मंत्रालय बस सेवा 6 महीने बढ़ी, लेकिन नए कर्मचारियों को नहीं मिलेगा मुफ्त पास, जर्जर बसों और आग की घटना पर उठे सवाल
सरकार ने प्रति बस पास 3066 रुपए मासिक दर मंजूर की है। दूसरी तरफ बसों की सुरक्षा और संचालन पर पुराने सवाल बने हैं। सोचिए एक बार। रोज हजारों कर्मचारियों को इन्हीं बसों से कार्यालय पहुंचना होता है।
समझें क्या है पूरा मामला
- छत्तीसगढ़ सरकार ने मंत्रालय बस सेवा छह महीने बढ़ाई है।
- बसें 30 अप्रैल 2027 तक चलती रहेंगी।
- नए कर्मचारियों को मुफ्त बस पास नहीं मिलेगा।
- प्रति बस पास 3066 रुपए मासिक दर तय है।
- बसों की सुरक्षा और संचालन पर सवाल बने हैं।
- मंत्रालय बस सेवा छह महीने बढ़ी
सामान्य प्रशासन विभाग ने बस संचालन की अवधि बढ़ाने का आदेश जारी किया है। छत्तीसगढ़ मंत्रालय बस सेवा अब अगले छह महीने तक जारी रहेगी। इस फैसले से कर्मचारियों के सामने खड़ा तत्काल परिवहन संकट टल गया है।
रायपुर नगर निगम ट्रांसपोर्ट लिमिटेड और नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण मिलकर व्यवस्था संभालेंगे। दोनों संस्थाओं के बीच नई निविदा प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। नई व्यवस्था लागू होने तक मौजूदा बस सेवा जारी रखी जाएगी।
यानी सरकार ने फिलहाल बस सेवा बंद होने का खतरा टाल दिया है। लेकिन स्थायी परिवहन व्यवस्था के लिए नई निविदा जरूरी होगी।
नई निविदा का इंतजार क्यों?
मंत्रालय की बसों का मौजूदा अनुबंध 31 अक्टूबर को समाप्त होना था। इसके बाद कर्मचारियों को परिवहन सुविधा बंद होने की आशंका थी। अब छह महीने का विस्तार मिलने से उन्हें कुछ समय मिला है।
सरकार को इस अवधि में नई निविदा प्रक्रिया पूरी करनी होगी। हालांकि, नई व्यवस्था लागू होने की निश्चित तारीख सामने नहीं आई है।
मुफ्त बस पास बंद होने से झटका
मंत्रालय कर्मचारियों का बस पास अब सभी को मुफ्त नहीं मिलेगा। सरकार ने नियुक्ति की तारीख को इसका आधार बनाया है। 1 जनवरी 2025 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को मुफ्त सुविधा नहीं मिलेगी।
आदेश में प्रति बस पास 3066 रुपए मासिक दर मंजूर की गई है। इससे नए कर्मचारियों पर अतिरिक्त खर्च का सवाल खड़ा हुआ है। हालांकि, आदेश में इन कर्मचारियों की कुल संख्या नहीं बताई गई है।
नए कर्मचारियों पर कितना असर?
रायपुर-नवा रायपुर बस सेवा से रोज हजारों कर्मचारी सफर करते हैं। नए कर्मचारियों को मुफ्त पास नहीं मिलने से खर्च बढ़ सकता है। खासकर उन कर्मचारियों पर असर पड़ेगा, जिनके पास निजी वाहन नहीं हैं।
हर महीने 3066 रुपए की दर से सालाना खर्च 36792 रुपए होगा। यह गणना पूरे 12 महीने पास लेने की स्थिति में लागू होगी।
रोज 6 हजार कर्मचारियों का सफर
रायपुर नवा रायपुर बस सेवा हजारों कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है। रायपुर और आसपास से रोज करीब 5 से 6 हजार कर्मचारी आते हैं। ये कर्मचारी मंत्रालय और इंद्रावती भवन में काम करते हैं।
कई कर्मचारियों को रोज 35 से 40 किलोमीटर सफर करना पड़ता है। बस सेवा बंद होने पर निजी परिवहन का खर्च बढ़ सकता था। महिला कर्मचारियों और बिना निजी वाहन वालों की परेशानी भी बढ़ती।
मंत्रालय में ई-ऑफिस और बायोमेट्रिक उपस्थिति की व्यवस्था लागू है। इसलिए कर्मचारियों के लिए समय पर कार्यालय पहुंचना जरूरी है।
कर्मचारी संघ ने क्या मांग की?
छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ ने मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा था। संघ ने 31 अक्टूबर से पहले नई निविदा पूरी करने की मांग की। वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया गया था।
संघ ने 24 सितंबर के आश्वासन पर अमल करने की मांग की थी। संयुक्त बैठक में हुए फैसलों को लागू करने का मुद्दा भी उठाया गया। संघ ने निजी वाहनों के बढ़ते दबाव पर चिंता जताई थी।
मंत्रालय बस में आग पर सवाल
मंत्रालय बस में आग लगने की घटना ने सुरक्षा संबंधी चिंता बढ़ाई है। कर्मचारी संघ के मुताबिक, यह घटना 23 सितंबर को हुई थी। मंत्रालय के सामने खड़ी एक बस में आग लगी थी।
संघ का कहना है कि जांच रिपोर्ट अब तक साझा नहीं हुई है। बसों की तकनीकी खराबी और अनियमित संचालन की शिकायतें भी सामने आई हैं। पर्याप्त बसें उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया है।
छत्तीसगढ़ मंत्रालय बस सेवा की सुरक्षा पर इसलिए सवाल उठ रहे हैं। कर्मचारियों को जांच रिपोर्ट और सुरक्षा व्यवस्था की स्पष्ट जानकारी चाहिए।
बसों की नियमित जांच के निर्देश
सरकार ने बसों की नियमित तकनीकी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। खराब बस मिलने पर तत्काल दूसरी बस उपलब्ध करानी होगी। चालकों और परिचालकों का नियमित मेडिकल चेकअप भी कराया जाएगा।
कर्मचारियों के साथ शालीन व्यवहार करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। विभागाध्यक्ष कार्यालयों को बसों के बिलों का सत्यापन करना होगा। सत्यापित बिल हर महीने की 10 तारीख तक भेजने होंगे।
अब सवाल इन निर्देशों को लागू कराने और निगरानी का है। बसों की जांच कितनी नियमित होगी, यह महत्वपूर्ण रहेगा।
छह महीने बाद फिर संकट तो नहीं आएगा?
सरकार ने 30 अप्रैल 2027 तक बस सेवा जारी रखने का फैसला किया है। तब तक नई निविदा प्रक्रिया पूरी करने का अवसर रहेगा। कर्मचारी संघ पहले ही स्थायी परिवहन व्यवस्था की मांग उठा चुका है।
अब देखना होगा कि नई बस व्यवस्था कब लागू होती है। सुरक्षा शिकायतों का समाधान और जांच रिपोर्ट की स्थिति भी महत्वपूर्ण रहेगी।
यह खबर क्यों जरूरी है
छत्तीसगढ़ मंत्रालय बस सेवा सीधे हजारों कर्मचारियों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी है। सरकार के फैसले से फिलहाल बस सेवा बंद होने की आशंका टली है। लेकिन नए कर्मचारियों के लिए मुफ्त पास की व्यवस्था बदल गई है। इससे परिवहन खर्च को लेकर सवाल उठे हैं।
बस में आग लगने की घटना ने सुरक्षा संबंधी चिंता भी बढ़ाई है। नियमित तकनीकी जांच और पारदर्शी निगरानी जरूरी है। इसका संबंध कर्मचारियों की सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन की जवाबदेही से है।