छत्तीसगढ़ में हटाए गए तीनों IPS अफसरों को मिली विशेष सचिव की जिम्मेदारी, कई को पीएचक्यू किया अटैच
RAIPUR. छत्तीसगढ़ में आचार संहिता लगते ही चुनाव आयोग ने कमान संभाल ली है। इसके साथ ही सख्ती भी शुरू कर दी है। बुधवार रात को चुनाव आयोग ने छत्तीसगढ़ के तीन आईपीएस अफसर और दो राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों को पद से हटा दिया है। इसके बाद राज्य सरकार ने बिलासपुर कलेक्टर संजीव झा, रायगढ़ कलेक्टर तारन सिन्हा और खाद्य विभाग में विशेष सचिव मनोज सोनी को तत्काल भारमुक्त कर दिया है।
हटाए गए अधिकारियों को पदस्थापना दी
इस कार्रवाई के बाद दो आदेश जारी किए गए। इसमें हटाए गए तीनों ही अधिकारियों को अब मंत्रालय में विशेष सचिव के रूप में पदस्थापना भी दे दी गई है। इससे पहले आयोग ने इन अफसरों को चुनावी कामकाज से पृथक करने का आदेश जारी कर दिया था। वहीं, एक दूसरे आदेश में राज्य सरकार के गृह विभाग ने राजनांदगांव एसपी अभिषेक मीणा, दुर्ग एसपी शलभ सिन्हा, कोरबा एसपी उदय किरण, बिलासपुर में पदस्थ एडिशनल एसपी अभिषेक माहेश्वरी, और दुर्ग में पदस्थ एडिशनल एसपी संजय ध्रुव को पीएचक्यू में पदस्थ कर दिया है।
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चुनाव नियमों के खिलाफ काम कर रहे थे ये अफसर
इस कार्रवाई के बाद चुनाव आयोग ने पत्र मुख्य सचिव अमिताभ जैन को भेजा है। प्रदेश के मुख्य सचिव अमिताभ जैन से कहा गया है कि इन अफसरों से चार्ज लेकर तत्काल नए अधिकारियों को तैनात करें। इसके साथ ही अफसरों का पैनल भी मांगा गया ताकि नए अफसरों को वहां पदस्थ किया जा सके। आयोग को छत्तीसगढ़ से ऐसे इनपुट मिले थे कि ये अधिकारी चुनाव नियमों के खिलाफ काम कर रहे हैं। बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने पिछले कुछ अरसे में छत्तीसगढ़ के 48 अफसरों की शिकायत चुनाव आयोग से की है। इन पर कांग्रेस सरकार से जुड़े होने का आरोप भी लगाया गया था।
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