सीएम साय ने बुलाई विधायक दल की बैठक, नकटी के बिगड़े हालातों पर चर्चा

Arun Tiwari | Jul 07, 2026, 10:30 IST
मुख्यमंत्री की विधायी बैठक - नकटी विवाद
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मानसून सत्र से पहले बीजेपी विधायक दल की बैठक बुलाई। नकटी विवाद, विपक्ष की रणनीति, संभावित अविश्वास प्रस्ताव और सदन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा होगी।

RAIPUR : मुख्यमंत्री विष्णुदेव से ने सीएम हाउस में विधायक दल की बैठक बुलाई है। आमतौर पर विधानसभा सत्र शुरू होने पर यह बैठक बुलाई जाती है। लेकिन एक हफ्ते पहले यह बैठक करने पर सियासत गरमा गई है।



सूत्र बताते हैं कि नकटी में जिस तरह के हालात बने हैं उससे सरकार घिरते हुए नज़र आ रही है। विधानसभा में भी कांग्रेस इसको लेकर हमलावर हो सकती है। संगठन और मंत्रियों की सफाई में भी अलग अलग बयान सामने आ रहे हैं। इस सब बिंदुओं पर चर्चा करने के लिए यह बैठक बुलाई गई है।



13 जुलाई से मानसून सत्र:

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र से पहले बीजेपी ने अपनी राजनीतिक रणनीति को अंतिम रूप देने की तैयारी शुरू कर दी है। मंगलवार शाम मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में बीजेपी विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी। बैठक में सभी मंत्री और बीजेपी विधायक शामिल होंगे।



माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष के संभावित हमलों का जवाब देने के लिए सरकार अपनी रणनीति तय करेगी। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से शुरू होकर 17 जुलाई तक चलेगा। पांच दिवसीय इस सत्र में कुल पांच बैठकें प्रस्तावित हैं। सरकार के सामने कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर विपक्ष पहले से आक्रामक रुख अपनाए हुए है।



यह चर्चा भी संभव:

बैठक में सरकार की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से सदन में रखने, विपक्ष के आरोपों का तथ्यात्मक जवाब देने और सभी विधायकों की भूमिका तय करने पर चर्चा होगी। इसके अलावा विभागवार तैयारियों की भी समीक्षा की जाएगी ताकि सदन में किसी भी सवाल का प्रभावी जवाब दिया जा सके।



राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इस बार विपक्ष सरकार को कई मोर्चों पर घेरने की तैयारी में है। जानकारी के अनुसार विपक्ष विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव भी ला सकता है। इसी संभावना को देखते हुए बीजेपी ने सामान्य परंपरा से पहले विधायक दल की बैठक बुला ली है। आमतौर पर ऐसी बैठकें सत्र शुरू होने के ठीक पहले आयोजित होती थीं, लेकिन इस बार छह दिन पहले ही सभी विधायकों को रायपुर बुलाया गया है।



सरकार को घेरेगा विपक्ष:

विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए पहले ही व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि विपक्षी विधायकों ने विभिन्न विभागों से जुड़े 1033 से अधिक सवाल लगाए हैं। इससे साफ है कि मानसून सत्र के दौरान सरकार को तीखे सवालों और आरोपों का सामना करना पड़ सकता है। विपक्ष जिन प्रमुख मुद्दों को सदन में उठाने की तैयारी कर रहा है, उनमें रायपुर के नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई सबसे अहम मानी जा रही है। इसके अलावा कोरिया जिले के सोनहत क्षेत्र में रेत कारोबार को लेकर हुआ खूनी संघर्ष, किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता, कानून-व्यवस्था की स्थिति तथा अन्य जनहित के मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की रणनीति बनाई जा रही है।



हंगामेदार होगा सत्र:

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार का मानसून सत्र काफी हंगामेदार रहने की संभावना है। एक ओर विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है, वहीं बीजेपी भी पूरी तैयारी के साथ सदन में उतरने की रणनीति बना रही है। ऐसे में मंगलवार को होने वाली विधायक दल की बैठक आगामी विधानसभा सत्र की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण बैठक साबित हो सकती है। दोनों पक्षों की आक्रामक तैयारी को देखते हुए विधानसभा का यह सत्र राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।



FAQ

  1. छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र कब से कब तक चलेगा?
    उत्तर: 13 जुलाई से 17 जुलाई तक।
  2. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीजेपी विधायक दल की बैठक क्यों बुलाई?
    उत्तर: मानसून सत्र की रणनीति और प्रमुख राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा के लिए।

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