दिवाली से पहले साय सरकार का तोहफा, कर्मचारियों-पेंशनरों का DA 2% बढ़ा, नवंबर से मिलेगा फायदा
सरकार पर हर साल 432 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 29 अक्टूबर को महंगाई भत्ता और महंगाई राहत बढ़ाने का फैसला लिया। इस फैसले से प्रदेश के करीब 3 लाख 85 हजार सरकारी कर्मचारियों और 1 लाख 50 हजार पेंशनरों को लाभ मिलने का अनुमान है। हालांकि, सरकार को इसके लिए अतिरिक्त बजट भी खर्च करना होगा। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, बढ़े हुए भत्ते और राहत के भुगतान से हर महीने करीब 36 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च आएगा। सालभर में यह रकम 432 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगी।
महंगाई भत्ता कर्मचारियों को उनकी बेसिक सैलरी के आधार पर मिलता है, जबकि पेंशनरों को बेसिक पेंशन के हिसाब से महंगाई राहत दी जाती है। दोनों का मकसद बढ़ती महंगाई से होने वाले खर्च के असर को कुछ हद तक कम करना है। हालांकि, भत्ते में बढ़ोतरी के बाद हर कर्मचारी की जेब में कितने अतिरिक्त रुपए आएंगे, यह उसकी बेसिक सैलरी पर निर्भर करेगा।
नवंबर से कितनी बढ़ेगी कर्मचारियों की सैलरी?
महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत बढ़ोतरी का मतलब यह नहीं है कि कर्मचारियों की कुल सैलरी में भी 2 प्रतिशत का इजाफा होगा। बढ़ी हुई रकम की गणना बेसिक सैलरी के आधार पर की जाएगी। उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 30 हजार रुपए है, तो उसे 58 प्रतिशत की दर से 17 हजार 400 रुपए महंगाई भत्ता मिलता है। नई दर लागू होने पर यह राशि 18 हजार रुपए हो जाएगी। यानी कर्मचारी को हर महीने 600 रुपए अतिरिक्त मिलेंगे।
इसी तरह, यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 40 हजार रुपए है, तो उसे 2 प्रतिशत बढ़ोतरी के बाद हर महीने 800 रुपए ज्यादा मिलेंगे। इस हिसाब से जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी अधिक है, उनके महंगाई भत्ते में भी ज्यादा बढ़ोतरी होगी। यह अतिरिक्त राशि महंगाई भत्ते के रूप में मिलेगी, न कि बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी के रूप में।
पेंशनरों को कितनी मिलेगी महंगाई राहत?
सरकार के फैसले का फायदा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी मिलेगा। पेंशनरों के लिए महंगाई राहत की गणना उनकी बेसिक पेंशन के आधार पर की जाएगी। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी पेंशनर की बेसिक पेंशन 20 हजार रुपए है, तो उसे 58 प्रतिशत की दर से 11 हजार 600 रुपए महंगाई राहत मिलती है। नई दर 60 प्रतिशत होने के बाद यह रकम बढ़कर 12 हजार रुपए हो जाएगी। यानी ऐसे पेंशनर को हर महीने 400 रुपए अतिरिक्त मिलेंगे।
वहीं, जिन पेंशनरों की बेसिक पेंशन अधिक है, उन्हें उसी अनुपात में ज्यादा राहत मिलेगी। इस बढ़ोतरी से पेंशनरों की मासिक आय में कुछ इजाफा होगा। हालांकि, बढ़ती महंगाई के बीच यह अतिरिक्त राशि उनके घरेलू खर्च में कितनी मददगार होगी, यह उनकी व्यक्तिगत जरूरतों और खर्च पर निर्भर करेगा।
मुख्यमंत्री साय ने दी फैसले की जानकारी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए लिए गए फैसले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय। दीपावली से पहले हमारी सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनरों की महंगाई राहत में 2 प्रतिशत की वृद्धि का निर्णय लिया है। आगामी 1 नवंबर से दोनों की दर 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में लाभार्थियों की संख्या भी बताई। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के लगभग 3.85 लाख कर्मचारियों और 1.50 लाख पेंशनरों को लाभ मिलेगा। साय ने भरोसा जताया कि यह फैसला कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक राहत देने के साथ उनके परिवारों की त्योहार की खुशियां भी बढ़ाएगा।
अब नवंबर से बढ़े हुए भत्ते का इंतजार
सरकार ने बढ़ी हुई दर लागू करने की तारीख 1 नवंबर 2026 तय की है। ऐसे में कर्मचारियों और पेंशनरों की नजर अब नवंबर के वेतन और पेंशन भुगतान पर रहेगी। बढ़ी हुई रकम संबंधित कर्मचारी के बेसिक वेतन और पेंशनर की बेसिक पेंशन के अनुसार तय होगी।
सरकार की घोषणा से यह साफ हो गया है कि कर्मचारियों का DA और पेंशनरों का DR अब 60 प्रतिशत की दर से मिलेगा। हालांकि, भुगतान की प्रक्रिया और बढ़ी हुई राशि किस तरह वेतन तथा पेंशन में जोड़ी जाएगी, इसकी विस्तृत जानकारी संबंधित विभागों के आदेश से स्पष्ट होगी।