दुर्ग पुलिस का बड़ा एक्शन : 7.88 करोड़ की अफीम खाक

Umeshwari Baghel | Jun 04, 2026, 23:08 IST
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दुर्ग रेंज पुलिस ने समोदा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 7.88 करोड़ रुपए मूल्य की अवैध अफीम को वैज्ञानिक व सुरक्षित तरीके से नष्ट किया है। यह कार्रवाई कोर्ट और पर्यावरण विभाग के नियमों के तहत पूरी की गई।

NEWS IN SHORT

  • दुर्ग पुलिस ने समोदा में 7.88 करोड़ रुपए मूल्य की अफीम नष्ट की
  • एनडीपीएस एक्ट के तहत अवैध अफीम का वैज्ञानिक नष्टिकरण
  • आठ गिरफ्तार आरोपितों की निगरानी में मादक पदार्थ नष्ट
  • सुरक्षित प्रक्रिया से पूरा हुआ अफीम नष्टिकरण अभियान
  • नशे के अवैध कारोबार पर दुर्ग पुलिस की प्रभावी कार्रवाई

NEWS IN DETAIL

Durg। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत दुर्ग रेंज पुलिस ने समोदा क्षेत्र में जब्त मादक पदार्थों का विधिवत नष्टिकरण कर बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई उस चर्चित अवैध अफीम खेती मामले के तहत हुई, जिसमें लगभग 7.88 करोड़ रुपए मूल्य के मादक पदार्थ शामिल थे।



अवैध अफीम की खेती का खुलासा

गौरतलब है कि 6 मार्च 2026 को समोदा क्षेत्र में पुलिस ने अवैध अफीम की खेती का खुलासा किया था। इस मामले में नेता विनायक ताम्रकार समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। सभी आरोपित वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला कि अवैध खेती का यह नेटवर्क व्यवस्थित तरीके से संचालित हो रहा था और इसका असर स्थानीय स्तर पर नशे के कारोबार पर भी पड़ा था।



समीपवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई संभव हुई। पुलिस ने बताया कि आरोपी खेती से होने वाले मुनाफे का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों और नशे के कारोबार में कर रहे थे।



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जब्त मादक पदार्थों का नष्टिकरण

पुलिस ने थाना पुलगांव में दर्ज अपराध क्रमांक 247/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के अंतर्गत 14 लाख 30 हजार 100 अफीम के पौधों को नष्ट किया। इसमें जड़, तना, पत्ती, फूल और फल शामिल थे। कुल वजन 62,422.2 किलोग्राम था। इसके अतिरिक्त 62.540 किलोग्राम अफीम का सूखा फल (डोडा) और 572 ग्राम अफीम युक्त मिश्रित डोडा बुक्की का भी विधिवत नष्टिकरण किया गया।



नष्टिकरण प्रक्रिया में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, उप पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग, आबकारी उपायुक्त शशांक कुमार और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों की निगरानी में पूरी प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुसार पूरी की गई।



सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से नष्टिकरण

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मादक पदार्थों को नष्ट करने से पहले पर्यावरण विभाग और अन्य संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति ली गई थी। प्रक्रिया के दौरान विशेष वैज्ञानिक उपकरणों और विधियों का उपयोग किया गया ताकि न केवल पदार्थ पूर्णतया नष्ट हों, बल्कि किसी प्रकार का पर्यावरणीय नुकसान न हो।



अधिकारियों ने कहा कि जब्त मादक पदार्थों का वैधानिक नष्टिकरण नशे के अवैध कारोबार पर नियंत्रण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर नशे के कारोबारियों के लिए चेतावनी जाएगी, बल्कि यह न्यायिक कार्रवाई का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।



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पुलिस का बयान

पुलिस ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत यह कार्रवाई कानूनन आवश्यक थी। वरिष्ठ अधिकारीयों ने बताया कि नष्टिकरण की प्रक्रिया में सभी कानूनी प्रावधानों का पालन किया गया और यह भविष्य में ऐसे अवैध मादक पदार्थों के कारोबारियों के लिए चेतावनी साबित होगी।



साथ ही पुलिस ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे किसी भी अवैध खेती या नशे के कारोबार की सूचना तुरंत संबंधित थाने को दें। अधिकारियों के अनुसार इस तरह की कार्रवाईयों से न केवल अपराध पर अंकुश लगेगा, बल्कि युवा वर्ग को भी नशे से दूर रखने में मदद मिलेगी।



नशे के खिलाफ पुलिस की सतत कार्रवाई

दुर्ग रेंज पुलिस लगातार नशे के खिलाफ (नशा मुक्ति अभियान) अभियान चला रही है। पिछले कुछ महीनों में कई बड़े मामलों में अवैध अफीम, गांजा और अन्य मादक पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने कहा कि प्रत्येक कार्रवाई में कानूनी प्रक्रिया का पालन करना और पर्यावरणीय मानकों का ध्यान रखना पुलिस की प्राथमिकता है।



विशेष रूप से समोदा क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती को रोकने के लिए पुलिस ने लगातार निगरानी बढ़ाई है। इससे पहले भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में गुप्त सूचना और त्वरित कार्रवाई के आधार पर कई बड़े नशे के कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया।



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स्थानीय प्रशासन और न्यायिक सहयोग

इस कार्रवाई में न केवल पुलिस बल्कि आबकारी विभाग और पर्यावरण विभाग ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। अधिकारियों ने बताया कि न्यायिक प्रक्रिया के तहत नष्टिकरण करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि सभी कानूनी बाध्यताओं को पूरा किया जा सके।



अधिकारियों के अनुसार इस प्रकार के वैधानिक नष्टिकरण से नशे के कारोबारियों को स्पष्ट संदेश जाता है कि अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



निष्कर्ष

पुलिस कार्रवाई :दुर्ग पुलिस ने समोदा में पकड़े गए 7.88 करोड़ रुपए मूल्य के अवैध अफीम को सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया। आठ गिरफ्तार आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। कार्रवाई पर्यावरण और न्यायिक मानकों के अनुसार पूरी की गई। इस कदम से नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद है।



FAQ

  1. जब्त और नष्ट किए गए मादक पदार्थों का मूल्य कितना था?
    पुलिस ने कुल लगभग 7.88 करोड़ रुपए मूल्य के मादक पदार्थों को जब्त और विधिवत नष्ट किया।
  2. कितनी मात्रा में मादक पदार्थ नष्ट किए गए?
    कुल 62,422.2 किलोग्राम अफीम के पौधे, 62.540 किलोग्राम अफीम का सूखा फल (डोडा) और 572 ग्राम मिश्रित डोडा बुक्की विधिवत नष्ट किए गए।
  3. क्या नष्टिकरण प्रक्रिया कानूनी और सुरक्षित थी?
    हाँ। पर्यावरण और संबंधित विभागों की अनुमति लेकर वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित नष्टिकरण किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में यह कार्रवाई पूरी हुई।

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