छत्तीसगढ़ शिक्षा संकट : सत्र शुरू, किताबें गायब, बोर्ड परीक्षा दूर नहीं

Aishwarya Dwivedi | Jun 23, 2026, 18:52 IST
शिक्षा-संकट-सत्र-किताबें-गायब
छत्तीसगढ़ में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए दिन बीत गए पर अधिकांश निजी स्कूलों को पाठ्यपुस्तकें नहीं मिलीं। अशासकीय विद्यालय संघ ने 25 जून को स्कूल बंद रखने और 5 जुलाई तक रायपुर में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

समझें क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ में नया शैक्षणिक सत्र 16 जून से शुरू हो चुका है लेकिन अधिकांश निजी स्कूलों को अभी तक पाठ्यपुस्तकें नहीं मिली हैं। इससे नाराज अशासकीय विद्यालय संचालक संघ ने 25 जून को प्रदेशभर के सभी निजी स्कूल बंद रखने का ऐलान किया है। उस दिन जिला मुख्यालयों में कलेक्टर कार्यालय के सामने प्रदर्शन होगा। संघ ने 5 जुलाई तक किताबें न मिलने पर रायपुर में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। पाठ्य पुस्तक निगम ने 21 जुलाई तक वितरण का आश्वासन दिया है।



सत्र शुरू — किताबें नहीं

नया शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू हो चुका है। लेकिन अधिकांश निजी विद्यालयों को अब तक पूरी पाठ्यपुस्तकें नहीं मिल पाई हैं। पाठ्य पुस्तक निगम ने 21 जुलाई तक वितरण की बात कही है। संघ का कहना है कि सत्र शुरू होने के एक महीने बाद किताबें मिलना पढ़ाई के लिए बेहद नुकसानदेह है। इससे पाठ्यक्रम समय पर पूरा करना मुश्किल हो जाएगा।



पिछले साल भी यही हुआ था

यह समस्या नई नहीं है। सत्र 2025-26 में पाठ्यपुस्तक वितरण व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई थी। कई स्कूलों को सितंबर तक किताबें नहीं मिलीं और कुछ विषयों की किताबें पूरे साल उपलब्ध ही नहीं हुईं। पिछले साल निगम ने छह डिपो के जरिए वितरण का नया तरीका अपनाया था। यह व्यवस्था भी सफल नहीं रही और अधिकांश स्कूलों को आधी-अधूरी किताबें ही मिल सकीं। किताबों पर बारकोड स्कैनिंग प्रणाली लागू होने से भी नई दिक्कतें पैदा हुईं।



आश्वासन दिया था — पर बदला कुछ नहीं

संघ के अनुसार पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष और अधिकारियों के साथ कई बैठकें हो चुकी हैं। अधिकारियों ने वादा किया था कि सत्र 2026-27 से निजी स्कूलों को भी संकुल स्तर पर किताबें मिलेंगी। यह वादा इस सत्र में भी पूरा नहीं हुआ। संघ के जिलाध्यक्ष मनोज पांडेय और सचिव आलोक शुक्ला ने कहा कि सालों से चली आ रही व्यवस्था को बिगाड़ दिया गया है और अब उसे सुधारने की इच्छाशक्ति नहीं दिख रही।



25 जून को बंद रहेंगे स्कूल

छत्तीसगढ़ राज्य अशासकीय विद्यालय संचालक संघ ने 25 जून को प्रदेशभर के सभी निजी स्कूलों में अध्यापन कार्य बंद रखने का ऐलान किया है। उस दिन सभी जिला मुख्यालयों में कलेक्टर कार्यालय के सामने प्रदर्शन होगा। संघ ने स्पष्ट किया है कि यह कदम छात्रों के हित में उठाया जा रहा है। किताबें न मिलने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।



