरुआत की। मकसद साफ है—प्रदेश का वकील किसी भी अहम फैसले से पीछे न रहे।
जेब में कानून की लाइब्रेरी
अब मोटी-मोटी कानून की किताबें और पुराने जर्नल साथ लेकर चलने की जरूरत कम होगी। एआईआर के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुप्रीम कोर्ट और देश के सभी हाईकोर्ट के रिपोर्टेड जजमेंट उपलब्ध रहेंगे। क्रिमिनल से लेकर सिविल मामलों तक के फैसले ऑनलाइन खोजे जा सकेंगे। यानी कोर्ट की तैयारी के लिए जरूरी कानूनी नजीर मोबाइल पर ही मिल जाएगी।
जिला कोर्ट के फैसले नहीं
इस सुविधा की सीमा भी साफ है। एआईआर में जिला अदालतों के फैसले शामिल नहीं होंगे। इसका फोकस सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के रिपोर्टेड जजमेंट पर है। किसी मामले में बड़ी अदालत का पुराना फैसला तलाशना हो या ताजा कानूनी स्थिति समझनी हो, वकील सीधे डिजिटल लाइब्रेरी का इस्तेमाल कर सकेंगे।
22 हजार वाली सुविधा 2 हजार में
सबसे बड़ा बदलाव फीस को लेकर है। एआईआर का व्यक्तिगत सालाना सब्सक्रिप्शन करीब 22 हजार रुपए का है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अपने सदस्यों को यही सुविधा सिर्फ 2 हजार रुपए में दे रहा है। यानी करीब 20 हजार रुपए की सीधी राहत। नए वकीलों के लिए यह फैसला खास मायने रखता है।
नए वकीलों को सबसे बड़ा फायदा
कानून की पढ़ाई पूरी करके कोर्ट में आने वाले युवाओं के सामने शुरुआती दौर में सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक होती है। केस कम होते हैं, आमदनी सीमित रहती है और कानूनी किताबों व जर्नल पर हजारों रुपए खर्च करना मुश्किल होता है। ऐसे में 22 हजार रुपए का सब्सक्रिप्शन उनके लिए भारी पड़ सकता था। बार एसोसिएशन ने इसी बाधा को कम किया है।
400 जुड़े, 4 हजार का लक्ष्य
शुरुआत में करीब 400 अधिवक्ता इस सुविधा से जुड़ चुके हैं। बिलासपुर के साथ रायपुर, अंबिकापुर, रामानुजगंज, दुर्ग, रायगढ़ और राजनांदगांव जैसे जिलों के वकीलों ने भी सब्सक्रिप्शन लिया है। बार एसोसिएशन को उम्मीद है कि प्रदेशभर में करीब 4 हजार अधिवक्ता इससे जुड़ेंगे।
चार महीने में तैयार हुआ प्लान
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के लाइब्रेरी सेक्रेटरी राहुल मिश्रा के मुताबिक नए अधिवक्ताओं को इसका सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा। अध्यक्ष रजनीश सिंह बघेल के मुताबिक इस प्रोजेक्ट पर करीब चार महीने पहले काम शुरू किया गया था। लक्ष्य सिर्फ डिजिटल लाइब्रेरी देना नहीं, बल्कि वकीलों को देश की न्यायिक गतिविधियों से लगातार अपडेट रखना है।
मजबूत होगी बहस, मजबूत होगा केस
सब्सक्रिप्शन के बाद एआईआर को कहीं से भी और किसी भी समय इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका सीधा असर कानूनी रिसर्च और कोर्ट में होने वाली बहस पर पड़ सकता है। वकील पुराने और नए फैसलों को तुरंत देख सकेंगे। इससे खासकर नए अधिवक्ताओं को अपनी पैरवी मजबूत करने का मौका मिलेगा।
फायदा आखिरकार पक्षकार को
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की इस पहल का सबसे बड़ा असर अदालत में आने वाले आम पक्षकार पर पड़ सकता है। वकील जितने अपडेट होंगे, कानूनी तैयारी उतनी मजबूत होगी। छत्तीसगढ़ में पहली बार बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं को कम कीमत पर देश की शीर्ष अदालतों के फैसलों तक डिजिटल पहुंच मिल रही है। यानी अब कानून की महंगी किताबें नहीं, मोबाइल में पूरी कानूनी दुनिया होगी।
FAQ
- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में AIR ऑनलाइन लाइब्रेरी सुविधा क्या है?
AIR यानी ऑल इंडिया रिपोर्टर की डिजिटल लाइब्रेरी है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट और देशभर के हाईकोर्ट के रिपोर्टेड फैसले ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। अधिवक्ता इन्हें मोबाइल या कंप्यूटर पर खोज सकेंगे। - AIR ऑनलाइन लाइब्रेरी का सब्सक्रिप्शन कितने रुपए में मिलेगा?
AIR का व्यक्तिगत सालाना सब्सक्रिप्शन करीब 22 हजार रुपए का है, लेकिन छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अपने सदस्यों को यह सुविधा करीब 2 हजार रुपए में उपलब्ध करा रहा है। - क्या AIR लाइब्रेरी में जिला अदालतों के फैसले भी मिलेंगे?
नहीं, इस डिजिटल लाइब्रेरी में जिला अदालतों के फैसले शामिल नहीं होंगे। इसमें मुख्य रूप से सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के रिपोर्टेड जजमेंट उपलब्ध रहेंगे।
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