टिकट का झांसा देकर धोखाधड़ी , DSP विशाल सोम पर संपत्ति कब्जाने का आरोप

VINAY VERMA | May 15, 2026, 17:42 IST
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संगीता शाह ने DSP विशाल सोम पर टिकट दिलाने का झांसा देकर करोड़ों की कंपनी और जमीन कब्जाने की साजिश का आरोप लगाया है। एसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की गई है।

छत्तीसगढ़ के चर्चित कारोबारी विवाद में अब पुलिस और राजनीति के कथित गठजोड़ की एंट्री ने नया बवाल खड़ा कर दिया है। करोड़ों की जमीन से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में कार्रवाई झेल रहीं संगीता केतन शाह ने अब (DSP) पुलिस अधिकारी विशाल सोम पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। अखबार में प्रकाशित आम सूचना के जरिए शाह ने दावा किया है कि पुलिसिया प्रभाव, राजनीतिक संपर्क और प्रशासनिक दबाव का इस्तेमाल कर उनकी कंपनी की संपत्तियों पर कब्जे की साजिश रची गई।



भाजपा टिकट दिलाने के नाम पर बढ़ीं नजदीकियां

संगीता शाह के मुताबिक, वर्ष 2013-14 में जब विशाल सोम दुर्ग जिले में थाना प्रभारी के रूप में पदस्थ थे, तभी दोनों के बीच संपर्क बढ़ा। कंपनी क्षेत्र का पुलिस अधिकारी होने के कारण उनका सिम्पलेक्स कास्टिंग्स में लगातार आना-जाना था। शाह का आरोप है कि इसी दौरान विशाल सोम खुद को भाजपा के बड़े नेताओं का करीबी बताकर वैशाली नगर विधानसभा सीट से टिकट दिलाने का भरोसा देने लगे।



चुनावी राजनीति में खाकी की कथित एंट्री

आम सूचना में दावा किया गया है कि नेताओं से मुलाकात और टिकट दिलाने के नाम पर कई बार आर्थिक लेनदेन हुआ। संगीता शाह ने आरोप लगाया कि चुनावी समय में विशाल सोम ने फर्जी मेडिकल लीव लेकर सक्रिय राजनीतिक भूमिका निभाई। रैलियों और चुनाव प्रचार में उनकी भागीदारी के आरोपों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है।



कंपनी के अंदरूनी विवाद बने कथित हथियार

संगीता शाह का कहना है कि कंपनी में लगातार आवाजाही के कारण विशाल सोम को सिम्पलेक्स कास्टिंग्स के अंदरूनी विवादों, जमीनों और वित्तीय मामलों की विस्तृत जानकारी मिल गई थी। आरोप है कि इसी जानकारी का इस्तेमाल कर कुछ जमीन कारोबारियों, सिविल ठेकेदारों, पुलिस अधिकारियों और परिचितों के साथ मिलकर कंपनी की चल-अचल संपत्तियों पर कब्जे की योजना बनाई गई।



पुलगांव से जुनवानी तक करोड़ों की संपत्तियों पर नजर

शाह ने आरोप लगाया कि पुलगांव स्थित कंपनी की जमीन, कोहका-जुनवानी क्षेत्र की प्रॉपर्टी, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, कंपनी वाहन और अन्य संपत्तियों को विवादित बनाकर कब्जाने की कोशिश की गई। उनका दावा है कि पूरे मामले की शिकायत उन्होंने 6 फरवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक से की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।



नेताओं और मंत्रियों से पहचान बताकर दबाव बनाने का आरोप

संगीता शाह ने कहा कि विशाल सोम खुद को बड़े नेताओं, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों का करीबी बताकर लगातार दबाव बनाते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी बंद करवाने, आर्थिक रूप से बर्बाद करने और सड़क पर लाने की धमकियां दी गईं। शाह का कहना है कि इन घटनाओं के चलते वे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान हैं और परिवार से अलग रहने को मजबूर हो गई हैं।



अब सिस्टम पर उठ रहे बड़े सवाल

एक तरफ करोड़ों की जमीन से जुड़ा कथित फर्जीवाड़ा और दूसरी तरफ एक पुलिस अधिकारी पर ब्लैकमेलिंग, राजनीतिक संरक्षण और संपत्ति कब्जाने की साजिश जैसे गंभीर आरोप… इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। अब नजर इस बात पर है कि क्या इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी या मामला रसूख और सिस्टम के दबाव में दबकर रह जाएगा।



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