रायपुर जिले में ही शिक्षकों के 1954 पद खाली, कब तक भरे जाएंगे, नहीं बता पाई सरकार

Marut raj | Jul 22, 2024, 13:51 IST
Chhattisgarh Vidhansabha Monsoon Session 2024 the sootr
बीजेपी विधायक मोतीलाल साहू ने बताया कि उनके क्षेत्र में 90 स्‍कूल हैं, जिनमें से अधिकांश स्‍कूलों में शिक्षकों की कमी है। कई स्‍कूल ऐसे हैं, जिनमें शिक्षक ही नहीं हैं। सदन में नेता प्रतिपक्ष ने रमलला को उपहार में दिए बेर पर सरकार को घेरा।

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र सामवार से शुरू हो गया है। सत्र के पहले दिन प्रदेश में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठा। सबसे बड़ी बात यह है कि रायपुर जिले में ही शिक्षकों के 1954 पद खाली होने की बात सामने आई है। इन्हें कब तक भारा जाएगा, इसके बारे में सरकार ने फिलहाल कोई साफ जवाब नहीं दिया है।



बीजेपी विधायक ने कहा- मेरे क्षेत्र के कई स्कूलों में शिक्षक ही नहीं

स्‍कूलों में शिक्षकों की संख्‍या को लेकर उठे सवाल का जवाब स्‍कूल शिक्षा विभाग की जिम्‍मेदारी संभाल रहे मुख्‍यमंत्री विष्‍णुदेव साय ने दिया। उन्होंने सदन को बताया कि रायपुर जिले में 7939 शिक्षकों के पद हैं। इनमें 1954 पद खाली हैं। सीएम ने बताया कि पदोन्नति की प्रक्रिया के तहत इन पदों को भरा जा रहा है। हालांकि, सीधी भर्ती के रिक्त पदों को कब तक भरा जा सकेगा, इसकी समय-सीमा बताई नहीं जा सकती।



मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस दौरान बीजेपी विधायक मोतीलाल साहू ने बताया कि उनके क्षेत्र में 90 स्‍कूल हैं, जिनमें से अधिकांश स्‍कूलों में शिक्षकों की कमी है। कई स्‍कूल हैं, जिनमें शिक्षक ही नहीं हैं।



रामलला को उपहार में कहां से ले गए बेर

विधानसभा में शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने भाजपा नेताओं से रामलला को भेंट किए बेर पर घेरा। उन्होंने कहा कि कहा कि अभी बेर का सीजन नहीं है। बेर न शिवरीनारायण में मिल रहा है और न ही रायपुर में, फिर अयोध्या बेर कहां से ले गए।



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