चेतन साहू हत्याकांड में 3 आरोपियों को उम्रकैद, गर्लफ्रेंड ने दूसरे बॉयफ्रेंड संग मिलकर की थी हत्या
समझें क्या है पूरा मामला
- दुर्ग में चेतन साहू हत्याकांड में तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
- प्रथम अपर सत्र न्यायालय, दुर्ग ने 14 अक्टूबर 2026 को फैसला सुनाया।
- चेतन साहू की 29 दिसंबर 2024 को मारपीट में गंभीर चोटों के कारण मौत हुई थी।
- रोशनी लकड़ा, आकाश देशलहरा और कुलेश्वर साहू को मामले में दोषी ठहराया गया।
- अदालत ने आजीवन कारावास के साथ अर्थदंड भी लगाया है।
गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा था चेतन, विवाद के बाद हुई हत्या
पुलिस जांच के अनुसार, चेतन साहू दुर्ग की न्यू पुलिस लाइन का रहने वाला था। उसकी रोशनी लकड़ा से दोस्ती थी। दोनों की माताएं पुलिस विभाग में आरक्षक थीं और पुलिस लाइन में रहने के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी थीं।
बाद में रोशनी की मां का तबादला सरगुजा हो गया, जिसके बाद रोशनी भी अपनी मां के साथ वहां चली गई। इसी दौरान उसकी नजदीकियां एक अन्य युवक से बढ़ गईं। आरोप है कि चेतन लगातार उससे मिलने की कोशिश कर रहा था, जिससे परेशान होकर रोशनी ने इस बारे में अपने नए प्रेमी को जानकारी दी।
मिलने के बहाने बुलाया, फिर लाठी-डंडों से किया हमला
दिसंबर 2024 में रोशनी अपनी मां के साथ दुर्ग आई थी। पुलिस जांच के मुताबिक, 29 दिसंबर 2024 की रात करीब 8:30 बजे चेतन को कसारीडीह सिविल लाइन स्थित क्वार्टर के पास मिलने के लिए बुलाया गया था। आयुष्मान हॉस्पिटल के पास विवाद के बाद चेतन पर लाठी-डंडों और घातक हथियारों से हमला किया गया।
गंभीर चोटें लगने के कारण चेतन की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की।
रोशनी लकड़ा समेत तीन आरोपियों को ठहराया गया दोषी
पुलिस ने इस मामले में रोशनी लकड़ा, आकाश देशलहरा और कुलेश्वर साहू के साथ तीन नाबालिगों को भी पकड़ा था। मामले में हत्या समेत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया।
सुनवाई के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायालय, दुर्ग ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
BNS की अलग-अलग धाराओं में सुनाई गई सजा
उपलब्ध सजा वारंट के अनुसार, दोषियों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1)/190 और 61(2) के तहत आजीवन कारावास तथा 500-500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
इसके अलावा, धारा 191(2) के तहत दो साल और धारा 191(3) तथा 118(1) के तहत तीन-तीन साल के कारावास की सजा भी सुनाई गई है। इन धाराओं के तहत अर्थदंड भी लगाया गया है।
अदालत ने सभी सजाओं को साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है। साथ ही, न्यायिक अभिरक्षा में पहले बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का निर्देश दिया गया है।
करीब 10 महीने बाद आया फैसला
29 दिसंबर 2024 को हुए इस हत्याकांड में अदालत ने 14 अक्टूबर 2026 को फैसला सुनाया। मामले की विवेचना निरीक्षक केशव राम कोसले ने की थी। फैसले के बाद चेतन साहू हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है।