छत्तीसगढ़ में हॉकी को नई रफ्तार, स्थानीय खिलाड़ियों को मिल रहा बड़ा मंच
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खेलों को प्रोत्साहित करने पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने हॉकी इंडिया की मान्यता के साथ इस लीग का आयोजन किया है। प्रतियोगिता में छह टीमें और कुल 132 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें छत्तीसगढ़ के 108 और दूसरे राज्यों के 24 खिलाड़ी शामिल हैं। हर टीम में 18 स्थानीय और चार बाहरी खिलाड़ी हैं।
इस व्यवस्था से प्रदेश के खिलाड़ियों को अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलने, अपनी क्षमता दिखाने और खेल की बारीकियां सीखने का अवसर मिल रहा है। मजबूत टीमों के खिलाफ मुकाबले उन्हें अपनी कमजोरियां पहचानने और उनमें सुधार करने में भी मदद कर सकते हैं।
ओलंपियन खिलाड़ियों के साथ खेलकर सीखेंगे युवा
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में भारतीय हॉकी के कई अनुभवी खिलाड़ी भी हिस्सा ले रहे हैं। ओलंपियन सुरेंद्र कुमार, प्रदीप मोर, एसवी सुनील, ललित कुमार उपाध्याय, शमशेर सिंह और चिंगलेनसाना सिंह कंगुजम अलग-अलग टीमों से खेल रहे हैं। पूर्व भारतीय कप्तान सरदार सिंह को लीग का एंबेसडर बनाया गया है।
इन खिलाड़ियों के साथ खेलने से स्थानीय युवाओं को बड़े मुकाबलों का अनुभव मिलेगा। वे सीख सकेंगे कि दबाव की स्थिति में कैसे खेलना है, टीम के साथ तालमेल कैसे बनाना है और मैदान पर तेजी से सही फैसला कैसे लेना है। नियमित अभ्यास के साथ ऐसे मुकाबले खिलाड़ियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में मदद कर सकते हैं।
छह टीमें, 132 खिलाड़ी और 18 मुकाबले
लीग में छह टीमें खिताब के लिए मुकाबला कर रही हैं। इनमें राजधानी रॉयल्स, न्यायधानी नाइट्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, बैलाडीला बुल्स और मैनपाट टाइटंस शामिल हैं। हर टीम में 22 खिलाड़ी हैं। खिलाड़ियों का चयन ट्रायल के जरिए किया गया है। टीमों के लिए मुख्य कोच नियुक्त किए गए हैं। सहायक कोचों में छत्तीसगढ़ के लोगों को भी जगह दी गई है।प्रतियोगिता में कुल 18 मुकाबले खेले जाने हैं। लीग चरण के बाद बेहतर प्रदर्शन करने वाली चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। दोनों सेमीफाइनल 31 अक्टूबर को होंगे, जबकि फाइनल 1 नवंबर को शाम 7 बजे खेला जाएगा। विजेता टीम को 11 लाख रुपए और उपविजेता को 6 लाख रुपए दिए जाएंगे।
खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने पर जोर
उद्घाटन समारोह में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने कहा कि देश में खेलों को आगे बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर आयोजन किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप सरकार का प्रयास है कि खेल देश के हर घर तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि अब क्रिकेट के साथ दूसरे खेलों को भी प्राथमिकता दी जा रही है और निजी संस्थान भी युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए आगे आ रहे हैं।
समारोह में उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग से प्रदेश में हॉकी को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने याद दिलाया कि 25 साल पहले इसी दिन भारतीय जूनियर हॉकी टीम ने विश्व कप जीता था। उस विजेता टीम के सदस्य देवेश चौहान इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम के मुख्य कोच के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने विन्सेंट लकड़ा, मृणाल चौबे, रेणुका यादव और सबा अंजुम जैसे खिलाड़ी देश को दिए हैं। यह लीग प्रदेश में हॉकी को मजबूत करने और नई प्रतिभाओं को आगे लाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
दर्शक मुफ्त में देख सकेंगे मुकाबले
लीग के सभी मुकाबले रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले जा रहे हैं। दर्शकों के लिए प्रवेश निःशुल्क रखा गया है। प्रतिदिन दो मैच हो रहे हैं। पहला मुकाबला शाम 5:30 बजे और दूसरा शाम 7:30 बजे शुरू होता है। मैचों का प्रसारण जियो हॉटस्टार पर भी किया जा रहा है।
लीग का शुभंकर बघवा है और इसका नारा है- चलो रे संगी, हॉकी खेलबो। इस संदेश के जरिए प्रदेश के लोगों, खासकर युवाओं को हॉकी से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
खेलों के बजट में भी बढ़ोतरी
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है। राज्य गठन के समय खेल विभाग का बजट 4 करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 304 करोड़ हो गया है। वित्त वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रुपए और छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के लिए 57 करोड़ का प्रावधान किया गया है। बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे आयोजनों के जरिए भी प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।
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