दुर्ग जेडी स्टील प्लांट में ठेकेदार पर गिरा 1600°C पिघला लोहा, अस्पताल में तोड़ा दम

Harrison Masih | Oct 20, 2026, 10:33 IST
दुर्ग जेडी स्टील प्लांट हादसे में ठेकेदार की मौत
दुर्ग जिले के बोरई रसमड़ा में जेडी स्टील प्लांट हादसा हो गया। पिघला लोहा गिरने से ठेकेदार की मौत हुई है। मृतक ठेकेदार संतोष कुमार श्रीवास्तव (42) थे। 17 अक्टूबर की रात करीब 1 बजे हादसा हुआ। मशीन से निकला पिघला लोहा उनके शरीर पर गिर गया। लोहे का तापमान 1500 से 1600 डिग्री सेल्सियस बताया गया है।

वीडियो वायरल होने से यह दुर्ग स्टील प्लांट हादसा चर्चा में है।



समझें क्या है पूरा मामला

  • संतोष कुमार श्रीवास्तव बोरई के इस्पात संयंत्र में ठेकेदारी करते थे।
  • जेडी स्टील प्लांट में 17 अक्टूबर की रात करीब 1 बजे हादसा हुआ।
  • टिंडिस मशीन का नोजल नीचे आया और संतोष पर पिघला लोहा गिरा।
  • संतोष की भिलाई सेक्टर-9 अस्पताल में दोपहर करीब 3:30 बजे मौत हो गई।
  • पुलिस ने अंजोरा चौकी मर्ग दर्ज किया है और जांच कर रही है।

पिघला लोहा कैसे गिरा शरीर पर?

पुलिस के मुताबिक संतोष स्टील प्लांट में ठेकेदारी का काम करते थे। टिंडिस मशीन के एक हिस्से का नोजल (तरल बाहर निकालने वाला मुंह) नीचे आ गया। इसी दौरान मशीन से निकला पिघला लोहा संतोष के शरीर पर गिर गया।



पिघले लोहे की चपेट में आने से संतोष का पूरा शरीर गंभीर रूप से झुलस गया। तस्वीर के कैप्शन के मुताबिक उनका शरीर 100 फीसदी झुलस गया था। उन्हें तुरंत सेक्टर-9 अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत गंभीर थी।



डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया। 17 अक्टूबर को दोपहर करीब 3:30 बजे उनकी मौत हो गई। संतोष को बचाया नहीं जा सका।




बिहार के संतोष, छत्तीसगढ़ में काम

संतोष कुमार श्रीवास्तव बिहार के पूर्वी चंपारण के रहने वाले थे। उनका पता ग्राम श्यामपुर, थाना सुगौली, जिला पूर्वी चंपारण है। वह काम के सिलसिले में छत्तीसगढ़ आए थे। बोरई औद्योगिक क्षेत्र के इस्पात संयंत्र में वह ठेकेदारी कर रहे थे।



18 अक्टूबर को दोपहर पोस्टमॉर्टम किया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव बिहार ले गए।



प्लांट का निर्माण जारी, कुछ हिस्से चालू

बताया गया है कि प्लांट का निर्माण कार्य अभी जारी है। इसके कुछ हिस्सों में काम शुरू हो चुका है। हादसा इसी कार्यरत हिस्से में हुआ। संतोष JD Ispat के इस प्लांट में ठेकेदारी करते थे।



हादसे से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें आग की लपटों से घिरा एक व्यक्ति सीढ़ियों से नीचे भागता दिखता है। आसपास मौजूद लोग उसे बचाने की कोशिश करते नजर आते हैं। वहां अफरा-तफरी जैसी स्थिति दिखाई देती है। पूरे घटनाक्रम की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।




जिला पंचायत सदस्य का दावा

जिला पंचायत सदस्य प्रिया साहू ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका दावा कंपनी के एक दूसरे प्लांट को लेकर है। उनके मुताबिक करीब 2 साल पहले वहां मजदूर की जलने से मौत हुई थी। तब मृतक के परिवार को मुआवजे के लिए धरने पर बैठना पड़ा था।



प्रिया साहू के अनुसार धरने के बाद कंपनी ने मुआवजा दिया। राशि 10 लाख रुपए बताई गई (यह आंकड़ा अभी confirm नहीं हुआ है)। प्रिया साहू ने मौजूदा हादसे में कंपनी के रवैये पर असंतोष जताया है।



प्रबंधन ने बात करने से किया इनकार

जेडी इस्पात के मालिक अभिषेक गोयल को फोन किया गया। उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला। इसके बाद टीम कंपनी परिसर पहुंची। प्रबंधन ने मिलने से इनकार कर दिया। गार्ड के जरिए बात न करने की सूचना भिजवाई गई। कंपनी का आधिकारिक पक्ष अब तक नहीं आया है।



हादसे के कारणों और मशीन के संचालन पर कोई जवाब नहीं मिला। स्टील प्लांट में मजदूर सुरक्षा पर भी कंपनी ने कुछ नहीं कहा।




अंजोरा चौकी मर्ग और पुलिस जांच

भिलाई के एएसपी (ASP - Additional Superintendent of Police) शोभराज अग्रवाल ने जानकारी दी। पुलिस ने अंजोरा चौकी मर्ग (अस्वाभाविक मौत की जांच का रिकॉर्ड) कायम किया है। यह कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत हुई। पुलिस हादसे की परिस्थितियों और मौत से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।



आगे क्या?

यह छत्तीसगढ़ औद्योगिक हादसा अब पुलिस जांच के दायरे में है। दुर्ग स्टील प्लांट हादसा में कंपनी का पक्ष आना बाकी है। जांच पूरी होने तक हादसे की वजह पर कुछ तय नहीं है। यह Bhilai news औद्योगिक इलाके के कामगारों से सीधे जुड़ी है। प्रिया साहू के दावे पर भी कंपनी का जवाब आना बाकी है। अब नजर पुलिस जांच और कंपनी के जवाब पर है।



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