DSP कल्पना वर्मा पर करोड़ों ऐंठने का आरोप लगाने वाला दीपक टंडन गिरफ्तार, AI से तस्वीरें एडिट कर करता था ब्लैकमेलिंग और उगाही

VINAY VERMA | Nov 07, 2026, 09:51 IST
DSP पर आरोप लगाने वाला होटल कारोबारी दीपक टंडन गिरफ्तार, AI से फोटो एडिट कर ब्लैकमेलिंग का खेल बेनकाब
Hotelier Deepak Tandon, who accused former DSP Kalpana Verma of financial exploitation, has been arrested over alleged AI-based image manipulation and blackmailing
छत्तीसगढ़ की सस्पेंडेड DSP कल्पना वर्मा पर प्यार के जाल में फंसाकर करोड़ों रुपए, महंगी कार और गहने लेने का आरोप लगाने वाला होटल कारोबारी दीपक टंडन खुद पुलिस के शिकंजे में आ गया है। बिलासपुर पुलिस ने उसे रायपुर से गिरफ्तार किया है। उस पर AI की मदद से लोगों की तस्वीरों से छेड़छाड़ कर आपत्तिजनक और भ्रामक खबरें प्रकाशित करने का आरोप है।

पुलिस के मुताबिक, दीपक इन खबरों के जरिए लोगों को बदनाम करने की धमकी देता था। फिर उनसे पैसे वसूलता था। आरोप है कि उसने इसके लिए यूट्यूब चैनल और 'हनी बैझर' नाम का न्यूज पोर्टल भी बना रखा था। गिरफ्तारी के बाद कल्पना वर्मा और दीपक टंडन के बीच चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है।



DSP पर आरोप लगाने वाला खुद ब्लैकमेलिंग के आरोप में घिरा

दीपक टंडन रायपुर में होटल कारोबार से जुड़ा है। आरोप है कि उसका असली कारोबार वसूली का है। अपनी इस वसूली को अंजाम देने के लिए दीपक टंडन ने यूट्यूब और हनी बैझर नाम का एक न्यूज पोर्टल भी तैयार करके रखा है। पुलिस के मुताबिक, वह लोगों की तस्वीरों को AI से एडिट कर आपत्तिजनक स्वरूप देता था। इसके बाद पोर्टल और सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें प्रकाशित कर संबंधित लोगों पर दबाव बनाया जाता था। आरोप है कि बदनामी का डर दिखाकर उनसे पैसे वसूले जाते थे।



बिलासपुर पुलिस ने रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर स्थित रजत प्राइम अपार्टमेंट में दबिश देकर दीपक को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि इनमें कई आपत्तिजनक फोटो, वीडियो और ऑडियो क्लिप मिले हैं। अब इन डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है।




खुली फर्जी पोर्टल के जरिए उगाही की कहानी

इस मामले की शिकायत 29 अक्टूबर को तिफरा के महाराणा प्रताप नगर निवासी मणीशंकर पांडेय ने सिरगिट्टी थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनकी तस्वीरों को AI के जरिए एडिट कर आपत्तिजनक और भ्रामक खबरें तैयार की गईं। इन्हें न्यूज पोर्टल और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उनकी छवि खराब करने और ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई।



पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की तो दीपक टंडन की भूमिका सामने आई। उसकी लोकेशन रायपुर में मिलने के बाद बिलासपुर पुलिस की टीम ने अपार्टमेंट में दबिश दी। पुलिस के मुताबिक, दीपक के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। अब यह भी जांच की जा रही है कि इस कथित ब्लैकमेलिंग के खेल में उसके साथ और कौन-कौन शामिल था।




क्या है DSP कल्पना वर्मा और दीपक टंडन का विवाद?

दीपक टंडन ने तत्कालीन DSP कल्पना वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए थे। उसका दावा था कि DSP ने पहले उसे प्यार के जाल में फंसाया और फिर शादी का झांसा देकर करोड़ों रुपए, महंगी कार और कीमती गहने ले लिए। उसने इस पूरे मामले को धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और रिश्वतखोरी से जोड़कर पेश किया था।



DSP कल्पना वर्मा की सफाई

दूसरी तरफ कल्पना वर्मा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि टंडन ने सोशल मीडिया से उनकी तस्वीरें निकालकर फर्जी चैट तैयार की हैं। उन्होंने कानूनी कार्रवाई की बात भी कही थी। कल्पना का आरोप था कि टंडन पैसे वापस नहीं कर पा रहा था, इसलिए उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।




गृह विभाग तक पहुंची जांच रिपोर्ट

इस विवाद की जांच रिपोर्ट गृह विभाग को भेजी जा चुकी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कल्पना वर्मा ने कारोबारी से बड़ी रकम और महंगे उपहार लिए। इसके अलावा वॉट्सऐप चैट के जरिए विभाग की गोपनीय जानकारियां साझा करने का आरोप भी सामने आया है। जांच के बीच कल्पना वर्मा को 5 फरवरी 2026 को सस्पेंड कर दिया गया था।



खुफिया जानकारी साझा करने का भी आरोप

ऐसे में मामला सिर्फ कारोबारी और पुलिस अधिकारी के निजी विवाद तक सीमित नहीं रह गया है। एक तरफ DSP पर लगे आर्थिक लेन-देन और गोपनीय जानकारी साझा करने के आरोपों की जांच है, तो दूसरी तरफ कारोबारी की गिरफ्तारी ने उसके खिलाफ ब्लैकमेलिंग और डिजिटल छेड़छाड़ के आरोप खड़े कर दिए हैं।



बड़ा सवाल यह है कि DSP पर लगाए गए आरोपों की जांच कहां तक पहुंची और कारोबारी की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे विवाद के पीछे की असल कहानी क्या निकलकर सामने आती है? फिलहाल पुलिस डिजिटल सबूतों और दूसरे आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।




यह खबर क्यों जरूरी है

पुलिस अधिकारी और आम नागरिक से जुड़े इस विवाद में आरोप दोनों तरफ से लगे हैं। एक ओर ब्लैकमेलिंग और AI से तस्वीरों के दुरुपयोग का मामला है, जो किसी की भी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकता है। दूसरी ओर पुलिस अधिकारी पर लगे आरोपों की जांच भी जरूरी है। इसलिए जांच में पारदर्शिता और निष्पक्षता, दोनों जनता के भरोसे के लिए अहम हैं।

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