बिना मान्यता वाले स्कूलों के एडमिशन विज्ञापन पर हाईकोर्ट सख्त, शिक्षा सचिव से मांगा शपथ पत्र

Aman Vaishnav | Mar 15, 2026, 15:10 IST
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिना मान्यता वाले स्कूलों के एडमिशन विज्ञापनों पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने कहा है कि बिना मान्यता के स्कूल एडमिशन का विज्ञापन देते हैं तो यह कोर्ट के आदेशों की अवमानना मानी जा सकती है। पूरा मामला जानने के लिए खबर आखिरी तक पढ़िए।

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने बिना मान्यता प्राप्त स्कूलों के एडमिशन विज्ञापनों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को इस मामले में व्यक्तिगत शपथ पत्र दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही संबंधित स्कूल को भी नोटिस जारी किया गया है।यह सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की बेंच में हुई है।



एक सप्ताह के अंदर कार्रवाई करने का निर्देश

सुनवाई के दौरान इंटरवीनर (हस्तक्षेपकर्ता) ने कोर्ट को बताया कि, उनकी शिकायतें 5 फरवरी 2026 को लोक शिक्षण संचालनालय ने दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर के जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजी थी। साथ ही उन्हें एक सप्ताह के अंदर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।



लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इस पर कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया कि, वे अगले सुनवाई तक इस मामले में कार्रवाई करके रिपोर्ट पेश करें।



कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन

इंटरवीनर ने कोर्ट (छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट) के सामने एक पत्रिका में छपे एडमिशन विज्ञापन को पेश किया था। इस विज्ञापन में सत्र 2026-27 के लिए कई निजी स्कूलों में प्रवेश की शुरुआत की जानकारी दी गई थी। याचिका में यह कहा गया कि ये स्कूल बिना जरूरी मान्यता के चल रहे हैं। इसके बावजूद वे एडमिशन का विज्ञापन देकर छात्रों को प्रवेश देने की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं। ये कोर्ट के पुराने आदेशों का उल्लंघन है।



नोटिस जारी करने का दिया आदेश

एडमिशन के विज्ञापन में जिन स्कूलों का जिक्र किया गया है, उनमें तुलसी कृष्णा किड्स एकेडमी, मोवा के अलावा कृष्णा किड्स एकेडमी की चार ब्रांचें शामिल हैं। इस मामले में कोर्ट ने कृष्णा पब्लिक स्कूल और तुलसी (रायपुर) को पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।



अगली सुनवाई की तारीख 24 मार्च तय

कोर्ट की डिवीजन बेंच ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को इस मामले में पर्सनल एफिडेविट जमा करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा है कि बिना मान्यता के स्कूल एडमिशन का विज्ञापन देते हैं तो यह कोर्ट के आदेशों की अवमानना मानी जा सकती है।



अगली सुनवाई 24 मार्च 2026 को होगी। इस दिन विभाग को कार्रवाई की स्थिति और अपना जवाब कोर्ट में पेश करना होगा।



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