SDOP के सरकारी बंगले से अफसर कर रहे सागौन की तस्करी , सीएम विष्णुदेव साय से आरक्षक ने की शिकायत
रायपुर. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के गीदम बस स्टैंड पर सागौन के फर्नीचर की जब्ती के मामले में नया मोड़ आ गया है। एक निलंबित आरक्षक ने आरोप लगाया है कि बीजापुर जिले के भैरमगढ़ SDOP का सरकारी बंगला ही सागौन तस्करी का बड़ा अड्डा है।
यहां जंगलों से सागौन समेत अन्य बेशकीमती लकड़ी लाई जाती है। यहां बंगले में पदस्थ आरक्षक और सायहक आरक्षकों से जबरदस्ती लकड़ी कटवाई जाती है। इसके बाद अफसर खुद फर्नीचर की बसों के माध्यम से इसकी तस्करी करते हैं।
सीएम से शिकायत में ये किया खुलासा
संजीव मिश्रा ने रायपुर में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में सीएम विष्णुदेव साय से लिखित शिकायत की है। इसमें बताया है कि लकड़ियां ट्रक और बस में लोड होकर धमतरी जाती हैं।
यहां से ये लकड़ियां अन्य जगह भेजी जाती हैं। इस बीच दंतेवाड़ा, बस्तर, कोंडागांव, कांकेर और फिर धमतरी जिले के अनेक थाना और फॉरेस्ट नाका भी है। अफसर का निर्देश होता है तो गाड़ियां बड़ी आसानी से नाका पार हो जाती है।
छत्तीसगढ़ पुलिस परिवार आंदोलन के सदस्य निलंबित आरक्षक संजीव मिश्रा को कांग्रेस सरकार के दौरान 2 साल पहले पुलिस परिवारों के हितों से संबंधित आंदोलन करने की वजह से सस्पेंड किया गया था। उनकी बहाली अब तक नहीं हुई है।
पुलिस जवानों ने ही लोड किया था सामान
ज्ञात हो कि गीदम बस स्टैंड में 7 जुलाई की रात फॉरेस्ट की टीम ने एक यात्री बस से 32 नग सागौन चिरान बरामद किया था। बस ड्राइवर सतेंद्र सिंह ने फॉरेस्ट के अफसरों को बताया था कि यह सामान बीजापुर के एक SDOP का है।
वहीं, बीजापुर SP का कहना है कि यह भैरमगढ़ के एक आरक्षक का है। इसके दस्तावेज भी उनके पास हैं। वन विभाग का कहना है कि कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले हैं।
सतेंद्र ने अफसरों को बताया था कि यह सामान पुलिस थाना के सामने से सामान लोड हुआ है। सामान जवानों ने ही बस में लोड किया था। इसे धमतरी में उतारा जाना था।
पत्नी छह महीने से नहीं मिल रही, सीएम से मांगी मदद्
जनदर्शन में राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव के रहने वाले नंदकिशोर ने अपनी पीड़ा मुख्यमंत्री साय को बताई। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी पिछले 6 महीने से लापता है। पुलिस थाने में भी शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन अब तक कुछ खबर नहीं मिल पाई है। मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को सुनकर राजनांदगांव के एसपी को फोन किया और खोज-खबर के निर्देश दिए हैं।