मुख्य निर्वाचन आयुक्त का छत्तीसगढ़ दौरा अचानक स्थगित, वजह पर सस्पेंस, क्या विरोध के माहौल ने बढ़ाई चिंता?
आदेश में दौरा स्थगित करने की वजह सिर्फ अपरिहार्य कारण बताई गई है। यही वजह अब सबसे बड़ा सवाल बन गई है।
दौरा आखिरी वक्त पर टला
निर्वाचन आयोग का यह दौरा पहले से प्रस्तावित था। इसके लिए रायपुर के साथ दंतेवाड़ा, जगदलपुर और कवर्धा तक प्रशासनिक तैयारियां की जा रही थीं। पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों को भी जिम्मेदारियां दी गई थीं। माना एयरपोर्ट से लेकर अधिकारियों की आवाजाही तक की व्यवस्था पर काम चल रहा था। लेकिन दौरे से ठीक एक दिन पहले इसे स्थगित कर दिया गया।
पत्र में वजह साफ नहीं
अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी भोसकर विलास संदिपान ने 6 अक्टूबर को पत्र जारी किया। इसमें कहा गया है कि निर्वाचन आयोग ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का 7-8 अक्टूबर का छत्तीसगढ़ प्रवास अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया है। संशोधित कार्यक्रम बाद में बताया जाएगा।
विरोध की आशंका भी सवाल में
अब चर्चा इस बात की भी है कि क्या दौरे के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ किसी तरह का विरोध या माहौल बनने की आशंका थी? हालांकि, आधिकारिक पत्र में ऐसा कोई कारण नहीं बताया गया है। इसलिए इसे फिलहाल केवल एक संभावना के तौर पर ही देखा जा सकता है। सवाल यह भी है कि अगर कोई सुरक्षा या विरोध से जुड़ी चिंता थी तो उसे सार्वजनिक पत्र में क्यों नहीं बताया गया?
पूरी मशीनरी को दी सूचना
दौरा रद्द होने की सूचना सिर्फ शिष्टाचार विभाग तक सीमित नहीं रही। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रमुख सचिव, रायपुर समेत दंतेवाड़ा, जगदलपुर और कवर्धा के कलेक्टर, पुलिस अधिकारी, एयरपोर्ट निदेशक, सुरक्षा अधिकारियों, सीआईएसएफ और पीडब्ल्यूडी के अफसरों को भी इसकी जानकारी भेजी गई। इससे साफ है कि दौरे को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां थीं।
अब नए कार्यक्रम का इंतजार
निर्वाचन आयोग की ओर से संशोधित कार्यक्रम मिलने के बाद ही यह साफ होगा कि दौरा कब होगा और किन जिलों में अधिकारियों के साथ बैठकें होंगी। फिलहाल अचानक स्थगन ने कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब दौरा तय था, तैयारियां पूरी थीं और कार्यक्रम दो दिन बाद शुरू होना था, तो आखिरी समय पर ऐसा क्या हुआ कि आयोग को पूरा दौरा ही टालना पड़ा?
अपरिहार्य कारण... लेकिन कौन सा?
सरकारी पत्र में कारण का खुलासा नहीं किया गया है। ऐसे में विरोध की आशंका से लेकर प्रशासनिक, सुरक्षा या आयोग स्तर के दूसरे कारणों तक कई कयास लगाए जा रहे हैं। लेकिन आधिकारिक तौर पर अभी सिर्फ इतना ही सामने आया है कि दौरा स्थगित हुआ है और नई तारीख बाद में तय होगी।