5 जुलाई की डेडलाइन

संघ ने सरकार को 5 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया है। अगर तब तक संकुल स्तर पर पाठ्यपुस्तक वितरण शुरू नहीं हुआ तो प्रदेशभर के स्कूल संचालक, शिक्षक और अभिभावक मिलकर रायपुर में व्यापक आंदोलन करेंगे।



फरवरी में बोर्ड परीक्षा

इस साल बोर्ड परीक्षाएं फरवरी में प्रस्तावित हैं। ऐसे में सत्र की शुरुआत में ही किताबें न मिलना छात्रों पर दोहरा बोझ डालेगा। संघ का कहना है कि यह केवल स्कूलों की समस्या नहीं है। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला है और सरकार को तत्काल दखल देना चाहिए।



मुख्यमंत्री से माँग

संघ ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि पाठ्यपुस्तक निगम के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही निजी स्कूलों को भी तत्काल संकुल स्तर पर किताबें उपलब्ध कराई जाएं।



TIMELINE

  • 2025-26 सत्र — किताबें सितंबर तक नहीं मिलीं, कुछ विषय पूरे साल अनुपलब्ध
  • निगम का वादा — 2026-27 से संकुल स्तर पर वितरण होगा
  • 16 जून 2026 — नया सत्र शुरू, किताबें अभी भी नहीं
  • 25 जून 2026 — प्रदेशभर के निजी स्कूल बंद, कलेक्टर दफ्तर पर प्रदर्शन
  • 5 जुलाई 2026 — डेडलाइन, नहीं सुधरा तो रायपुर में बड़ा आंदोलन
  • 21 जुलाई 2026 — निगम का वितरण पूरा करने का लक्ष्य फरवरी
  • 2027 — बोर्ड परीक्षाएं प्रस्तावित

FAQ

  1. 25 जून को छत्तीसगढ़ में निजी स्कूल क्यों बंद रहेंगे?
    उ. पाठ्यपुस्तक वितरण में देरी से नाराज अशासकीय विद्यालय संचालक संघ ने 25 जून को प्रदेशभर के निजी स्कूल बंद रखने का ऐलान किया है। उस दिन जिला मुख्यालयों में कलेक्टर कार्यालय के सामने प्रदर्शन होगा। नया सत्र शुरू हो चुका है लेकिन अधिकांश स्कूलों को अभी तक किताबें नहीं मिली हैं।
  2. पाठ्यपुस्तक निगम ने किताबें कब तक देने का वादा किया है?
    उ. छत्तीसगढ़ राज्य पाठ्य पुस्तक निगम ने 21 जुलाई तक वितरण पूरा करने की बात कही है। लेकिन संघ का कहना है कि सत्र शुरू होने के एक महीने बाद किताबें मिलना पढ़ाई के लिए नुकसानदेह है। इस समयसीमा में और बदलाव की आशंका भी जताई जा रही है।
  3. 5 जुलाई तक किताबें नहीं मिलीं तो क्या होगा?
    उ. संघ ने 5 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया है। अगर तब तक संकुल स्तर पर वितरण शुरू नहीं हुआ तो स्कूल संचालक, शिक्षक और अभिभावक मिलकर रायपुर में बड़ा आंदोलन करेंगे। संघ ने मुख्यमंत्री से जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की माँग भी की है।

ये खबरें भी पढ़ें...

एमपी के कॉलेजों में सिलेबस तैयार नहीं, नया शैक्षणिक सत्र 1 जुलाई से होना है शुरू



कैसे शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र... अभी तक नहीं छपी किताबें



नए शैक्षणिक सत्र से पहले 4500 शिक्षकों की लिस्ट तैयार, क्या नई भर्ती करने जा रही सरकार ? CG News



नए शैक्षणिक सत्र से पहले 4500 शिक्षकों कि लिस्ट तैयार, भर्ती करने जा रही सरकार



Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर
  • नया शैक्षणिक सत्र
  • कलेक्टर कार्यालय
  • पाठ्यपुस्तक निगम