दुर्ग ड्रग नेटवर्क : अफीम खेत से होटल-ढाबों तक फैला कारोबार

Rajesh Lahoti | Mar 15, 2026, 21:10 IST
Photograph: (the sootr)
दुर्ग में अफीम की खेती पकड़े जाने के बाद पुलिस ने लोकल सप्लाई नेटवर्क का भी भंडाफोड़ किया है। सिमगा-बेमेतरा के पास दो होटल-ढाबों में छापे में 300 ग्राम से ज्यादा अफीम और नकदी बरामद हुई। दोनों संचालकों को गिरफ्तार कर संस्थान सील कर दिए गए हैं।

RAIPUR. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अफीम का अवैध कारोबार तेजी से फैलता दिख रहा है। पहले पुलिस ने अफीम की खेती पकड़ी थी, अब होटल-ढाबों तक नेटवर्क पहुंचा। पुलिस की जांच में सामने आया कि अफीम और डोडा की सप्लाई स्थानीय स्तर पर हो रही थी। यह नेटवर्क दुर्ग से रायपुर और आसपास के कई इलाकों तक सक्रिय था। दुर्ग पुलिस ने इस पूरे मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और नेटवर्क बड़ा हो सकता है।



पुलिस छापे में होटल और ढाबे से अफीम बरामद

दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि पुलिस को पहले गिरफ्तार आरोपियों से जानकारी मिली। इन सुरागों के आधार पर पुलिस ने सिमगा-बेमेतरा इलाके में छापेमारी की। पुलिस टीम ने कठिया गांव के पास स्थित रामदेव होटल में छापा मारा। इसके साथ ही राजस्थानी हाईवे ढाबा में भी पुलिस ने अचानक कार्रवाई की।



छापे के दौरान पुलिस को दोनों जगहों से अफीम और चुक्की मिली। पुलिस ने यहां से तीन सौ ग्राम से ज्यादा अफीम और नकदी बरामद की। जांच में पता चला कि यह अफीम स्थानीय ग्राहकों को बेची जा रही थी। ढाबे और होटल की आड़ में यह पूरा अवैध कारोबार चल रहा था।



राजस्थान से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दोनों संस्थानों के संचालकों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम रणछोड़ उर्फ रणजीत और सुनील देवासी बताए गए। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं। दोनों लंबे समय से होटल और ढाबे की आड़ में अफीम बेच रहे थे।



पुलिस ने दोनों होटल और ढाबों को सील कर दिया है। साथ ही पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।



अफीम की खेती से शुरू हुआ पूरा मामला

दरअसल कुछ दिन पहले दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती पकड़ी गई थी। यह खेती समोदा इलाके में खेत के अंदर गुप्त तरीके से की जा रही थी। इस मामले में खेत मालिक विनायक ताम्रकार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसके साथ विकास विश्नोई और छोटू राम समेत चार आरोपी पकड़े गए।



पुलिस का मानना है कि इस खेती के पीछे भी राजस्थान गैंग का हाथ था। जांच में यह भी सामने आया कि अफीम का पूरा नेटवर्क पहले से तैयार था। अफीम फल और डोडा को अलग-अलग जगहों तक सप्लाई किया जा रहा था।



दुर्ग से रायपुर तक फैला सप्लाई नेटवर्क

पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि अफीम दुर्ग से बाहर भी भेजी जा रही थी। यह सप्लाई रायपुर और दुर्ग संभाग के कई शहरों तक पहुंच रही थी। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के डिजिटल और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं।



पुलिस को शक है कि कुछ और होटल और ढाबे भी इस नेटवर्क में जुड़े हो सकते हैं। इसी कारण पुलिस अलग-अलग जगहों पर निगरानी बढ़ा रही है। सरकार के सख्त निर्देश के बाद पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की हर कड़ी तक पहुंचेंगे।



पुलिस का साफ संदेश

दुर्ग पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई होगी। जो भी लोग इस नेटवर्क से जुड़े होंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी विजय अग्रवाल ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाना जरूरी है। इसी कारण पुलिस लगातार ड्रग नेटवर्क पर नजर रख रही है।



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