छत्तीसगढ़ विधानसभा में इस बड़े पद के लिए बीजेपी- कांग्रेस आमने - सामने
रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजनीति में कांग्रेस और बीजेपी एक बड़े पद के लिए आमने-सामने हो सकती हैं। यह पद विधानसभा का है। दरअसल, विधानसभा में उपाध्यक्ष पद की मांग कांग्रेस की ओर से की जाएगी, ऐसी चर्चा पार्टी के अंदरखाने में चल रही है। माना तो यह भी जा रहा है कि मानसून सत्र के दौरान ही कांग्रेस इस मांग को उठा सकती है। हालांकि, इसमें एक बड़ा पेंच भी है, जिससे यह माना जा सकता है कि बीजेपी आसानी के कांग्रेस की इस मांग को पूरा नहीं करने वाली।
कांग्रेस ही कर चुकी है रास्ता बंद
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विपक्ष में बैठी कांग्रेस इस बार विधानसभा उपाध्यक्ष पद की मांग कर सकती है। नियमानुसार यह पद विपक्ष के हिस्से ही जाता था, लेकिन 2002 में कांग्रेस की अजीत जोगी सरकार ने अध्यादेश लाकर यह पद विपक्ष भाजपा से छीन लिया था। इसके बाद भाजपा की सरकार रही, लेकिन विधानसभा उपाध्यक्ष पद कांग्रेस के पास नहीं आ सका। कांग्रेस विधायक तो इस पद को चुनाव के जरिए भी हासिल करना चाहते हैं।
इस मामले में बीजेी नेतोओं का कहना है कि विधानसभा उपाध्यक्ष का पद कांग्रेस को कैसे मिल सकता है। तत्कालीन जोगी सरकार ने अध्यादेश लाकर बीजेपी से यह पद छीन लिया था। 2018 में जब कांग्रेस की सरकार बनी तो उसके पास पुरानी गलती सुधारने का मौका था, लेकिन उसने विधानसभा उपाध्यक्ष पद अपने ही पास रखा। अब वह किस मुंह से इस पद पर दावा कर रही है।