धमतरी सेक्स रैकेट: 4 लड़कियों के साथ संदिग्ध हालत में मिले 7 लड़के, लोगों ने घेरा मकान
मामला अर्जुनी थाना क्षेत्र का है। कार्रवाई के बाद गांव में चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई को अपर्याप्त बताते हुए मामले के कथित मुख्य संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है।
3-4 साल से जताया जा रहा था शक
ग्रामीणों का दावा है कि संबंधित मकान में पिछले 3-4 वर्षों से संदिग्ध गतिविधियों का शक था। उनका कहना है कि मकान में रात के समय अनजान लोगों का आना-जाना लगा रहता था। इसी आधार पर ग्रामीण लंबे समय से पुलिस से कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
गुरुवार को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मकान में दबिश दी। मौके पर मौजूद सभी लोगों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया।
ग्रामीणों ने SP कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
पुलिस कार्रवाई के बाद ग्राम विकास समिति के सदस्य और ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने मकान में चल रही कथित अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने और इसके पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि केवल मौके पर मिले लोगों के खिलाफ कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। उनका आरोप है कि इस पूरे मामले के पीछे कुछ अन्य लोग भी हो सकते हैं, जिनकी पुलिस को जांच करनी चाहिए।
कार्रवाई से संतुष्ट नहीं ग्रामीण
ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष टीकाराम साहू ने कहा कि ग्रामीण मुख्य रूप से ऐसी गतिविधियों को स्थायी रूप से रोकने और इसके पीछे जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे थे।
वहीं, सरपंच प्रतिनिधि खेमराज साहू ने कहा कि तत्काल पुलिस कार्रवाई हुई है, लेकिन ग्रामीण इससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि मामले में और ठोस कार्रवाई की जरूरत है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन कर सकते हैं।
एसपी ने कहा- सूचना मिलने पर होगी कार्रवाई
एसपी भावना पांडेय के मुताबिक, पुलिस ने 7 बालिग लोगों के खिलाफ धारा 151 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है और उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है।
एसपी ने ग्रामीणों से अपील की कि भविष्य में यदि गांव में इस तरह की कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद ग्रामीणों की मांग अब कथित मुख्य संचालक की पहचान और उसके खिलाफ कार्रवाई पर केंद्रित है। पुलिस की ओर से मामले में आगे की जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।