वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल: 164 अफसर-कर्मचारी इधर से उधर, BIU-ऑडिट से लेकर वृत्तों तक बदली जिम्मेदारी
सबसे ज्यादा सहायक आयुक्त
सबसे बड़ा फेरबदल सहायक आयुक्त संवर्ग में हुआ है। इस स्तर के 36 अधिकारियों की जिम्मेदारी बदली गई है। कई अधिकारियों को मुख्यालय से वृत्तों में भेजा गया है, तो कई को बीआईयू और ऑडिट शाखाओं में नई जिम्मेदारी मिली है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, महासमुंद, राजनांदगांव, कोरबा, रायगढ़ और दूसरे जिलों के वृत्तों में भी बदलाव हुआ है।
संयुक्त आयुक्त भी बदले
10 संयुक्त आयुक्तों का भी तबादला किया गया है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, नवा रायपुर और जगदलपुर संभाग में पदस्थ अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। कुछ अधिकारियों को अपील और ऑडिट शाखाओं में भेजा गया है, जबकि कुछ को मुख्यालय और संभागीय कार्यालयों की जिम्मेदारी दी गई है।
उपायुक्तों की नई पोस्टिंग
13 राज्य कर उपायुक्तों की पदस्थापना भी बदली गई है। बीआईयू, ऑडिट और मुख्यालय से जुड़े अधिकारियों को अलग-अलग संभागीय कार्यालयों और वृत्तों में भेजा गया है। खास बात यह है कि कुछ अधिकारियों को जांच से जुड़े बीआईयू काम से हटाकर नियमित वृत्तों में भेजा गया है, जबकि कुछ को बीआईयू में नई जिम्मेदारी मिली है।
28 अधिकारियों की जिम्मेदारी बदली
28 राज्य कर अधिकारियों के तबादले में भी बड़े बदलाव दिखाई देते हैं। रायपुर, रायगढ़, बिलासपुर, दुर्ग, जांजगीर-चांपा, अंबिकापुर और दूसरे क्षेत्रों में पदस्थापना बदली गई है। इनमें अधिकांश तबादले प्रशासनिक आधार पर हैं, जबकि कुछ अधिकारियों का स्थानांतरण स्वयं के व्यय पर किया गया है।
निरीक्षकों का भी नंबर आया
30 राज्य कर निरीक्षकों को भी नई जगह भेजा गया है। बीआईयू और ऑडिट से जुड़े कई कर्मचारियों को अलग-अलग टैक्स वृत्तों में पदस्थ किया गया है। रायपुर और बिलासपुर के अलावा दुर्ग, कोरबा, रायगढ़, जगदलपुर और अंबिकापुर में भी बड़े बदलाव किए गए हैं।
निचले अमले में भी फेरबदल
तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के 47 कर्मचारियों की पदस्थापना बदली गई है। इसमें सहायक ग्रेड, लेखापाल, डाटा एंट्री ऑपरेटर, आशुलिपिक, चालक, चौकीदार, भृत्य और आदेश वाहक शामिल हैं। इस संवर्ग में ज्यादातर तबादले स्वयं के व्यय पर किए गए हैं। केवल छह कर्मचारियों का तबादला प्रशासनिक आधार पर हुआ है।
आखिर इतनी बड़ी कवायद क्यों?
एक ही आदेश में 164 लोगों की जिम्मेदारी बदलने से विभागीय कामकाज पर इसका सीधा असर पड़ेगा। खासकर बीआईयू, ऑडिट और अपील शाखाओं में हुए बदलाव महत्वपूर्ण हैं। अब देखना होगा कि इन बदलावों के बाद टैक्स वसूली, जांच और लंबित मामलों के निपटारे की रफ्तार कितनी बदलती है।
मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद आदेश
विभाग के मुताबिक सभी स्थानांतरण आदेशों पर उप सचिव एस.के. सिंह के डिजिटल हस्ताक्षर हैं। इन तबादलों के लिए मुख्यमंत्री का समन्वय अनुमोदन भी प्राप्त किया गया है। यानी विभाग ने लंबे समय से चल रही पोस्टिंग व्यवस्था में एक साथ बड़ा फेरबदल कर दिया है।