सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर सदन में हंगामा, भूपेश का बड़ा आरोप, विपक्ष ने किया वॉकआउट
NEWS IN SHORT
- विधानसभा के प्रश्नकाल में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के मुद्दे पर जमकर हंगामा
- डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने सहकारी केंद्रीय बैंक भवन निर्माण में देरी का मुद्दा उठाया
- चिन्हित जमीन पर अतिक्रमण और सुविधाओं की कमी के कारण दूसरी जगह देखी जा रही
- भूपेश बघेल ने सरकार पर अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया
- मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी विधायकों का सदन से वॉकआउट
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के मुद्दे को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता स्वामी बघेल द्वारा सहकारी केंद्रीय बैंक भवन निर्माण में देरी का मुद्दा उठाने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हो गई।
नेता प्रतिपक्ष भूपेश बघेल ने सरकार पर अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया, जबकि मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मामले में कार्रवाई के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा गया है। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
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विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने उठाया मुद्दा
प्रश्नकाल के दौरान विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने पूछा कि क्या जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा डोंगरगढ़ के लिए 24 अगस्त 2023 को पंजीयक सहकारी संस्थाओं द्वारा भवन निर्माण की अनुमति दी गई थी।
उन्होंने यह भी सवाल किया कि जब टेंडर और भूमि पूजन हो चुका था तो अतिक्रमण हटाकर भवन निर्माण क्यों शुरू नहीं किया गया। उन्होंने यह भी पूछा कि बैंक कब तक किराए के भवन में संचालित होता रहेगा और सरकार इस मामले में कब तक कार्रवाई करेगी।
मंत्री केदार कश्यप ने दिया जवाब
मंत्री केदार कश्यप ने जवाब देते हुए कहा कि जिस जगह पर बैंक भवन बनाने का निर्णय लिया गया था, वहां अतिक्रमण है। किसानों और उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सर्वसुविधायुक्त भवन बनाने का निर्णय लिया गया है, इसलिए दूसरी जगह जमीन का चयन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए जिला कलेक्टर को पत्र लिखा गया है और जल्द कार्रवाई की जाएगी।
भूपेश बघेल ने सरकार को घेरा
मंत्री के जवाब के बाद नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि बैंक के लिए कितनी जमीन आवंटित की गई है और कितनी जमीन पर अतिक्रमण है।
मंत्री ने बताया कि 22 वर्ग मीटर जमीन आवंटित हुई है और लगभग 3 हजार वर्ग फीट जमीन की जरूरत है। इस पर भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार बहाने बना रही है और अतिक्रमण हटाने में गंभीरता नहीं दिखा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अतिक्रमणकारियों को सरकारी संरक्षण मिल रहा है और पूछा कि आखिर सरकार कब तक बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाएगी।
हंगामे के बाद विपक्ष का वॉकआउट
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी विधायकों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण हटाने में देरी का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
आगे क्या
अब जिला प्रशासन को अतिक्रमण हटाने और बैंक भवन निर्माण के लिए जमीन तय करने की प्रक्रिया तेज करनी होगी। इस मामले पर सरकार को अगली कार्यवाही और समयसीमा स्पष्ट करनी पड़ सकती है।
निष्कर्ष
सरकारी जमीन पर कब्जा का मुद्दा विधानसभा में राजनीतिक टकराव का कारण बन गया। विपक्ष ने सरकार पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने जल्द समाधान का भरोसा दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है।