छत्तीसगढ़ सरकार की सौगात; अब बिना जमीन वाले मजदूरों और पारंपरिक कारीगरों को भी मिलेगी सालाना आर्थिक मदद
NEWS IN SHORT
- छत्तीसगढ़ भूमिहीन योजना सालाना 10,000 रुपये की सहायता
- योजना का उद्देश्य भूमिहीन परिवारों को वित्तीय सुरक्षा देना
- पात्रता: कृषि मजदूर और पारंपरिक श्रमिक शामिल
- आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध
- जरूरी दस्तावेज़: आधार कार्ड, बैंक अकाउंट, और निवास प्रमाण पत्र
NEWS IN DETAIL
Raipur। छत्तीसगढ़ सरकार ने भूमिहीन मजदूरों की मदद के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना' शुरू की है।
इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह योजना विशेष रूप से उन ग्रामीण परिवारों के लिए है जिनके पास खुद की जमीन नहीं है, और यह उन्हें वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है।
योजना का उद्देश्य
(छत्तीसगढ़ सरकारी योजना )इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और भूमिहीन परिवारों को एक नियमित आय प्रदान करना है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और सम्मानपूर्ण जीवन जी सकें।
योजना का दायरा अब और बढ़ा दिया गया है और वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इसके लिए 600 करोड़ रुपये का फंड निर्धारित किया गया है।
पात्रता (Eligibility)
इस योजना का लाभ उन सभी लोगों को मिलेगा जिनके पास खुद की खेती करने के लिए जमीन नहीं है। इसमें निम्नलिखित लोग शामिल हैं:
कृषि मजदूर जिनके पास खुद की भूमि नहीं है।
वन उपज इकट्ठा करने वाले, जैसे तेंदूपत्ता संग्राहक।
पारंपरिक श्रमिक जैसे बढ़ई, लोहार, नाई और धोबी।
गांवों के पुजारी, बैगा, गुनिया और माँझी।
आवेदन करने वाले व्यक्ति की उम्र 18 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज़:
आधार कार्ड
बैंक अकाउंट (DBT के लिए एक्टिव होना जरूरी)
छत्तीसगढ़ का मूल निवास प्रमाण पत्र
मजदूर या भूमिहीन होने का सेल्फ डिक्लेरेशन
राशन कार्ड या कोई अन्य सरकारी वैलिड आईडी
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया बहुत सरल है:
छत्तीसगढ़ राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वेबसाइट पर जाएं।
'नया पंजीयन' (New Registration) पर क्लिक करें।
अपना आधार नंबर, बैंक खाते की जानकारी और मोबाइल नंबर भरें।
जरूरी दस्तावेज़ की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
सभी जानकारी सही से भरने के बाद फॉर्म सबमिट करें और एप्लीकेशन नंबर सेव कर लें।
ऑफलाइन आवेदन कैसे करें?
ऑफलाइन आवेदन के लिए निम्नलिखित कदम उठाएं:
अपने ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत या नगर पालिका कार्यालय में जाएं।
वहां से 'दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन योजना' का फॉर्म प्राप्त करें।
फॉर्म भरें और सभी जरूरी दस्तावेज़ की फोटोकॉपी अटैच करें।
फॉर्म को संबंधित अधिकारी को जमा करें।
आपके दस्तावेज़ की जांच के बाद आपका नाम पोर्टल पर अपडेट कर दिया जाएगा।
पूछे जानें वाले सवाल
योजना के तहत हर साल कितना फंड मिलता है?
प्रत्येक पात्र परिवार को हर साल 10,000 रुपये की सहायता सीधे उनके बैंक अकाउंट में दी जाती है।
क्या सिर्फ कृषि मजदूरों को ही इसका फायदा मिलेगा?
नहीं, कृषि मजदूरों के अलावा भी अन्य पारंपरिक कामकाजी जैसे बढ़ई, लोहार, नाई, धोबी और गांव के पुजारियों को भी यह लाभ मिलेगा।
अगली किस्त कब मिलेगी?
सरकार ने 25 मार्च 2026 को किस्त भेजी थी। अगली किस्त मार्च-अप्रैल 2027 के बीच जारी होने की संभावना है।
अगर बैंक अकाउंट में पैसा नहीं आया तो क्या करें?
अगर पेमेंट नहीं आता है, तो सबसे पहले यह चेक करें कि आपका बैंक अकाउंट आधार से लिंक है या नहीं। इसके साथ ही ई-केवाईसी अपडेट होना भी जरूरी है।
(सरकारी योजना)इस योजना से छत्तीसगढ़ के भूमिहीन मजदूरों को नई उम्मीद मिलेगी, और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।
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