स्वच्छता में छत्तीसगढ़ का राष्ट्रीय स्तर पर डंका, रायपुर-बिलासपुर और बिल्हा को राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित
इस उपलब्धि के पीछे सिर्फ सरकारी मशीनरी नहीं, बल्कि सफाई कर्मचारियों की मेहनत और आम लोगों की भागीदारी भी है। तीन शहरों का एक साथ राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए चुना जाना छत्तीसगढ़ के शहरी स्वच्छता अभियान की बड़ी सफलता मानी जा रही है। राजधानी रायपुर और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों के साथ बिल्हा जैसे छोटे नगरीय क्षेत्र का चयन यह दिखाता है कि अच्छा काम करने का मौका केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है।
केंद्र की मुहर
केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ सरकार को पत्र भेजकर तीनों शहरों के चयन की जानकारी दी है। स्वच्छ सर्वेक्षण के दसवें संस्करण में इन शहरों को सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान शहरों की साफ-सफाई, स्वच्छता के प्रयासों और नागरिकों की भागीदारी को राष्ट्रीय पहचान देगा।
बिल्हा का नाम खास क्यों?
रायपुर राज्य की राजधानी है और बिलासपुर प्रमुख शहर है। ऐसे में बिल्हा का नाम इनके साथ आना छोटे नगरीय निकायों के लिए खास मायने रखता है। इससे साफ है कि स्वच्छता में शहर का आकार नहीं, बल्कि नियमित सफाई, अच्छा प्रबंधन और लोगों का सहयोग ज्यादा मायने रखता है।
असली नायक: सफाई मित्र
शहरों की स्वच्छता अक्सर रैंकिंग और पुरस्कारों तक सीमित रह जाती है। लेकिन इसके पीछे उन सफाई मित्रों की मेहनत होती है, जो रोज सड़कों, गलियों और बाजारों की सफाई करते हैं।
इस बार केंद्र ने चयनित शहरों से प्रतिनिधिमंडल में सफाई मित्रों, स्वच्छता निरीक्षकों, पर्यवेक्षकों और अभियंताओं को शामिल करने के लिए कहा है। हर पुरस्कार प्राप्त करने वाले शहर से चार प्रतिनिधि मंच पर सम्मान लेंगे।
सफाई सिर्फ सरकार का काम नहीं
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की थीम है "स्वच्छता की नई पहल - बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ"। इसका संदेश है कि शहर साफ रखने की जिम्मेदारी अकेले नगर निगम या सफाई कर्मचारियों की नहीं है। कचरे का सही निपटान, सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाना और अपने आसपास सफाई रखना भी उतना ही जरूरी है।
मुख्यमंत्री और मंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर, बिलासपुर और बिल्हा के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय सफाई मित्रों और नागरिकों के सहयोग को दिया। उनका कहना है कि स्वच्छता सिर्फ रैंक का विषय नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य और बेहतर जीवन से जुड़ा मामला है।
उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने भी तीनों शहरों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को केवल सर्वेक्षण के समय की प्राथमिकता नहीं, बल्कि शहरों की नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाना जरूरी है।
11 नवंबर को दिल्ली में समारोह
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 11 नवंबर को होने वाले समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु चयनित शहरों को सम्मानित करेंगी। समारोह में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू भी मौजूद रहेंगे। एक ही मंच पर प्रदेश के तीन शहरों की उपलब्धि सामने आना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण होगा।
आगे की चुनौती
राष्ट्रीय सम्मान मिलना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन असली परीक्षा उसके बाद शुरू होती है। शहरों की सफाई एक दिन का काम नहीं, बल्कि लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। नियमित कचरा उठाव, सार्वजनिक स्थानों की सफाई और नागरिक सुविधाओं में सुधार पर लगातार ध्यान देना होगा।
यह सफलता प्रदेश के दूसरे नगरीय निकायों में भी सकारात्मक होड़ बढ़ा सकती है और यह संदेश दे सकती है कि साफ शहर के लिए प्रशासन और नागरिक दोनों की भागीदारी जरूरी है।