साइबर ठगी : डिजिटल अरेस्ट का डर; महिला को घर में बनाया बंधक, 1.04 करोड़ की बड़ी लूट

Umeshwari Baghel | May 09, 2026, 18:46 IST
Digital-Arrest-Scam-Chhattisgarh
बिलासपुर में साइबर पुलिस ने एक महिला से 1.04 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश किया। आरोपियों ने महिला को आतंकवादी संगठन से जुड़ा बताकर और फर्जी दस्तावेजों के जरिए उसे मानसिक दबाव में रखा।

NEWS IN SHORT

  • बिलासपुर में साइबर ठगी: महिला से 1.04 करोड़ की ठगी
  • राजस्थान से गिरफ्तार हुए साइबर ठग, पुलिस ने खोला बड़ा मामला
  • डिजिटल अरेस्ट की धमकी महिला को ठगों ने बनाया शिकार
  • 50 लाख की और मांग महिला की जिद से उजागर हुआ ठगी का खेल
  • राजस्थान से बिलासपुर तक साइबर पुलिस ने की कार्रवाई

NEWS IN DETAIL

Bilaspur। बिलासपुर साइबर पुलिस ने एक महिला से 1 करोड़ 4 लाख रुपये की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया। राजस्थान के चुरू जिले से दो आरोपितों को गिरफ्तार कर बिलासपुर लाया गया है।



महिला को आतंकवादी संगठन से जोड़ा गया

महिला की रिपोर्ट के मुताबिक, उसके माता के मोबाइल पर एक कॉल आई थी, जिसमें कॉलर ने खुद को संजय पीएसआई बताते हुए कहा कि महिला का नाम एक आतंकवादी संगठन से जुड़े मामले में आ गया है। साथ ही यह भी कहा गया कि महिला के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा चुका है। इस डर से महिला ने फोन पर घंटों तक वीडियो कॉल पर बंधक रहकर ठगी के शिकार हो गई।



फर्जी नोटिस और दस्तावेज भेजे गए

साइबर ठगों ने महिला को डराने के लिए फर्जी सरकारी नोटिस, ईडी जांच के दस्तावेज, सुप्रीम कोर्ट के आदेश और आरबीआई का नोटिस भेजे। महिला से कहा गया कि अगर उसने किसी को इस बारे में बताया, तो उसके परिवार के सदस्य भी झूठे आरोपों में फंसा दिए जाएंगे।



50 लाख की मांग और

1 करोड़ 4 लाख रुपये की ठगी के बाद, आरोपितों ने महिला से और 50 लाख रुपये की मांग की। जब महिला ने अपने बेटे को इस बारे में बताया, तो पूरा मामला उजागर हुआ और साइबर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।



राजस्थान तक पहुंची पुलिस की जांच

साइबर पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबर और डिजिटल ट्रांजेक्शन का बारीकी से विश्लेषण किया। इसके बाद आरोपितों को राजस्थान के चुरू जिले से गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन जब्त किए हैं।



आरोपियों ने कबूल किया अपराध

पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उन्होंने कमीशन के लालच में अपने बैंक खातों को साइबर ठग गिरोह को उपलब्ध कराया था। इस कार्रवाई के बाद पुलिस गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।



ठगी के तरीके

व्हाट्सएप कॉल पर खुद को संजय पीएसआई बताकर महिला से ठगी की शुरुआत की।


फर्जी ईडी, आरबीआई और सुप्रीम कोर्ट के नोटिस भेजकर मानसिक दबाव बनाया।


महिला से 50 लाख रुपये की और मांग की।


आरोपियों ने बैंक खाते दिए थे और कमीशन के बदले रकम की ट्रांसफर में मदद की।



पुलिस की नजर गिरोह के मास्टरमाइंड पर

साइबर पुलिस गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।



महत्वपूर्ण तथ्य

आरोपितों का नाम: रूपेन्द्र सिंह (21 वर्ष), विशाल सिंह (20 वर्ष)


ठगी की राशि : 1 करोड़ 4 लाख रुपये


आरोपियों के पास से जब्त सामग्री : बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन


पुलिस की कार्रवाई : गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी



साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश

बिलासपुर में साइबर ठगी का यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि साइबर अपराधी किस हद तक जा सकते हैं। पुलिस की सख्त कार्रवाई से अब और ठगों के पकड़ में आने की उम्मीद है।



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