दुर्ग में आधी रात तक छात्रों का चक्काजाम, प्रिंसिपल हटाए गए, आश्वासन के बाद थमा प्रदर्शन
समझें क्या है पूरा मामला
- शिक्षकों की कमी से परेशान 400 छात्र-छात्राएं सड़क पर उतर आए।
- छात्रों ने खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर 12 घंटे तक प्रदर्शन किया।
- छात्रों ने स्कूल में कम से कम 17 शिक्षकों की व्यवस्था करने की मांग।
- प्रशासन ने प्राचार्य को हटाने के साथ 4 नए शिक्षकों की व्यवस्था की।
- शिक्षा मंत्री से फोन पर आश्वासन मिलने के बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त किया।
दुर्ग जिले के पेंड्रावन स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्रों का प्रदर्शन करीब 12 घंटे तक चला। 9वीं से 12वीं तक के करीब 400 छात्र-छात्राओं ने मंगलवार दोपहर खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन रात 12 बजे तक जारी रहा।
बाद में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से फोन पर बातचीत और आश्वासन मिलने के बाद छात्रों ने प्रदर्शन खत्म किया। इसके बाद प्रशासन ने कई फैसले लिए, जिनमें प्राचार्य को हटाना और नए शिक्षकों की व्यवस्था करना शामिल है।
यह मामला शिक्षा व्यवस्था में लंबे समय से चली आ रही कमियों को उजागर करता है।
मौके पर पहुंचे कई अधिकारी
मौके पर SDOP (Sub Divisional Officer of Police), तहसीलदार, SDM (Sub Divisional Magistrate) और स्कूल शिक्षा विभाग के सहायक संचालक समेत कई अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे।
रात 12 बजे तक चले प्रदर्शन के दौरान बच्चों के लिए खाने की भी व्यवस्था की गई।
प्राचार्य हटाए गए, मिले 4 नए शिक्षक
छात्रों की मांग पर आत्मानंद स्कूल में चल रही ओपन स्कूल व्यवस्था अगले सत्र से खत्म करने का फैसला लिया गया। प्राचार्य को भी हटा दिया गया है।
शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए 4 नए शिक्षकों की व्यवस्था की गई है। अब स्कूल में कुल 7 शिक्षक होंगे। साथ ही नए प्राचार्य की भी नियुक्ति की गई है।
17 की मांग, मिले सिर्फ 7 शिक्षक
हालांकि छात्रों की मांग 17 शिक्षकों की थी। खासकर आर्ट्स और कॉमर्स के शिक्षकों की कमी को लेकर छात्र नाराज थे।
विभाग ने कॉमर्स के एक शिक्षक की जल्द व्यवस्था करने का आश्वासन दिया, लेकिन छात्र पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की व्यवस्था होने तक प्रदर्शन खत्म करने को तैयार नहीं थे। यानी समस्या का पूरा समाधान अभी नहीं हुआ है, सिर्फ आंशिक राहत मिली है।
4 दिन में मांग पूरी नहीं होने पर फिर उतरे सड़क पर
स्कूल में करीब 400 छात्र पढ़ते हैं। छात्रों के मुताबिक उन्हें पढ़ाने के लिए सिर्फ 3 शिक्षक और एक प्रिंसिपल थे, जबकि स्कूल में कम से कम 17 शिक्षकों की जरूरत है।
इसी समस्या को लेकर छात्रों ने 21 अगस्त को भी प्रदर्शन और चक्काजाम किया था। उस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी थीं, लेकिन 25 अगस्त तक उनकी मुख्य मांग पूरी नहीं हुई। इसके बाद मंगलवार को छात्र-छात्राएं दोबारा सड़क पर उतर गए।
12 घंटे तक जमे रहे छात्र
इस बार छात्रों ने करीब 12 घंटे तक चक्काजाम किया। उनका कहना था कि वे पढ़ाई छोड़कर सड़क पर बैठना नहीं चाहते, लेकिन पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
छात्रों का सवाल था कि जब 400 बच्चों के लिए पर्याप्त शिक्षक ही नहीं होंगे तो परीक्षा की तैयारी और सिलेबस कैसे पूरा होगा।
मंत्री से बात के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन
इस दौरान SDOP, तहसीलदार, SDM और स्कूल शिक्षा विभाग के सहायक संचालक ने भी छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्र अपनी मांगों से पीछे नहीं हटे। प्रदर्शनकारी कलेक्टर या शिक्षा मंत्री से मिलने की जिद पर अड़े रहे।
अंत में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से फोन पर बातचीत होने के बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त किया। इसी बातचीत के बाद प्रशासन ने प्राचार्य बदलने और नए शिक्षक भेजने का फैसला लिया।
शिक्षा मंत्री के गृह जिले में दो बार सड़क पर उतरे बच्चे
पेंड्रावन स्कूल दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र में आता है, जो शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का गृह जिला है। स्टूडेंट्स का कहना है कि स्कूल में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था करना शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है।
बता दें कि इससे पहले दुर्ग के सेलूद में भी छात्रों ने प्रदर्शन किया था। वहीं शिक्षक और शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी भी लगातार दुर्ग जिले में प्रदर्शन कर रहे हैं। यह बताता है कि शिक्षकों की कमी सिर्फ इसी स्कूल की समस्या नहीं, बल्कि पूरे जिले में एक बड़ा मुद्दा बन चुकी है।
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