विधानसभा सत्र के तीसरे दिन भी जमकर हंगामा, नक्सल मुद्दे पर पक्ष_विपक्ष में खिंची तलवारें

Arun Tiwari | Jul 24, 2024, 18:27 IST
Chhattisgarh Vidhansabha Session 2024 the sootr
सदन में जहां विपक्ष की विधायक सावित्री मंडावी ने नक्सली क्षेत्रो में पुलिस की पदस्थापना को लेकर सवाल खड़े किए तो वहीं दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने बीजेपी की सरकार बनने के बाद नक्सली एनकाउंटर का मुद्दा उठाया।

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र का तीसरा दिन भी हंगामेदार रहा। प्रश्नकाल से ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने मंत्रियों को घेरा। सदन में जहां विपक्ष की विधायक सावित्री मंडावी ने नक्सली क्षेत्रो में पुलिस की पदस्थापना को लेकर सवाल खड़े किए तो वहीं दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने बीजेपी की सरकार बनने के बाद नक्सली एनकाउंटर का मुद्दा उठाया। इसे लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ।



छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन बीजेपी की सरकार बनने के बाद से प्रदेश में हुई नक्सल घटनाओं को लेकर विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा। कांग्रेस विधायक सावित्री मंडावी ने नक्सली क्षेत्र में तैनात पुलिस आरक्षक को लेकर सवाल उठाया जिस पर मंत्री विजय शर्मा ने कहा की 10 साल की अनिवार्यता रहती है।



इसके बाद भी सभी के तबादले हो जाये यह जरूरी नही। लेकिन जिन्होंने भी आवेदन लगाया होगा नियमानुसार तबादले होंगे। किसी को किसी मंत्री नेता अधिकारी के घर जाने की जरूरत नही है।



सदन में गूंजा नक्सल का मुद्दा

विपक्ष ने सत्ता पक्ष को नक्सल मुद्दों में घेरा



नक्सल क्षेत्र से पदस्थापना से लेकर नक्सल हमलों पर खड़े हुए सवाल



नेता प्रतिपक्ष महंत ने 2023 दिसंबर से जून 2024 तक नक्सली घटनाओं की मांगी जानकारी



सरकार ने यह दिया जवाब :

273 नक्सली घटना हुई,


नक्सली पुलिस मुठभेड़ की 92 घटनाएं



19 जवान शहीद हुए, 88 घायल हुए



34 आम नागरिक की हत्या हुई 137 नक्सली मारे गए



171 नक्सली गिरफ्तार हुए



आम नागरिकों को 4 को नक्सलियों ने जनअदालत लगाकर मारा,


आईडी ब्लास्ट में 5 नागरिक मारे गए,


24 को नक्सलियों ने मुखबिर के शक में मारा,


1 नागरिक क्रॉस फायरिंग में मारा गया



छत्तीसगढ़ में लगातार भाजपा की सरकार बनने के बाद हो रहे नक्सल मुद्दे और फर्जी एनकाउंटर को लेकर कांग्रेस सरकार पर हमलावर रही है।



आज एक बार फिर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने सदन में नक्सली घटनाओं के साथ भरमार बंदूकों की जप्ती की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया। इस पर आंकड़ों के साथ गृह मंत्री ने जवाब देते हुए संवेदनशील मुद्दे पर सियासत नहीं करने की बात कही। छत्तीसगढ़ को विरासत में मिले नक्सलवाद को लेकर सियासत लगातार जारी है।



2023 में हुए चुनाव से पूर्व बीजेपी ने नक्सली मुक्त छत्तीसगढ़ का वादा किया था। मगर सदन में पेश किए गए आंकड़ों के बाद विपक्ष ने बीजेपी के दावे को कागजी करार दिया हैं।



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